‘वो कौन है जो निज़ाम-ए-हस्ती चला रहा है’ — विचार और संघर्ष की विरासत को समर्पित आयोजन
नई दिल्ली। समाज और संविधान केंद्रित आंदोलनों के प्रेरणास्रोत, प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता एवं ‘पीस’ संस्था के संस्थापक अनिल चौधरी की स्मृति में आगामी 5 जून 2025 को राजधानी दिल्ली के हरकिशन सिंह सुरजीत भवन में एक विशेष सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस सम्मेलन का शीर्षक है — ‘वो कौन है जो निज़ाम-ए-हस्ती चला रहा है’, जो अनिल जी द्वारा बार-बार उठाया गया एक राजनीतिक सवाल भी था।
इस आयोजन में अनिल जी के जीवन, संघर्ष और विचारों को याद करते हुए उनके समकालीन विश्लेषणों और अप्रकाशित सूत्रों पर चर्चा होगी। गौरतलब है कि अनिल चौधरी का निधन इस वर्ष 14 अप्रैल को हुआ। वह पिछले पांच वर्षों से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे, बावजूद इसके उन्होंने 2020 से 2025 के दौरान देश-दुनिया की बदलती राजनीति, समाज और वैश्विक परिदृश्यों पर अपने गहन विचार विभिन्न साथियों से साझा किए।
उनके करीबियों का कहना है कि अनिल जी का लिखा बहुत कुछ अभी तक अप्रकाशित है, लेकिन वह सामग्री हमारे वर्तमान और भविष्य के लिए दिशा-सूचक का कार्य कर सकती है। यही कारण है कि उनके जन्मदिवस 5 जून को उन संगठनों और अभियानों—जैसे PEACE, INSAF, CNDP, PCSDS, CAAJ, Nation For Farmers, भूमि अधिकार आंदोलन—जिनमें उनकी अहम भूमिका रही, ने मिलकर इस स्मृति सम्मेलन को आयोजित करने का निर्णय लिया है।
कार्यक्रम में दो मुख्य वैचारिक सत्र रखे गए हैं —

- पहला सत्र: ‘सीखने-सिखाने के सवाल’
- दूसरा सत्र: ‘विकल्प के सवाल’
इन दोनों सत्रों में सामाजिक कार्यकर्ताओं, जन आंदोलनों से जुड़े नेताओं, शिक्षाविदों, पत्रकारों और संस्कृतिकर्मियों की भागीदारी होगी। दिन का समापन अनिल चौधरी स्मृति व्याख्यान से होगा, जिसमें वरिष्ठ पत्रकार पी. साईनाथ पानी और प्राकृतिक संसाधनों तक पहुंच में बढ़ती सामाजिक असमानता पर वक्तव्य देंगे।
आयोजकों का कहना है कि इस व्याख्यान शृंखला को प्रतिवर्ष 5 जून को आयोजित किया जाएगा, जिसमें समसामयिक विषयों पर संवाद और मंथन किया जाएगा। यह आयोजन न केवल अनिल जी की स्मृति को समर्पित होगा, बल्कि उनके विचारों, वैचारिक प्रतिबद्धताओं और संघर्षों को आगे ले जाने का माध्यम भी बनेगा।
सम्मेलन में भाग लेने के लिए सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों और छात्रों से व्यापक सहभागिता की अपील की गई है। आयोजकों ने कहा है कि यह एकदिनी सम्मेलन सिर्फ एक श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि वैकल्पिक समाज और राजनीति की संभावनाओं पर गंभीर संवाद का अवसर भी है।
स्थान: हरकिशन सिंह सुरजीत भवन, नई दिल्ली
तिथि: 5 जून 2025


