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उत्तर प्रदेश

लखनऊ के पत्रकारों से उलझने वाले मनोज सिंह की पढ़ें पूरी कुंडली

संतोष के शर्मा-

फ्रॉड्तम Y श्रेणी भाजपाई की गुंडई, वसूली की FIR. दिसंबर 23 में स्मारक समिति के मैनेजर ने इसी चटोरी गली के दुकानदारों से वसूली की नामजद FIR गौतमपल्ली थाने में दर्ज करवाई थी जहां के SHO के सामने बैठकर ये गुंडई कर रहा था।


अरे इस फ्रा़डतम Y श्रेणी भाजपाई तो गजब है धोखे से किसी का पैसा इसकी मातृशक्ति कंपनी में ट्रांसफर हो गया तो पट्ठा वह भी पैसा डकार गया। हजरतगंज में भी FIR दर्ज है। जो योगी आदित्यनाथ की फोटो के साथ छेड़छाड़ करने के बाद Y श्रेणी लेकर भाजपाई बन सकता है तो कुछ भी कर सकता है।


आदित्य तिवारी-

फ्रॉड मनोज सिंह की कहानी के किस्से दिनों दिन बढ़ते ही जा रहे हैं…लेकिन Y श्रेणी की सुरक्षा मिलने का मामला तो बहुत ही गजब है…मनोज सिंह चटोरी गली में गनर लेकर कैसे वसूली करता है इसकी सच्चाई यह खबर पढ़ कर आप समझ सकते हैं…खुद LDA के तत्कालीन अधिकारियों ने दुकानदारों से जब बात की तो उन्होंने बताया कि मनोज सिंह रोज वसूली करता है.

खबर थोड़ा पुरानी है लेकिन वसूली और पुलिस की मिली भगत भी उजागर कर रही है। किस तरीके से पुलिस के द्वारा मनोज सिंह को वसूली करने का संरक्षण प्राप्त है इसका उदाहरण भी माना जा सकता है…क्योंकि मनोज सिंह ने जिस तरीके से पांच जनवरी की रात गौतम पल्ली थाने में उत्पात मचाया और पुलिस वालों को ऑर्डर देता रहा…इसके पीछे की मुख्य वजह वसूली का हिस्सा कहीं न कहीं उन सब को भी मिलता होगा…जिनके संरक्षण में वह चटोरी गली में Y श्रेणी की सुरक्षा लेकर वसूली करता है.

सत्ता का पट्टा ओढ़ कर वह खुद की तुलना पीएम मोदी- योगी से कर रहा है… लेकिन अभी तक फ्रॉड मनोज सिंह के खिलाफ दर्जनों मुकदमे दर्ज होने के बावजूद उसकी Y श्रेणी की सुरक्षा ना हटाई गई और ना ही उसकी गुंडई करने पर उसे सजा मिली है. आप समझ सकते हैं ऐसे लोग राजधानी लखनऊ ही नहीं पूरे प्रदेश के लिए घातक साबित हो सकते हैं.

आखिर कौन सी मजबूरी है जिसने सपा में गुंडई और वसूली करने वाले को बीजेपी में आने के बाद वाई श्रेणी मिल गई…और सत्ता का पट्टा लगाकर वह खुद को सामाजिक न्याय का पुरोधा साबित करने में जुटा है.

आगे पढ़िए इसके फ्रॉड के क्या मामले है…

आरएलडी के प्रवक्ता से 80000 रुपए गलती से इसके खाते में ट्रांसफर हो गए तो पति-पत्नी इस न तो रुपए दिए ऊपर से धमकी देना शुरू कर दिया फिलहाल हजरतगंज पुलिस ने इस पूरे मामले में मनोज सिंह व पत्नी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. बलिया में मुख्यमंत्री की फोटो हटाकर मुख्य सचिव के साथ खुद की फोटो लगा ली इस पूरे मामले में पुलिस ने खुद मुकदमा दर्ज कराया. चार्जशीट दाखिल की है…लेकिन अब तक एक दर्जन के करीब मनोज सिंह के ऊपर मुकदमे दर्ज हैं लेकिन ना तो इस जालसाज पर गैंगस्टर की कार्यवाही हुई और ना ही इसके धंधे पर कोई असर पड़ा.

मनोज सिंह, जो खुद को सरकार का करीबी बताने का दावा करता है, वास्तव में बैरिया के करन छपरा गांव का रहने वाला है। उसकी असलियत और अतीत, दोनों ही काफी दिलचस्प और विवादों से भरे हुए हैं।

गांव से शुरुआत और बर्बादी का सफर
मनोज सिंह आदतन गंजेड़ी था। उसने अपने परिवार की सारी जमीन गांजे के धुएं में उड़ा दी। जब सबकुछ बिक गया, तो उसने एक टेंपो खरीदा और बैरिया में चलाने लगा। लेकिन यह काम भी ज्यादा दिनों तक नहीं चला। बर्बादी के इस सिलसिले के बाद, वह अपनी किस्मत आजमाने मुंबई चला गया।

मुंबई में छल और संपत्ति हथियाने की कहानी
मुंबई में इसके किसी परिचित ने इसे एक क्रिश्चन व्यापारी के यहां ड्राइवर की नौकरी दिलवाई। वहां मनोज ने व्यापारी की इकलौती बेटी को अपने जाल में फंसा लिया और शादी कर ली। शादी के बाद उसने धीरे-धीरे उसकी संपत्ति भी हथिया ली। लेकिन इसके चालाकी भरे काम ज्यादा दिनों तक छिपे नहीं रह सके।

गांव वापसी और राजनीति में एंट्री
मुंबई से पुलिस के डर से भागकर यह अपने गांव लौटा। यहां इसे नेतागीरी का शौक चढ़ा। अखिलेश यादव की सरकार में यह किसी संगठन का पदाधिकारी बन गया। विधानसभा टिकट की दौड़ में शामिल हुआ, लेकिन जब टिकट नहीं मिला तो 2022 में बैरिया से निर्दलीय चुनाव लड़ा। चुनाव में इसे मात्र 5000 वोट ही मिले।

भाजपा में एंट्री और फर्जीवाड़े का खेल
चुनाव हारने के बाद इसने भाजपा का दामन थाम लिया और अब राष्ट्रवाद और “विश्वगुरु” के सपने को साकार करने का दावा कर रहा है। लेकिन असलियत यह है कि यह तमाम लोगों से नौकरी, ट्रांसफर-पोस्टिंग के नाम पर पैसा ठगता है। कभी फर्जी सांसद तो कभी फर्जी राज्यमंत्री बनकर लोगों को धोखा देता है।

आरोपों की फेहरिस्त-

  • गुजरात और मुंबई पुलिस की तलाश: यह मुंबई और गुजरात पुलिस के रडार पर था।
  • गोमती नगर का फ्रॉड: गोमती नगर में एक टिफिन सर्विस वाली महिला से ₹1,50,000 ठगकर भाग गया।
  • जेल और जमानत: पहली बार इसे बलिया जेल में बंद किया गया था और वहीं से इसकी जमानत हुई।
  • डीजी सेट चोरी मामला: इसकी पत्नी डीजी सेट की चोरी के मामले में फंसी और एफआईआर भी दर्ज हुई।

दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री का फर्जीवाड़ा करने वाले फ्रॉड मनोज सिंह पर एक और FIR राजधानी लखनऊ मव दर्ज की गई है…FIR में मनोज सिंह और उनके बेटे का कौशल भी शामिल है…


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