रजनीकांत शुक्ला-
आज अभिरंजन कुमार का जन्मदिन है। उनका जन्म छह जुलाई को बिहार राज्य के बेगूसराय जिले के केशावे में हुआ।
वे काशी हिन्दी विश्वविद्यालय, वाराणसी से हिन्दी (आनर्स) में स्नातक हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान, नयी दिल्ली से हिन्दी पत्रकारिता में सर्वोच्च स्थान सहित स्नातकोत्तर डिप्लोमा किया है। उनके पास हिन्दी और पत्रकारिता में अलग-अलग दोहरी स्नातकोत्तर डिग्री है।

वे आजीवका के लिए टेलीविजन पत्रकारिता और स्वतंत्र लेखन करते हैं। उन्होंने हिन्दी समाचार चैनल एन डी टीवी इंडिया में आउटपुट संपादक के तौर पर भी कार्य किया। कई डाक्यूमेंट्री और बच्चों के एक टीवी धारावाहिक की कहानी, पटकथा, संवाद और गीत लिखे।
उन्होंने नौ साल की उम्र में पहली कविता लिखी थी। तब से अब तक हिन्दी की प्राय सभी महत्वपूर्ण विधाओं में उन्होंने सैकड़ों रचनाएँ लिखीं हैं जो प्रकाशित और प्रसारित हुई हैं। साहित्यिक पत्रकारिता में उन्होंने कुछ विचारोत्तेजक बहसों की शुरुआत की और कई लेखों और आलोचना-पुस्तकों में महत्वपूर्ण चर्चा की।
उनकी प्रकाशित पुस्तक : मीठी-सी मुस्कान दो (45 बाल कविताओं का संकलन। प्रथम संस्करण – 2001, अब तक अनेक संस्करण।
उखड़े हुए पौधे का बयान ( अपने समय और समाज को टटोलती, भेद खोलती कविताएँ)
बचपन की पचपन कविताएँ (बच्चों को चूमती, इर्द-गिर्द घूमती, मस्ती में झूमती कविताएँ)
उनकी कई महत्वपूर्ण संकलनों में कविताएँ-कहानियाँ संकलित हैं।
उन्हें राष्ट्रीय युवा कवि अवार्ड, 1995, कहानी लेखन के लिए कादंबिनी साहित्य महोत्सव, 1996 का पहला पुरस्कार मिला। हिन्दी पत्रकारिता के लिए अशोक जी अवार्ड मिले।
उन्हें हिन्दी और अँग्रेज़ी के अलावा उर्दू, तेलुगु, बांग्ला और संस्कृत की सामान्य जानकारी है। अभिरंजन कुमार बीते दो दशक से हिन्दी में पत्रकारिता कर रहे हैं। विभिन्न टीवी चैनलों में उन्होंने काम किया है। वर्तमान में दिल्ली एनसीआर में रहकर स्वतंत्र लेखन कर रहे हैं।
पिताजी के स्वर्गवास होने से उनकी सोशल मीडिया पर उपस्थिति कम हो गई थी। अब वे नए जोशो-खरोश के साथ फिर से सक्रिय हैं।
उन्हें जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई और हार्दिक शुभकामनाएँ


