पटना- वरिष्ठ पत्रकार और यूट्यूबर अजीत अंजुम इन दिनों बिहार चुनाव की रिपोर्टिंग कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर कई ट्वीट्स घूम रहे हैं जिनमें कहा जा रहा है कि अजीत अंजुम पर रिपोर्टिंग के दौरान किसी ने कीचड़ फेंक दिया। अजीत ने इस बात का खंडन भी किया है। बताया है कि वह कीचड़ नहीं कुछ और था। नीचे पढ़ें…
इस प्रकरण में द बिहार नामक हैंडल से लिखा गया है-
पटना में रिपोर्टिंग के दौरान किसी ने अजीत अंजुम सर पर कीचड़ फेंक दिया।
ऐसी खबरें चलाई जा रही है, यह बात पूरी तरह फेक है। वास्तविकता में जो लड़का अजीत अंजुम को बाइट दे रहा था, उस पर उसके विरोधी लड़के ने कीचड़ फेंका है। जैसा का वीडियो में देख रहा है कितना हॉट टॉक हो रहा है, और इसी वजह से यह घटना हुई है आवेश में आकर एक लड़के ने विरोधी लड़के को चुप कराने के लिए उस पर कीचड़ फेंका। बाकी बात तो अजीत अंजुम सर जब लाइव आएंगे तो ही बताएंगे।
दैनिक भास्कर के पत्रकार सौरभ शुक्ला लिखते हैं-
पटना में रिपोर्टिंग के दौरान ajit anjum सर के ऊपर गोबर फेंकने का प्रयास किया गया।
ये स्वतंत्र पत्रकारिता पर हमला है। हमलावर के हाथ में पत्थर, बम या बंदूक भी हो सकती थी, लेकिन हमले के बावजूद भी अजीत सर डटे रहे और उन्होंने पूरी ज़िम्मेदारी के साथ 25 मिनट और रिपोर्टिंग की।
और उन्होंने ही पूरी वीडियो डाली और ये क्लिप कटुआ उनकी ही वीडियो से क्लिप निकालकर डरपोक और भगौड़ा बता रहा है, जिसकी सड़क पर लोगों से बात करने की हैसियत नहीं।
और तेरे लिए हमले के बाद की 5 मिनट की वीडियो डाल रहा हूं, पूरी 31 मिनट वीडियो उनके यूट्यूब पर जाकर देख लियो कि कितनी हिम्मत है अजीत सर में, डटे रहे।
चंदन शर्मा नामक यूजर ने लिखा है-
अजीत अंजुम BJP की बुराई कर रहे थे…. तभी किसी ने उनके ऊपर कीचड़ फेंका…. माहौल इतना खराब हो गया,…. इन्हें लगा कि थोड़ा देर और रुके तो मार खा जाएंगे….. इन्हें वहां से भागना पड़ा।
अजीत अंजुम ने इस मामले में क्या कहा है- पढ़िए
ऐसी बात भी नहीं है. दरअसल कोचिंग के बाहर सड़क के किनारे एक मजदूर प्लास्टर के लिए सीमेंट और रेत सान रहा था. प्लास्टर के लिए मसाले को फावड़े से मिला रहा था. लड़कों की भीड़ से उसका काम खराब हुआ. हो सकता है लड़कों की भीड़ की वजह उसका मसाला बिखड़ गया हो. इसी नाराजगी में उसने एक मुट्ठी सीमेंट का मसाला हमारे कैमरे की तरफ फेंका. मैंने जैसे ही देखा समझ गया और थोड़ा पीछे हट गया.
मैं उस मज़दूर की नाराज़गी को बहुत स्वाभाविक मानता हूं. वो चाहता था कि भीड़ वहां से हट जाए. बस इतनी सी बात है. इस घटना को सब अपने हिसाब से बता रहे हैं.
गुलशन यादव नाम के एक यूजर ने लिखा है-
मैं भी उसी जगह पर था, मसाला मजदूर ने ही फेंका था, भीड़ को हटाने के लिए।


