ज्ञानेंद्र शुक्ला-
क्या आप जानते हैं कि आज शाहजहांपुर में चर्चित हुए एक आईएएस अफसर कौन हैं? क्या आप जानते हैं कि इस शख्स ने जानलेवा हमला झेला? संघर्ष की लंबी लड़ाई लड़ी? अगर नहीं तो पूरी पोस्ट पढ़िएगा।
शाहजहांपुर में एक IAS अफसर को कान पकड़कर उठक बैठक करने का वायरल वीडियो सबने देखा होगा। पुवायां एसडीएम का चार्ज आज ही लिया फिर आफिस परिसर में खुले में टॉयलेट करते एक मुंशी संग हुए दुर्व्यवहार से आक्रोशित वकीलों को शांत करने के लिए खुद उठक-बैठक लगा ली।
२०२२ बैच के इस अफसर का नाम है रिंकू राही। बहुत कम लोगों को ही याद होगा कि डेढ़ दशक पूर्व भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज़ बुलंद करने वाले रिंकू राही पर छह गोलियाँ दागी गई थीं, उनका जबड़ा डैमेज हो गया था एक आँख की रोशनी चली गई थी। आपको पूरा घटनाक्रम बताते हैं-
- यूपीपीएससी -२००४ की परीक्षा उत्तीर्ण करके रिंकू जिला समाज कल्याण अधिकारी बने, साल २००८ में मुजफ्फरनगर में तैनाती मिली।
- यहाँ ४० करोड़ से अधिक का घोटाला इनके संज्ञान में आया, जाँच करवाई, आरटीआई का भी सहारा लिया पर भ्रष्टाचारियों का बाल बाँका न हो सका। उल्टे इनपर जानलेवा हमला हो गया।
- हथियारबंद बदमाशों ने उन्हें 26 मार्च 2009 की सुबह बैडमिंटन खेलते समय छह बार गोली मारी, जबड़ा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उन्होंने एक आँख की रोशनी खो दी।
- पुलिस ने पाया कि कल्याण विभाग के अधिकारियों के इशारे पर स्थानीय बदमाशों ने यह हमला किया गया था। सपा नेता मुकेश चौधरी और कल्याण विभाग के सहायक लेखाकार अशोक कश्यप समेत नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया।
- 28 मार्च 2012 को, अखिलेश सरकार ने राही के आरोपों की जाँच के लिए मेरठ कमिश्नर की अध्यक्षता में एक दो-सदस्यीय समिति का गठन किया। तब के समाज कल्याण मंत्री अवधेश प्रसाद (आज के अयोध्या सांसद) ने कहा कि समिति दो महीने में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। पर कुछ कारगर न हो सका। बल्कि राही को अलीगढ़ स्थानांतरित कर दिया गया।
- तब अन्ना आंदोलन के अगुआ रहे अरविंद केजरीवाल ने राही के साथ हुई नाइंसाफी पर सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी पर “भ्रष्टाचार, हत्या और हमले” में प्रत्यक्ष रूप से शामिल होने का आरोप लगाया, और राही को सुरक्षा प्रदान करने में विफल रहने के लिए उनकी आलोचना की।
- तमाम संघर्षों से गुज़र कर अपनी जिजीविषा के बूते रिंकू सिंह राही ने साल २०२१ यूपीएससी परीक्षा में ६३८ रैंक हासिल की, दिव्यांग कोटे के तहत IAS बने, इन्हें यूपी कैडर आवंटित हुआ।
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