नई दिल्ली। कौन बनेगा करोड़पति सीजन-17 में नईदुनिया रायपुर की पत्रकार प्रज्ञा प्रसाद ने अपनी शानदार मौजूदगी दर्ज कराते हुए हॉट सीट तक पहुंचकर दो लाख रुपये जीते। बुधवार रात प्रसारित इस एपिसोड में प्रज्ञा ने न सिर्फ तेज़ी से सवालों के जवाब दिए, बल्कि अपने आत्मविश्वास और सादगी से दर्शकों का दिल भी जीता।
कठिन चयन प्रक्रिया पार कर पहुंचीं हॉट सीट तक
प्रज्ञा ने बताया कि केबीसी का चयन चरण बेहद चुनौतीपूर्ण होता है—मोबाइल पर पूछे गए सवालों के जवाबों से लेकर सामान्य ज्ञान की लिखित परीक्षा और इंटरव्यू तक। उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि वह फास्टेस्ट फिंगर फर्स्ट में सबसे आगे रहेंगी। लेकिन मात्र तीन सेकंड में सही उत्तर देकर जब अमिताभ बच्चन ने उनका नाम पुकारा, तो वह भावुक हो उठीं।
बिग बी ने खुद हॉट सीट तक पहुंचाया
अमिताभ बच्चन ने स्वयं उन्हें हॉट सीट तक ले जाकर पानी दिया और उन्हें सहज किया। प्रज्ञा के लिए यह पल किसी सपने के सच होने जैसा था। शो के दौरान उन्हें बिग बी से पत्रकारिता से जुड़े तीन सवाल पूछने का भी अवसर मिला—जिसे वह अपने करियर की सबसे विशेष उपलब्धि मानती हैं।
“हर पत्रकार का सपना होता है अमिताभ का इंटरव्यू लेना”
प्रज्ञा ने कहा कि 83 वर्ष की आयु में भी अमिताभ बच्चन की ऊर्जा अद्भुत है। उनका विनम्र व्यक्तित्व, सादगी और दर्शकों के प्रति आत्मीयता उन्हें असाधारण बनाती है। उन्होंने कहा, “हर पत्रकार का सपना होता है कि वह अमिताभ बच्चन का इंटरव्यू ले—और मेरा सपना केबीसी मंच पर पूरा हो गया।”
हॉट सीट पर दबाव अलग ही दुनिया है
प्रज्ञा का कहना है कि घर से सवालों के जवाब देना और हॉट सीट पर बैठकर उनका सामना करना—दो बिल्कुल अलग अनुभव हैं। स्टूडियो का दबाव इतना वास्तविक होता है कि अब वह उन सभी प्रतिभागियों के साहस की प्रशंसा करती हैं जो पहले राउंड तक पहुंचते हैं, चाहे वे जीतें या शून्य पर लौट जाएं।
“शो ने मुझे चुना है”, अमिताभ बच्चन की बेबाकी
शो के दौरान प्रज्ञा ने जब बिग बी से पूछा कि उन्होंने केबीसी को क्यों चुना, तो बच्चन ने मुस्कुराते हुए कहा—
“केबीसी को मैंने नहीं चुना, बल्कि केबीसी ने मुझे चुना है। हमें ब्रिटिश शो ‘हू वांट्स टू बी अ मिलियनेयर’ का मूल रूप दिखाया गया था, और हमने कहा कि भारत में यदि ऐसा शो बनता है तो हम ज़रूर इसका हिस्सा बनेंगे। आज हमारा शो प्रस्तुति और गुणवत्ता में उससे 100 गुना बेहतर है।”
प्रज्ञा प्रसाद का यह सफर न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि पत्रकारिता और मेहनत की ताकत का एक मजबूत उदाहरण भी है।


