IND24 न्यूज चैनल को उत्तर प्रदेश में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाने वाली यूपी स्टेट हेड निशा नाथ पांडेय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफे के साथ ही उन्होंने चैनल के चेयरमैन नवीन पुरोहित पर गंभीर और चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं।
निशा नाथ पांडेय का आरोप है कि पिछले कुछ समय से उन पर अधिक से अधिक विज्ञापन लाने का अनुचित दबाव बनाया जा रहा था। इतना ही नहीं, यूपी में कार्यरत रिपोर्टरों से हर महीने ‘लंबा पेमेंट’ वसूलने और इसी शर्त पर उनकी नियुक्ति कराने का दबाव भी डाला जा रहा था, जिसे उन्होंने साफ तौर पर अस्वीकार कर दिया।
उन्होंने बताया कि जनवरी 2024 से अब तक उन्होंने IND24 को यूपी में खड़ा करने के लिए कड़ी मेहनत की। दो साल की लगातार कोशिशों के बाद चैनल का डीपीआर (DPR) भी कराया गया, लेकिन संस्थान की ओर से सहयोग की बजाय केवल आर्थिक लाभ पर ही फोकस रखा गया।
निशा नाथ के मुताबिक, यूपी से राजस्व लेने के बावजूद चैनल में यूपी के समाचार बुलेटिनों को न तो उचित समय दिया जाता था और न ही रिपोर्टरों को लाइव या फोनो के जरिए पर्याप्त कवरेज का मौका मिलता था। इससे प्रदेश की खबरें लगातार हाशिए पर चली जाती थीं।
करीब तीन वर्षों तक चैनल के विस्तार में जुटी रहीं निशा नाथ पांडेय ने यह भी आरोप लगाया कि चेयरमैन नवीन पुरोहित, जो पहले भी कई विवादों में रह चुके हैं, लगातार उनके कामकाज में दखल दे रहे थे। विज्ञापन को लेकर व्हाट्सएप कॉल्स के जरिए दबाव बनाया जाता था। यहां तक कि रिपोर्टरों की जॉइनिंग के लिए उनसे 12-15 हजार रुपये वसूलने की बात भी कही गई।

भड़ास से बातचीत में निशा नाथ पांडेय ने स्पष्ट कहा कि मानसिक प्रताड़ना और अनैतिक दबाव के चलते उन्होंने IND24 ग्रुप छोड़ने का फैसला लिया है। उनका कहना है कि पत्रकारिता के मूल्यों से समझौता करना उनके लिए संभव नहीं था, इसलिए उन्होंने संस्थान को अलविदा कहना ही बेहतर समझा।
पांडेय ने बताया कि, Ind24: 5 लाख का मुझे डिपॉजिट लिया गया इसके बाद ढाई-ढाई लाख रुपये मुझे दो महीने लिए गए जब मैं देने में असमर्थ हुआ तो मैं जून में इस्तीफा लिखा जो नवीन पुरोहित ने एक्सेप्ट नहीं किया क्योंकि उनको मुझे उत्तर प्रदेश में विज्ञापन के नाम पर रिपोर्टरो से वसूली करवानी थी। जनवरी 2024 को मैंने ind 24 बतौर स्टेट हेड ज्वाइन किया था।
पूरे 2 साल सिर्फ मेरा शोषण किया गया। जो रिपोर्टर विज्ञापन और जॉइनिंग का पैसा नहीं देता था तो उसको हटा दिया जाता था मुझे हस्ताक्षर अथॉरिटी तक नहीं दी गई। मैं किसी रिपोर्टर को कैट तक अपने साइन से नहीं दे सकता था। मुझे मानसिक प्रताड़ित किया गया जिसके चलते मैं ind 24 चैनल छोड़ दिया। अब मुझे मानहानि का नोटिस भेजा गया है।
उपरोक्त आरोपों पर नवीन पुरोहित का पक्ष पढ़ें-
यह पत्र मैं किसी विवाद को बढ़ाने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि पत्रकारिता की निष्पक्षता, मानवीय संवेदनशीलता और तथ्यपरकता में अपने विश्वास के साथ लिख रहा हूँ।
आपके पोर्टल bhadas4media पर प्रकाशित समाचार —
“IND 24 News: स्टेट हेड यूपी निशा नाथ पांडेय का इस्तीफ़ा, चेयरमैन नवीन पुरोहित पर वसूली और दबाव के गंभीर आरोप”
