गिरिजेश वशिष्ठ-
4PM News Network के नेशनल को बंद करने के पीछे इमरजेंसी वाली सरकार की तरफ से तर्क दिया जा रहा है कि इनकी बातों का पाकिस्तानी जिक्र करते हैं. सबसे ज्यादा तो पाकिस्तानी मोदीजी की तारीफ करते हैं. वहां के यूट्यूब पर कुछ लोग मोदी का नाम ले लेकर पानी पीते हैं फिर क्या मोदी जी के मुंह पर ताला लगा दिया जाए.
भारत में न तो युद्ध के हालात हैं ना इमरजेंसी घोषित की गई है. फिर ऐसा तानाशाही एक तरफा रवैया? भक्तों को मलमूत्र का सेवन करने वाला भारत के लोगों को खुले में शौच करने वाला बताने वाला कंटेंट खुल्ले में चैनलों पर चल रहा है सिर्फ इसलिए कि इससे भारत में किसी की राजनीति चलेगी इस नफरत को खूब बढ़ाया जा रहा है. संजय शर्मा ने क्या राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में डाल दी? क्या उसने कोई दस्तावेज पाकिस्तान भेज दिए? कोई सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील सामग्री चैनल पर दिखा दी? फौज की कोई मूवमेन्ट बता दी, सरकार की किसी रणनीति को खोलकर दिखा दिया जिससे पाकिस्तान को फायदा हुआ?
अगर देश के हालात की समीक्षा की तो इससे देश की सुरक्षा क्या खतरे में पड़ी. तुम मुंह उठाकर देश के प्रधानमंत्री की सुरक्षा खतरे में डालो तो चलेगा. मुंह उठाकर दुश्मन देश में घुस जाओ तो चलेगा. पर कोई ये न पूछे कि बता कारवां कैसे लुटा.. संजय शर्मा की सामग्री देश के लिए खतरनाक तो नहीं थी पर हां ये बीजेपी के चुनावी प्लान में ज़रूर पलीता लगा रही थी.
ऐसे सवाल किसी को तो पूछने पड़ेंगे. ये देश के सवाल हैं . देश की सुरक्षा से जुड़े सवाल हैं. जो पूछेगा उसका गला घोंट दोगे. नीचे सूची दे रहा हूं इनमें से कौन सा सवाल गलत है बताएं…
- सर्वदलीय बैठक में गलत सूचना: सरकार ने दावा किया कि बैसरन घाटी जून में खुलती है, जबकि जम्मू-कश्मीर के अधिकारी कहते हैं कि यह साल भर खुली रहती है। यह गलतबयानी क्यों दी गई?
- सुरक्षा की अनुपस्थिति: पहलगाम में 500 सुरक्षाकर्मी होने का दावा किया गया, फिर बैसरन जैसे पर्यटक स्थल पर एक भी जवान क्यों नहीं था?
- खुफिया विफलता: सरकार ने कहा कि आतंकियों ने संचार साधन नहीं इस्तेमाल किए, इसलिए खुफिया जानकारी नहीं मिली। क्या आधुनिक खुफिया तंत्र इतना कमजोर है?
- प्रतिक्रिया में देरी: सरकार ने माना कि बाइसरण पहुंचने में 45 मिनट लगे। क्या त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था ने पहले से निगरानी की कोई योजना नहीं बनाई?
- वर्दी का दुरुपयोग: आतंकियों ने सेना की वर्दी पहनी। सेना की वर्दी के दुरुपयोग को रोकने के लिए कोई तंत्र क्यों नहीं है?
- हिंदू-मुसलमान नैरेटिव: हमले को धार्मिक रंग देकर सोशल मीडिया और कुछ नेताओं ने हिंदू-मुसलमान तनाव भड़काया। सरकार ने इसे रोकने के लिए क्या किया?
- कश्मीरियों पर हमले: हमले के बाद कश्मीरी छात्रों और व्यापारियों को उत्तराखंड, पंजाब, और उत्तर प्रदेश में निशाना बनाया गया। सरकार ने उनकी सुरक्षा क्यों नहीं सुनिश्चित की?
- सांप्रदायिक ध्रुवीकरण: हिंदू रक्षा दल जैसे संगठनों ने कश्मीरी मुसलमानों को धमकी दी। सरकार ने ऐसी सांप्रदायिक हिंसा को बढ़ावा देने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं की?
- आंतरिक शांति पर लापरवाही: हमले के बाद इस्लामोफोबिया और कश्मीरी-विरोधी भावनाएं बढ़ीं। सरकार ने सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए क्या ठोस कदम उठाए?
- टूर ऑपरेटर्स की लापरवाही: बाइसरण को बिना अनुमति खोलने वाले टूर ऑपरेटर्स पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? प्रशासन को इसकी जानकारी क्यों नहीं थी?
- आतंकियों का पलायन: आतंकी जंगलों में भाग गए। ड्रोन, थर्मल इमेजिंग, और सैटेलाइट निगरानी जैसे उपाय क्यों नाकाम रहे?
- जवाबदेही की कमी: सरकार ने चूक स्वीकारी, लेकिन किसी विशिष्ट अधिकारी या एजेंसी की जिम्मेदारी तय क्यों नहीं की?
- साइबर भड़काऊ सामग्री: हमले के बाद सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट की बाढ़ आई। साइबर निगरानी को सख्त करने में सरकार क्यों विफल रही?
- अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा: हमले के बाद अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा के लिए क्या पारदर्शी और अभूतपूर्व योजना बनाई गई, या सिर्फ दिखावा होगा?
- सुरक्षा ऑडिट की कमी: अमरनाथ यात्रा से पहले पहलगाम जैसे संवेदनशील क्षेत्र में सुरक्षा ऑडिट क्यों नहीं किया गया?
- नैरेटिव वॉर: हमले को राजनीतिक लाभ के लिए हिंदू-मुसलमान नैरेटिव में बदला गया। सरकार ने इस विभाजनकारी रणनीति को क्यों नहीं रोका?
- कश्मीरी पर्यटन पर प्रभाव: हमले के बाद 80% पर्यटक बुकिंग रद्द हुईं। कश्मीरी अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए सरकार की क्या योजना है?
- सुरक्षा बलों का समन्वय: आर्मी, CRPF, और J&K पुलिस के बीच समन्वय टूटने की बात सामने आई। इस चूक की जिम्मेदारी कौन लेगा?
- पाकिस्तान का बहाना: सरकार ने हमले के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया, लेकिन आंतरिक सुरक्षा चूक पर पर्दा क्यों डाला?
- कश्मीरियत पर हमला: कश्मीरी मुसलमानों ने हमले की निंदा की, फिर भी उन्हें देशभर में निशाना बनाया गया। सरकार ने कश्मीरियत की भावना को क्यों नजरअंदाज किया?
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Ajai
April 29, 2025 at 8:41 pm
4PM should go to court