
शराब पार्टी के बाद कार्यालय में घुसकर पदनाम व शिलापट्टिकाओं पर पोता व्हाइटवॉश, ताले तोड़कर अपने ताले लगाए, रिपोर्टर को धमकियों की बौछार… व्हाट्सएप वीडियो में हुआ खुलासा, 25–30 माफिया कार्यालय की बाउंड्री के भीतर जश्न मनाते दिखे…
कुबेरपुर (आगरा)। रायपुर क्षेत्र में महीनों से आगरा विकास प्राधिकरण की सरकारी जमीन पर सक्रिय खनन माफियाओं ने गुरुवार दोपहर अपने खिलाफ खबर प्रकाशित होने पर पत्रकारिता पर खुला हमला बोल दिया। रायपुर स्थित बनिया की ठार कार्यालय पर करीब दो से तीन दर्जन लोगों के साथ पहुंचकर माफियाओं ने शराब पार्टी की और उसके बाद तोड़फोड़ कर कार्यालय को अपना कब्जा समझते हुए ताले तक बदल डाले।
कार्यालय के बाहर लिखे पदनाम, दीवारों पर अंकित सम्मान-पट्टिकाएं और बुजुर्गों की स्मृति शिलाएं तक माफियाओं ने व्हाइटवॉश से पोत दीं। यह पूरी घटना किसी छिपे कैमरे ने नहीं बल्कि खुद माफिया रॉबिन यादव के व्हाट्सएप स्टेटस पर लगाए गए वीडियो ने उजागर कर दी। वीडियो में रॉबिन यादव, सचिन सिकरवार, ललितेश, पप्पू उर्फ लम्बू सहित 25–30 लोग कार्यालय परिसर की बाउंड्रीवॉल के अंदर शराब पीते और पार्टी सेलिब्रेट करते साफ नजर आ रहे हैं।
घटना की जानकारी मिलने पर क्षेत्रीय रिपोर्टर शशिकांत गुप्ता सीधे एत्मादपुर थाने पहुंचे और खनन माफियाओं के खिलाफ तहरीर देकर कड़ी कार्रवाई की मांग की। रिपोर्टर ने बताया कि आरोपी लगातार फोन कर उन्हें बुलाने और धमकाने की कोशिश कर रहे हैं। जान-माल के खतरे को देखते हुए उन्होंने पुलिस से तत्काल सुरक्षा और कार्रवाई की मांग की है।
रायपुर में महीनों से चल रहा है मिट्टी खनन, माफियाओं ने अब तक 10 बीघा जमीन को किया खोखला
कुबेरपुर। रहनकलां-रायपुर मौजा क्षेत्र में आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) की अधिग्रहित जमीन पर बड़े पैमाने पर महीनों से अवैध मिट्टी खनन का खेल चल रहा है। सरकारी जमीन पर मिट्टी खनन करने में क्षेत्र के पांच खनन माफिया संगठित होकर हर रात लाखों की कमाई कर रहे हैं।
इस पूरे खेल में पुलिस से क्षेत्रीय तहसील प्रशासन तक की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है। तहसील एत्मादपुर के मौजा रहनकलां-रायपुर क्षेत्र में एडीए ने 442 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया है। क्षेत्रीय प्रभावित किसानों को क्षेत्रीय भाजपा सांसद एवं केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. एस पी सिंह बघेल और विधायक डा.धर्मपाल सिंह के प्रयास से क्षेत्रीय प्रभावित किसानों को अब आकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में प्रयागराज महाकुंभ में कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णय के बाद 14 वर्ष के लंबे संघर्ष और इंतजार के बाद मुआवजा की धनराशि मिली है।
मौजूदा समय में रायपुर में एडीएम की अधिग्रहित भूमि पर भौतिक रूप से कब्जा लेने के बाद आंतरिक विकास के लिए प्रस्तावित सड़क निर्माण के लिए जमीन समतल करने का कार्य चल रहा है। लेकिन यहां हरे वृक्षों का एनजीटी की अनुमति के बिना कटान किए जाने पर वन विभाग की कार्रवाई के बाद भौतिक कब्जा लेने और जमीन समतलीकरण की प्रक्रिया बंद पड़ी है। यहीं पर अधिग्रहित जमीन पर बड़े पैमाने पर अवैध मिट्टी खनन किया जा रहा है।
मंगलवार की रात एसडीएम एत्मादपुर सुमित कुमार सिंह की सूचना पर पुलिस ने छापा मारकर खनन माफिया के चार ट्रैक्टर ट्राली पकड़ थे। क्षेत्रीय ग्रामीणों के अनुसार पुलिस के रायपुर में छापामार कार्रवाई करने से पूर्व लगभग बीस ट्रैक्टर ट्रालियों से रात में मिट्टी ढोई जा रही थी। छापा एसडीएम की सूचना पर मारा गया था, लिहाजा पुलिस ने घेराबंदी कर मिट्टी से भरीं चार ट्रैक्टर ट्रालियों को सीज कर दिया। रायपुर में अवैध मिट्टी खनन वाली जगह से अब तक लगभग दस बीघा वर्ग मीटर क्षेत्र को बीस फुट गहराई तक हजारों टन मिट्टी खोदकर खोखला कर दिया गया है।
क्षेत्रीय दबंग लोग भू-अधिग्रहण के मुआवजा में मिली धनराशि से ट्रैक्टर ट्रालियां खरीदकर सरकारी भूमि से अवैध रूप से मिट्टी खनन कर हर रात को लाखों के बारे न्यारे करने में लगे हैं। ट्रैक्टर ट्रालियों से इलाकाई नवविकसित कालोनी और प्लाट स्वामियों को मिट्टी बेची जा रही है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि एडीए को अपनी जमीन पर हो रहे अवैध मिट्टी खनन की जानकारी अब तक नहीं मिली है।
ये अलग बात है कि भौतिक कब्जा वाली जमीन पर आंतरिक सड़क निर्माण करने के लिए समतल की जा रही भूमि से एनजीटी की बिना अनुमति के हरे वृक्षों को काटे जाने का मामला प्रकाश में आने के बाद से उसकी यहां प्रस्तावित सड़क निर्माण और भौतिक कब्जा लेने की दोनों प्रक्रियाएं फिलहाल बंद पड़ी हैं।


