जौनपुर में पत्रकारिता के नाम पर मनमानी करने वाले दो तथाकथित पत्रकारों पर पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। मामला महिला अस्पताल में हंगामा, सरकारी कार्य में बाधा और मरीज की निजता भंग करने से जुड़ा हुआ है।
जानकारी के मुताबिक, नगर कोतवाली थाना क्षेत्र में देर रात दर्ज एफआईआर में मोहम्मद उस्मान और मयंक श्रीवास्तव नामक दो व्यक्तियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 352, 77 और 132 के तहत मामला कायम किया गया है।
महिला अस्पताल में कथित गुंडई
सूत्रों के अनुसार, दोनों आरोपी अक्सर महिला जिला अस्पताल में बिना अनुमति के प्रवेश करते थे और अस्पताल कर्मियों पर दबाव बनाने की कोशिश करते थे। पुलिस को दी गई शिकायत में कहा गया है कि दोनों तथाकथित पत्रकार अस्पताल के संवेदनशील वार्डों में घुसकर महिलाओं और मरीजों की निजता का उल्लंघन करते थे तथा सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए हंगामा मचाते थे।
अस्पताल प्रशासन की शिकायत पर कार्रवाई
अस्पताल प्रशासन ने दोनों के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद नगर कोतवाली पुलिस ने देर रात मुकदमा दर्ज किया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह पहली बार नहीं था जब इन लोगों ने इस तरह का व्यवहार किया हो — वे पहले भी पत्रकारिता के नाम पर दबाव, बदतमीजी और धमकाने जैसी गतिविधियों में लिप्त पाए गए थे।
पुलिस ने दी सख्त चेतावनी
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है और सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। एक अधिकारी ने कहा— “पत्रकारिता की आड़ में किसी को भी महिला सुरक्षा या सरकारी कार्य में बाधा डालने का अधिकार नहीं है। ऐसे तत्वों पर सख्त कार्रवाई होगी।”
ये भी हो रहा वायरल-
जौनपुर में जिला महिला अस्पताल की सच्चाई दिखाने पर पत्रकार मयंक श्रीवास्तव पर केस दर्ज किया गया। मयंक का कहना है कि उन्होंने सिर्फ जनता तक सच पहुँचाया और अगर सच दिखाना गुनाह है तो वे यह गुनाह करते रहेंगे। उन्होंने अस्पताल में लगे CCTV पर भी सवाल उठाए, जबकि पत्रकार संगठनों ने इस कार्रवाई को प्रेस की आज़ादी पर हमला बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।



