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राष्ट्रीय सहारा में सैलरी को लेकर फिर बवाल, मीडियाकर्मियों और सुमित राय में हॉट-टॉक

मीडिया हेड सुमित राय बोले-सहारा पर 400 मुकदमे, 100 और करा दो.. सब देख लूंगा

नोएडा- राष्ट्रीय सहारा के नोएडा यूनिट में शुक्रवार को करीब 3:30 बजे उस समय अफरा – तफरी मच गई, जब करीब डेढ़ दर्जन मीडियाकर्मी सेलरी की मांग को लेकर मीडिया हेड सुमित राय से वार्ता करने उनके कार्यालय पहुंचे।

मीडियाकर्मियों में राष्ट्रीय सहारा दिल्ली के संपादक रत्नेश मिश्र, सेन्ट्रल डेस्क इंचार्ज अशोक शर्मा व सहरा टीवी के कुछ लोगों समेत करीब डेढ़ दर्जन लोग शामिल थे। सभी मीडियाकर्मियों में एक स्वर से मीडिया हेड सुमित राय से कहा कि उन्हें 15 जुलाई तक हर हाल में सैलरी दिलवाई जाए। जिससे वह आगे काम कर सकें, अन्यथा उनके लिए आगे अखबार निकलना मुश्किल होगा।

मीडियाकर्मियों ने कहा कि उनके आने-जाने में रोज 200 रुपये से ज्यादा खर्च होते हैं और सैलरी समय से न मिलने से उन्हें दिक्कत हो रही है। सैलरी न मिलने पर उन लोगों के पास अखबार बंद करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा। इसके अलावा हम लेबर कोर्ट जाएंगे।

इस पर सुमित राय ने कहा ठीक है हम सारे नोटिस का जवाब देंगे। कंपनी पर 4,000 मुकदमे हैं। 100 मुकदमे और हो जाएंगे। हम सब देख लेंगे। अभी हमारे पास पैसा नहीं है। और हम अभी कोई पैसा नहीं देंगे।

मीडियाकर्मियों ने कहा कि फिर हम लोगों का हिसाब करा दें। हम लोग रिजाइन करके चले जायें। उन्होंने कहा जिसको जाना हो जाये। हम किसी को रोक नहीं रहे हैं। फिलहाल बकाया अभी भूल जाइये। हां जो लोग जायेंगे उन्हें किसी तरह एक माह की सेलरी की व्यवस्था करा देंगे।

मीडियाकर्मियों ने कहा कि फिर हम लोग कैसे काम करेंगे। इस पर मीडिया हेड सुमित राय ने कहा कि जैसे अभी कर रहे हैं। इससे नाराज मीडिया कर्मियों ने कहा फिर हम लोग कल से 8 पेज का अखबार निकालने जा रहे हैं और कोई विग्यापन भी नहीं छापेंगे। इस पर सुमित राय ने कहा आप लोग ऐसा निर्णय कैसे ले सकते हैं?

नाराज मीडिया कर्मियों ने कहा कि जैसे आप सेलरी और बकाया न देने की बात कह रहे हैं। इस पर सुमित राय ने कहा कि मैं सेलरी व बकाया न देने की बात नहीं कह रहा हूं, बल्कि अभी तत्काल नहीं देने की बात कर रहा हूं।

फिर मीडिया कर्मियों ने कहा कि आप ही बताएं कि कैसे दे पाएंगे। इस पर सहारा टीवी के लोगों ने कहा कि आपने पहले कहा था कि जिनको रिजाइन करके जाना हो जाए, उनको हम 25% बकाया दे देंगे। इस पर पलट करके सुमित राय ने कहा कि यह पुरानी बात हो गई। अब नई बात यह है कि हम अभी आप लोगों को कुछ भी नहीं दे पाएंगे। हां जो लोग छोड़कर जाना चाहते हैं, जायें, उन्हें एक माह की सैलरी दिलाने का प्रयास करूंगा।

नाराज मीडिया कर्मियों ने कहा कि आप टीवी की तरह अखबार भी बंद कराना चाहते हैं। इसीलिए सारा नाटक कर रहे हैं। इस पर किसी ने कहा कि जब समूह संपादक विजय राय के मरने के बाद भी अब तक उनका एक भी पैसा नहीं दिलाये तो और क्या करेंगे, जबकि उनके मरे कई माह बीत गया।

करीब 45 मिनट की वार्ता में निराश मीडिया कर्मियों ने उनके चैम्बर से निकलते हुए कहा कि यदि यही हाल रहा तो यह समझ लीजिए कि 15 जुलाई से अखबार निकालना मुश्किल हो जायेगा।

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1 Comment

1 Comment

  1. Arun Srivastava

    July 12, 2025 at 10:51 am

    मेरी खुद के दो-दो मुकदमे (06/2021 और 11/2022) श्रम न्यायालय देहरादून में चल रहे हैं वह तो यह देख नहीं पा रहे हैं और थोक में देखने की बात कर रहे हैं. यह इनकी नहीं सहारा के हर अधिकारियों की आदत है। कंपनी ने अपने लिखित बयान में रोना रोया कि उसके सारे बैंक खाते सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सीज है। कंपनी की स्थिति पैसा देने की नहीं है जबकि इनके सारे खाते सीज नहीं हैं। आरटीआई के तहत सेबी से मांगी गई जानकारी के मुताबिक मात्र चार खाते ही सीज है।

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