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आज के अखबार : पानी की शिकायत दो महीने से थी, सुनवाई नहीं हुई और सवाल पूछने पर जवाब में ‘घंटा’

संजय कुमार सिंह

देश के सबसे स्वच्छ प्रचारित इंदौर शहर में दूषित पानी पीने से मरने वालों की संख्या 14 हो गई है। देशबन्धु की खबर के अनुसार बीमार लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अभी तक इसने 2456 लोगों के बीमार होने की खबर दी है और लिखा है कि 26 मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई है। यह खबर आज मेरे नौ में से दो अखबारों में ही लीड है। इंडियन एक्सप्रेस में यह खबर तीन कॉलम में है लेकिन लीड नहीं है। यहां मरने वालों की संख्या आठ बताई गई है। टाइम्स ऑफ इंडिया में मरने वालों की संख्या नौ है और खबर लीड है। जाहिर है, मरने वालों की संख्या ठीक से नहीं बताई जा रही है या इसमें भी पारदर्शिता नहीं है। भाजपाई राज में कुम्भ से लेकर हर मौके पर मरने वालों की संख्या गोल-मोल रही है। दिल्ली स्टेशन पर भगदड़ में कितने मरे वह भी स्पष्ट नहीं हुआ था और मामले को दबाने के लिए पहली बार रेलवे ने नकद मुआवजा बांट दिया था। इंदौर की मौतों के मामले में टाइम्स ऑफ इंडिया ने यह भी बताया है कि सरकार सिर्फ चार मौतों को पानी से निर्णायक तौर पर जुड़ा मानती है। जाहिर है, मौत की संख्या कम बताने की कोशिश चल रही है। दूसरी ओर, अखबारों ने यह नहीं बताया है कि दूषित पानी की शिकायत दो महीने से की जा रही थी। डबल इंजन वाले मध्य प्रदेश के इस शहर में महापौर भी भाजपा के हैं और नेताओं के हाथ निगम अधिकारियों के पिटने की खबर भी आम है।

इंडियन एक्सप्रेस में आज छपी खबर के अनुसार, इंदौर में दूषित पानी से मौत के पहले पानी की शिकायत की जाती रही थी। दो महीने से ज्यादा पहले दिनेश भारती वर्मा ने 15 अक्तूबर को मेयर के हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत की थी 11 में मंदिर और आश्रम के पास बोर वेल के पानी में नाली का पानी मिला हुआ है। नवंबर के मध्य तक समस्या बढ़ गई थी। शिवानी ठाकले ने शिकायत की कि गंदे पानी में एसिड है। 18 दिसंबर को निवासियों ने कहा कि पानी से बदबू आ रही है 28 को गणेश परास्कर और यश परेवा ने कहा कि वार्ड 11 में 90 प्रतिशत लोग बीमार हो रहे हैं। उल्टी और डायरिया की शिकायत है। प्रशासन 29 दिसंबर को पहली मौत के बाद जागा। इससे पहले खबर आम है कि डबल इंजन वाले मध्य प्रदेश के संबंधित मंत्री से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि फोकट के सवाल करते हो। रिपोर्टर ने कहा कि मैं होकर आया हूं तो मंत्री ने कहा, घंटा। और फिर जो गर्मा-गर्मी हुई उसका एक मिनट से कम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। मंत्री ने खेद जताया है, माफी नहीं मांगी है लेकिन संबंधित चैनल, एनडीटीवी ने मूल वीडियो को हटा लिया है। इन खबरों के साथ प्रचार यह है कि इंदौर देश का सबसे साफ शहर है। फिर भी दूषित पानी से मौत की खबर से ज्यादा छपने वाली खबर है, बांग्लादेश में एक और हिन्दू युवक पर हमला। अमर उजाला में दूषित पानी से मौत की खबर पहले तो नहीं ही थी, आज भी नहीं है। बांग्लादेश में एक और हिन्दू युवक पर हमला, अमर उजाला में पहले भी थी, आज भी है

जहां तक इंदौर नगर निगम के काम की बात है, अधिकारियों पर हमला होता रहा है। कैलाश विजयवर्गीय के पुत्र और दूसरे लोग हमला कर चुके हैं। इनके खिलाफ शिकायत, पुलिसिया कार्रवाई हुई होगी लेकिन सरकार अधिकारी के काम में बाधा डालने और मारपीट के मामले में किसी सख्त कार्रवाई की  सूचना नहीं है। जो भी हो, जनता ने यह व्यवस्था न सिर्फ चुनी है, बनाई भी है। इसलिए इसकी खबर की भी क्या चिन्ता करना। इस खबर के साथ देशबन्धु ने एक और खबर छापी है, भाजपा वोट चोरी से सरकार बनाकर मौत परोसती है : जीतू पटवारी। यह भी दूसरे अखबारों में पहले पन्ने पर नहीं है। ऐसा नहीं है कि देशबन्धु मध्य प्रदेश का अखबार है इसलिए इसमें यह खबर है और उत्तर प्रदेश के अमर उजाला में नहीं है। इस संबंध में मैं लिख चुका हूं कि अमर उजाला में एसआईआर की तारीख तीसरी बार बढ़ाने की खबर भी पहले पन्ने पर नहीं थी जबकि वह तो उत्तर प्रदेश का ही मामला था। जो भी हो, यह साबित करने की जरूरत नहीं है कि अखबार पक्षपाती है और अब यह स्थापित हो चला है। अमर उजाला की लीड बीड़ी सिगरेट पर जीएसटी बढ़ने की खबर है। नवोदय टाइम्स में स्विटजरलैंड के बार में आग लगने की खबर लीड है।

