श्रीमान संपादक महोदय,
भड़ास4मीडिया
मेरा नाम राहुल कुमार है, मैं पेशे से पत्रकार हूं। लेकिन मेरे अब तक के करियर में पहली बार कोई चैनल मेरी मेहनत की कमाई डकारने पर आमादा है। चैनल का नाम है LIVE TIMES (TWO STAR MEDIA PVT. LTD) जोकि कनौडिया ग्रुप द्वारा संचालित है।
इस संस्थान को मैंने दो जून को ज्वाइन किया था और वहां मुझे दीपक चौरसिया सर का शो ‘खबर ठोक के’ बनाने के लिए Appoint किया गया था लेकिन वहां से मैंने तीन महीने बाद ही विदाई ले ली लेकिन प्रोफेशनल ढंग से। Probation Period के बावजूद मैंने नोटिस पीरियड पूरा किया और आखिरी बार 22 सितंबर को ऑफिस गया था।
लाइव टाइम्स 80 दिन बीत जाने के बावजूद मेरा मेहनताना देने के बजाय सिर्फ टालमटोल करने में जुटा है। काफी मिन्नतों और बार-बार याद दिलाने के बाद संस्थान ने मुझे फुल एंड फाइनल का मेल भेजा, जिसमें पहले तो इस संस्थान की तरफ से मेरे 22 कामकाजी दिनों पर सवाल उठाया और करीब एक हफ्ते की सैलरी डकारनी चाही। मेरे आपत्ति दर्ज कराने के बाद जैसे तैसे 21 दिनों का वेतन देने पर राजी हुए, वो भी मेरे तीन महीने के दौरान किसी भी PL का भुगतान किए बिना, हालांकि मैंने उस पर भी अपनी सहमति जता दी लेकिन अब इस संस्थान का प्रबंधन मुझे इन 21 दिनों का भुगतान करने में भी हीला हवाली कर रहा है।
मुझे आए दिन आज कल का आश्वासन देकर टाल दिया जाता है, हाल ही में मेरे परिवार में स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें आईं, पैसों की काफी जरूरत की वजह से मैंने तमाम मिन्नतें की लेकिन फिर भी वेतन का भुगतान नहीं किया गया। हालांकि मैं ऐसा पहला शख्स नहीं हूं, इनके बारे में पता करने पर मालूम हुआ कि ये संस्थान कर्मचारी के छोड़ने पर उसके हक की कमाई पर ऐसे ही डकैती डालता आया है। बहुत से लोग हफ्ते दस दिन की सैलरी छोड़कर उलझना नहीं चाहते लेकिन मैं अपनी मेहनत का एक रुपया ऐसे डकैतों को हजम नहीं करने देना चाहता।
कृपया आपसे निवेदन है कि मेरी इस खबर को प्रकाशित करें, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक ईमानदारी का चोला ओढ़कर कर्मचारियों का हक मारने वाले इस चैनल का सच पता चले।
राहुल कुमार, पत्रकार
देखें- संलग्न साक्ष्य…












Anupam Alok
December 14, 2025 at 11:42 am
राहुल जी आपका दर्द हम पत्रकार अच्छी तरह समझते हैं और आपके साथ हैं। इस चैनल के नखरे से मैं भी अच्छी तरह से परिचित हूं। हालांकि यह कोई इकलौता चैनल नहीं है जो इस तरह आपकी सैलरी डकारने की मंशा से काम कर रही है। इस तरह के संस्थान अपनी ताकत का हमेशा गलत इस्तेमाल करते हैं, इनके लिए हम पत्रकार की कोई औकात नहीं है। इस घटना की जितनी भी निंदा की जाए कम है।