अमित त्यागी-
हमारे देश की बड़ी-बड़ी एयरलाइंस कंपनियां मुनाफे की नदी में डुबकियां लगा रही हैं. चेन्नई, कोलकाता, भुवनेश्वर, बेंगलुरु, पटना, मुंबई और पुणे जैसे शहरों से प्रयागराज जाने का हवाई किराया इस समय 30 हजार से 50 हजार रुपए के बीच चल रहा है.
12 फरवरी को जब मुंबई से लंदन जाने वाली फ्लाइट का एक टिकट 27 हजार 393 रुपए का है पेरिस जाने का टिकट 19 हजार 923 रुपए का है और दुबई की फ्लाइट का टिकट 12 हजार 691 रुपए का है तब इसी दिन मुंबई से प्रयागराज जाने वाली एक फ्लाइट का टिकट 34 हजार रुपए का है दिल्ली से अगर आप प्रयागराज जा रहे हैं तो फ्लाइट का एक टिकट 32 हजार रुपए का है.
बेंगलुरु से 39 हजार, पटना से 33 हजार, भुवनेश्वर से 35 हजार और चेन्नई से एक टिकट 27 हजार रुपए का है. एयरलाइंस महाकुंभ जाने वालों से कितना बड़ा मुनाफा कमा रही है. इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि सामान्य दिनों में दिल्ली से प्रयागराज की फ्लाइट का जो टिकट 5 हजार रुपए के आसपास का होता था वो इस समय 30 हजार रुपए का हो चुका है. इस मुद्दे पर एयरलाइंस को रेगुलेट करने वाली संस्था DGCA ने भी चिंता जताई है.
DGCA ने एयरलाइंस कंपनियों से कहा है कि उन्हें प्रयागराज के हवाई किराये को तर्क संगत बनाना चाहिए और इसमें इतनी ज्यादा वृद्धि नहीं करनी चाहिए. हांलांकि DGCA के निर्देश के 24 घंटे बाद भी अलग-अलग शहरों से प्रयागराज का हवाई किराया कम नहीं हुआ है और अब भी 29 जनवरी को दिल्ली से प्रयागराज का एक हवाई टिकट का किराया 26 हजार 265 रुपए है. मुंबई से प्रयागराज एक टिकट 30 हजार वहीं बेंगलुरु से 36 हजार 568 और पटना से प्रयागराज 38 हजार 885 रुपए है.
यूपी सरकार और केंद्र की सरकार को इन एयरलाइंस कंपनियों से बात करनी चाहिए थी पहले ही और इनके साथ मिलकर पूरी प्लानिंग करनी चाहिए थी और पहले ही ये तय करना चाहिए था कि इनके टिकट के ऊपर एक सीमा रहे कि इससे ऊपर की टिकट न जाए ताकि दाम जो हैं वो कंट्रोल में रहे.


