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पीपुल्स समाचार ने नेशनल एडिटर शैलेंद्र तिवारी को संस्थान से बाहर किया!

भोपाल : पीपुल्स समाचार में करीब छह महीने पहले बतौर नेशनल एडिटर ज्वाइन करने वाले शैलेन्द्र तिवारी को संस्थान ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है। इसके अलावा 20 जनवरी से उनका नाम प्रिंट लाइन से हटा दिया गया है।

कहा जा रहा है कि काम में लगातार लापरवाही और वर्किंग पीरियड में दफ्तर में नहीं रहने की वजह से प्रबंधन ने ऐसा निर्णय लिया है। पिछले कुछ समय से वह शाम छह बजे की मीटिंग के बाद ऑफिस से निकल जाते थे। जिसके बाद देर रात कभी आते या नहीं आते थे। इसे प्रबंधन ने गंभीरता से लिया।

संस्थान के डिप्टी स्टेट एडिटर राजीव अग्निहोत्री मैनेजेंट के काफी खास हैं। मैनेजमेंट उनसे पूरी रिपोर्ट लेता है। कई दिनों तक अनुपस्थिति की रिपोर्ट शैलेन्द्र के बाहर जाने का कारण बनी।

सूत्रों के मुताबिक शैलेन्द्र ने ज्वाइनिंग के वक्त प्रबंधन को तमाम सपने दिखाए थे। दिल्ली, राजस्थान, यूपी, गुजरात, मुंबई जैसे कई राज्यों में एडिशन खोलकर राजस्व बढ़ाने की प्लानिंग बताई थी लेकिन छह महीने के कार्यकाल में भोपाल और मप्र के चारों एडिशन की ही नींव कमजोर होने लगी। नेशनल एडिटर ने अखबार से लेकर डिजिटल तक का पूरा सेटअप बदलवा दिया।

स्थानीय संपादक की बजाय शहर की खबरों पर हस्तक्षेप, प्रिंट टीम का काम बदलकर डिजिटल का काम करवाना, सेंट्रल डेस्क के अनुभवी नरेश भगोरिया को डिजिटल में शिफ्ट करने जैसे फैसलों की वजह से लोकल टीम लगभग टूट सी गई थी। संस्थान को भी लगने लगा था कि शैलेन्द्र ने काम की बजाय छह महीने में सिर्फ अपनी ब्रांडिंग की है। नतीजा ये रहा कि अखबार का भोपाल सर्कुलेशन भी कम हो गया।

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
5 Comments

5 Comments

  1. Ravi

    January 27, 2026 at 12:29 pm

    राजीव अग्निहोत्री, मनीष दीक्षित एंड पार्टी मैनेजमेंट को उल्लू बना रहा।

    संस्थान को बर्बाद करने में इनका बड़ा योगदान

  2. विकास

    January 29, 2026 at 7:23 am

    राजीव अग्निहोत्री और मनीष दीक्षित शुरू से ही षड्यंत्र करते आए हैं। इनके रहते वहां कोई टैलेंट काम करना नहीं चाहता। ये लोग मैनेजमेंट को गुमराह करते हैं। अखबार दो कौड़ी का निकाल रहे।

  3. दिनेश

    January 31, 2026 at 8:10 pm

    बिल्कुल सही लिखा। मनीष दीक्षित, राजीव अग्निहोत्री एंड मंडली के कारण पीपुल्स समाचार लगातार ब्रांड वैल्यू खोता गया। डिजिटल कभी स्थापित नहीं पाया।

    नितिन महाजन, उदित तिवारी, अमिताभ बुधौलिया ऐसे बहुत नाम है, जिनको साजिश करके नौकरी छोड़ने पर मजबूर किया गया।

    ये पीपल्स समाचार की मालिकन रुचि विजयवर्गीय को लगातार गुमराह कर रहे हैं।

  4. Himanshu

    February 3, 2026 at 1:20 pm

    किन शैलेंद्र तिवारी के केस में तो सुना है कि साहब, के फेकूपन और ऑफिस की ही एक महिला कर्मचारी से आशिकी वो भी भोपाल से इंदौर तक उन्हें भारी पड़ गई।

  5. Himanshu Yadav

    February 3, 2026 at 1:21 pm

    शैलेंद्र तिवारी इसके पहले भी कई बार महिला मित्रों के कारण ही सुर्खियों में रहे हैं।

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