के संदर्भ में कुछ अत्यंत आवश्यक तथ्यों को आपके संज्ञान में पुनः विनम्रतापूर्वक रखना चाहता हूँ।
सबसे पहले, यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि इस समाचार के प्रकाशित होने से पूर्व ही मैंने आपसे व्यक्तिगत रूप से यह अवगत करा दिया था कि जो जानकारी आपको दी जा रही है, वह गलत, अपूर्ण और भ्रामक है। मैंने आपसे यह भी निवेदन किया था कि यदि संबंधित व्यक्ति द्वारा लगाए जा रहे आरोपों के कोई ठोस प्रमाण हैं, तो कृपया उन्हें साझा किया जाए, ताकि तथ्यों के आधार पर स्थिति स्पष्ट की जा सके।
इसके बावजूद, बिना मेरे पक्ष को विस्तार से सुने और बिना तथ्यों की समुचित जाँच के, समाचार प्रकाशित कर दिया गया—जो मेरे लिए व्यक्तिगत और पेशेवर रूप से अत्यंत पीड़ादायक रहा।
मामले की वास्तविकता यह है और तथ्यात्मक स्थिति यह है कि:
- यह कोई इस्तीफ़ा नहीं, बल्कि एग्रीमेंट आधारित असोसिएशन था।
- संबंधित व्यक्ति द्वारा बार-बार एग्रीमेंट की शर्तों का उल्लंघन किया गया।
- मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए, उसकी पारिवारिक परिस्थितियों को देखते हुए उसे अनेक अवसर दिए गए।
- किसी भी स्तर पर न तो वसूली हुई, न विज्ञापन या अन्य किसी विषय पर सम्बद्ध संवाददाताओं पर कोई दबाव डाला गया।
यह भी उल्लेख करना चाहूँगा कि जबरन वसूली, विज्ञापन दबाव अथवा इस प्रकार के किसी भी आरोप के समर्थन में न तो कोई संदेश, न कोई ई-mail और न ही किसी प्रकार का संवाद उपलब्ध है। ये आरोप पूर्णतः निराधार, असत्य और भ्रामक कथनों का संकलन मात्र हैं और एक़ बेहद गैरजिम्मेदाराना, और गैर पेशेवर रवैये पर चेतावनी देने पर द्वेषभावना से उपजी प्रतिक्रिया है जिसका कोई तथ्यात्मक आधार नहीं हैं! हम एक़ भी रिपोर्टर बिना पुलिस वेरिफिकेशन के नहीं जोड़ते, रिपोर्टर से सम्बद्धता की हमारी स्पष्ट प्रक्रिया है जिसका निशानाथ द्वारा बार बार उल्लंघन किया गया उल्टा हम पर यह दबाब बनाया गया कि हम बिना मानक प्रक्रिया के डॉक्यूमेंटेंशन के बिना पोलिस वेरिफिकेशन के लोगों को जोड़ लें, इस तथ्य के मैं आपको प्रमाण तक उपलब्ध करा चुका हूं!
मैं आपको यह भी अवगत कराना चाहता हूँ कि उक्त असत्य और भ्रामक दुष्प्रचार करने वाले व्यक्ति निशा नाथ पांडेय के विरुद्ध हम उचित एवं कड़ी कानूनी कार्यवाही की प्रक्रिया में हैं, उनको हमारे अधिवक्ता के माध्यम से नोटिस गया है!
मैं पिछले 15 वर्षों से अधिमान्य पत्रकार हूँ तथा एक सेटेलाइट हिंदी न्यूज़ चैनल के संस्थापक एवं संचालक होने के नाते, पत्रकारिता के मूल्यों—संतुलन, सत्यापन और जवाब का अधिकार—में गहरी आस्था रखता हूँ।
आपसे मेरा विनम्र अनुरोध है कि:
- या तो उक्त समाचार में तथ्यात्मक सुधार करते हुए मेरा यह स्पष्टीकरण समान प्रमुखता से प्रकाशित किया जाए,
- अथवा समाचार को पोर्टल से हटाकर एक निष्पक्ष और संतुलित दृष्टिकोण पाठकों के समक्ष प्रस्तुत किया जाए।
मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप इसे किसी दबाव या आग्रह के रूप में नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार और परिपक्व मीडिया संवाद के रूप में लेंगे और पाठकों को सही एवं संतुलित तथ्य उपलब्ध कराने की दिशा में उचित निर्णय करेंगे।
सादर,
नवीन पुरोहित
संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक
IND24 – सेटेलाइट हिंदी न्यूज़ चैनल


