राजस्थान के इंडिया ग्रुप ऑफ़ कंपनियों के संचालक महकूल अंसारी ने पुलिस में 30 करोड़ रु. की धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया था। इसी मामले में फिल्म निर्देशक विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेता भट्ट को रविवार को गिरफ्तार किया गया।
राजस्थान और मुंबई में स्थित जालसाजों के साथ उनकी गिरफ्तारियों को राजस्थान पुलिस पिछले कई दिनों से जोड़ रही थी। पुलिस पिछले महीने से ही विक्रम भट्ट दंपति को आरोपी बना चुकी थी। लोकआउट नोटिस और पेशी मिसिंग के लिए समन भेजे जाने के बाद पुलिस अब तक 30 लोगों को आरोपी बना चुकी है।
इससे पहले उदयपुर पुलिस ने 29 नवंबर को विक्रम भट्ट और श्वेता भट्ट सहित 6 आरोपियों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया था।
को-प्रोड्यूसर, वेंडर के कबूलनामे और ऑनलाइन पेमेंट के रिकॉर्ड से कसा शिकंजा
महकूल अंसारी और संदीप ने पुलिस पूछताछ में कबूला कि भट्ट दंपती वेंडरों के बैंक खातों में 2 लाख रु. तक जमा कराते थे, जिसमें से 1.40 लाख रु. रिवर्सलों के रूप में बैंक के खातों में लौट जाते थे। बाकी राशि ज्वैलरी दुकानदारों, ऑटोवालों, छोटे दुकानदारों तक फर्जी वेंडर बनाकर भेजी जाती थी।
इंडिया ग्रुप ने फर्जी GST के नाम पर भट्ट टीम से 25 से ज्यादा पेमेंट रिलीज करवाए थे। इस खुलासे के बाद पुलिस ने फिर से श्वेता भट्ट को नोटिस भेजा था। पीड़ित कंपनी ने श्वेता भट्ट, विक्रम भट्ट और मुश्ताक़ सहित आरोपियों से 4 फिल्मों के निर्माण के लिए ऑनलाइन 44.29 करोड़ रु. दिए थे।
ये पैसे हिंदी फीचर फिल्म महाशरण (परिवर्तित नाम ‘रण’) के निर्माण के करार 25 करोड़ रु. में हुए थे, जिसकी शूटिंग तक शुरू नहीं हुई। इसी तरह दूसरी फिल्म के शुरुआती खर्चों के नाम पर भी करोड़ों रु. ऑनलाइन भुगतान हुआ था।
भट्ट दंपती ने हाईकोर्ट में ट्रांजिट बेल के लिए अर्जी लगाई, लेकिन कोर्ट ने राहत नहीं दी। इसके बाद पुलिस ने मुंबई में दबिश देकर उन्हें गिरफ्तार किया।
इस मामले में पुलिस 18 नवंबर को मुंबई से भट्ट के प्रोड्यूसर कंटैक्ट महकूल अंसारी और संदीप (को-प्रोड्यूसर) को गिरफ्तार कर चुकी है। 23 नवंबर तक सिंगर बने रहे अंसारी व संदीप उदयपुर पुलिस रिमांड पर हैं।
इस प्रकरण पर वरिष्ठ पत्रकार और यूट्यूबर अजीत अंजुम लिखते हैं-
किसी ज़माने में विक्रम भट्ट नाम का ये आदमी ठीक ठाक फिल्म डायरेक्टर था. अब इसे ठगी के मामले में गिरफ्तार किया गया है. फिल्मी दुनिया में ऐसे ठगों की कमी नहीं है. इनका काम होता है फ़िल्मों के लिए पार्टी फंसाना और उन्हें निर्माता बनाकर चूना लगाना.