कहने की जरूरत नहीं है कि मुझे सरकार की प्राथमिकताओं के साथ खबरों की प्राथमिकता भी ठीक नहीं लगती है। द टेलीग्राफ ने कल बताया था कि देश के दवा क्षेत्र में सब कुछ ठीक नहीं लग रहा है। आज की लीड यह सवाल है कि उड्डयन क्षेत्र का क्या हाल है। क्या दोनों सबसे बड़ी विमान सेवा कंपनियां सर्वश्रेष्ठ हैं। जो स्थितियां हैं उसमें उड्डयन क्षेत्र के लिए उम्मीदें हैं तो बाधाएं भी कम नहीं हैं। मैंने कल यहां बताया था कि इंडिगो अगर क्रू से संबंधित सरकारी नियम लागू नहीं कर रहा है या नहीं करना चाहता है तो उससे हुई परेशानी के बाद सरकार ने जीएसटी ठोक दिया है। जाहिर है, यह इस क्षेत्र के लिए नुकसानदेह हो सकता है और इसपर ध्यान दिए जाने की जरूरत है। इसलिए यह खबर है। दि एशियन एज की लीड मणिपुर में सरकार बनाने की अटकल है। अखबार की खबर है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह राज्य में सुरक्षा की स्थिति की समीक्षा करेंगे और राज्य में चल रहे राष्ट्रपति शासन को खत्म करने के लिए शांति सबसे महत्वपूर्ण है। आप जानते हैं कि मणिपुर में दो साल से ज्यादा हिन्सा चलती रही। अब शांति है ऐसी ऐसी खबर तो नहीं है, गृहमंत्री देखेंगे यह खबर है और उससे संबंधित अटकल लीड। ठीक है कि अटकल भी लीड बनती रही है लेकिन यह आज किसी दूसरे अखबार में नहीं है इसलिए मुझे यह जोखिम लेना भी गैर जरूरी लग रहा है।

दिलचस्प यह है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि केरल में भाजपा एलडीएफ (लेफ्ट डेमोक्रैटिक फ्रंट) और यूडीएफ (यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट) के फिक्स्ड मैच को जल्दी ही खत्म करेगी। वोट चोरी और चुनाव चोरी के आरोपों के बीच अमित शाह यह कहते रहे हैं कि केंद्र की भाजपा सरकार को हिलाया नहीं जा सकता है और प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि केरल में फिक्स्ड मैच जल्दी ही खत्म करेंगे। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तिरुवनंतपुरम के नए चुने गए मेयर भाजपा के वीवी राजेश को चिट्ठी लिखी है और उसी में अपनी राय जताई है। एशियन एज ने तिरुवनंतपुरम डेटलाइन से अपने संवाददाता की यह खबर पहले पन्ने पर छापी है। भाजपा ने चुनावी तैयारियों के क्रम में कोलकाता से गुवाहाटी वंदेभारत स्लीपर ट्रेन शुरू करने की घोषणा की है। आज यह खबर भी कई अखबारों में प्रमुखता से है। इन खबरों में इंदौर में दूषित पानी पीने से मौत की खबर नहीं है लेकिन बांग्लादेश में एक ‘और’ हिन्दू पर हमले की खबर है। इंदौर की खबर अलग अखबारों में अलग है। द हिन्दू में सिंगल कॉलम की खबर का शीर्षक है, पानी के 26 नमूने संक्रमित पाए गए हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स, इंडियन एक्सप्रेस और द हिन्दू की लीड तंबाकू उत्पादों पर केंद्र सरकार द्वारा टैक्स बढ़ाए जाने की खबर है।   

मैं रोज तीन हिन्दी और छह अंग्रेजी, कुल नौ, कई बार इससे भी ज्यादा अख़बार देखकर उसकी खास बातें लिखता हूँ। अंग्रेजी की खबरों के खास अंशों का अनुवाद करता हूं। वह भी लिखता हूं जो अखबार नहीं लिखते या नहीं लिख सकते हैं। जो लिखता हूं उसमें बहुत कुछ याद से लिखा होता है। एआई का सहयोग होता है। कुछ अंग्रेजी अखबारों की खबरों का अनुवाद होता है। इसलिये भूल-चूक की आशंका है। कृपया कहीं उल्लेख करने या हवाला देने से पहले अपने स्तर पर पुष्टि कर लें।

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