Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

सुख-दुख

ब्लड कैंसर से जूझ रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार और साहित्यकार अनिल कुमार यादव!

यशवंत सिंह-

कैंसर होने की आशंका में जीती हमारी पूरी पीढ़ी हर रोज़ किसी न किसी बुरी खबर से दो-चार होती रहती है। ताजी सूचना जाने माने साहित्यकार और वरिष्ठ पत्रकार Anil Kumar Yadav जी के बारे में हैं।

पिछले छह माह से जबड़े और अकल दाढ़ के दर्द से बेहद परेशान अनिल सर ने जब एम्स में दाँत के इलाज से आगे बढ़ कर अक्तूबर एंड में कई अन्य जाँच (बायोप्सी) कराई तो पता चला ब्लड कैंसर है जो मुँह में अटैक किया हुआ है। यहाँ पर कोशिकाएं बहुत तेज़ी से डिवाइड होकर बढ़ रही हैं जिससे सूजन है और दर्द है। निचला जबड़ा रह-रह कर जाम हो जा रहा है।

कैंसर एडवांस स्टेज पर है। काफ़ी एडवांस है। एग्रेसिव है। इसीलिए आनन फानन में कीमियोथेरेपी शुरू की गई। दो सेशन हो चुके हैं। एक एम्स दिल्ली में और दूसरा नेशनल कैंसर इंस्टिट्यूट झज्जर में।

झज्जर के अस्पताल की अराजकता की पूरी लंबी कहानी है जहाँ पेशेंट मैनेजमेंट का काम सिक्योरिटी गार्ड्स के हाथों में है। किस पेशेंट का कब कीमियो होगा, ये गार्ड तय करते हैं। इनके आगे डॉक्टर भी असहाय हैं। झज्जर में बहुत एनार्की है। यहाँ कई राज्यों से पेशेंट आते हैं और भटकते रहते हैं। इस अव्यवस्था की वजह से अनिल सर का कीमियो सेशन एक दिन बाद हो पाया। कुल सात घंटे तक कीमियो हुआ।

अनिल सर के मुँह में जब ज़्यादा स्वेलिंग हो जाती है तो बात करना मुश्किल हो जाता है। जीभ का मोमेंट रुक जाने से आवाज़ लड़खड़ाने लगती है। झज्जर वाले कीमियो के बाद स्वेलिंग कम हुई है और थोड़ा आराम मिला है। अब मुँह ठीक से खुल रहा है। अभी छह कीमो होने हैं।

बोन मैरो बायोप्सी हुई है जिसकी रिपोर्ट आनी है। बोन मैरो से ही ब्लड कैंसर पनपता है। इसकी बायोप्सी रिपोर्ट के एनालिसिस के बाद डॉक्टर आगे के इलाज का कोर्स तय करेंगे।

अनिल भाई साहब ने बातचीत में बताया कि कैंसर डायग्नोज होने के पहले दर्द के कारण छह माह तक न रात में सो पाता था और न दिन में चैन था। कीमियो के बाद अभी राहत है। रात बिरात जब भी दर्द से नींद खुलती है तो कंबल ओढ़ कर बैठ जाता हूँ और मेडिटेशन करने की कोशिश करता हूँ।

अनिल भइया का अनुरोध है कि कृपया अभी कोई मिलने न आए क्योंकि कीमियो के बाद इम्युनिटी बहुत लो रहती है। डॉक्टर ने इन्फेक्शन से बचने के लिए हर प्रयास / सावधानी बरतने को कहा है। फ़ोन कॉल से भी बचें, क्योंकि बोलने में दिक्कत है। ह्वाट्सऐप या फेसबुक मैसेंजर से मैसेज के ज़रिए संपर्क कर सकते हैं। जो जहाँ है वहीं से बेहतर स्वास्थ्य के लिए बस दुआ करें, सबकी दुवाओं की ही ज़रूरत है।

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन