मनीष सिंह-
मैन इन शैडोज!! अजित पवार का विमान क्रेश हुआ, निधन की खबर है। अजीत, महाराष्ट्र या शायद देश के किसी भी राज्य के, सबसे लंबे समय उपमुख्यमंत्री पद पर रहने वाले शख्स है। पृथ्वीराज चव्हाण, उद्धव ठाकरे, एकनाथ शिंदे, और देवेंद्र फडणवीस- सीएम आते जाते रहे- अजीत पवार हर सरकार का हिस्सा बने। और यही त्रासदी भी है।
राजनीतिक रूप से इतने चलायमान और चतुर शख्स, भारत की राजनीति में बिरले ही होंगे। सब कुछ था पवार के पास- पैसा, प्रभुत्व, राजनीतिक विरासत, और अभूतपूर्व चातुर्य।
भ्रष्टाचार के आरोप उन पर स्वयं प्रधानमंत्री ने लगाये। और फिर पवार का कौशल देखिए, महीने न बीते की उन्हें अपनी राज्य सरकार का हिस्सा बनाया।
एक बार तो 35 घण्टे के उपमुख्यमंत्री बने, और अपने खिलाफ सारी जांच बन्द कराने का आदेश जारी करवाकर, वापस विपक्ष में लौट गए।
इसके बावजूद वे लंबे समय कभी शरद पवार के भतीजे के रूप में जाने गये। तो कभी इस-उस मुख्यमंत्री के डिप्टी के रूप कहलाये। शीर्ष पद हाथ भर दूर होकर भी दूर रहा। और वहीं से भरपूर सत्ता भोगी।
करप्शन और राजनीतिक उलटबांसियों को, जो भारतीय राजनेता का बैज ऑफ ऑनर है (और जो नहीं होने पर आप पप्पू कहलाते हैं) को अलग रखें… तो पवार अनुभवी और ऐबल एडमिनिस्ट्रेटर थे।
देश में तमाम राज्यों में बैठे अनुभवहीन, रीढ़हीन, पार्टी और ब्यूरोक्रेसी की कठपुतली बने मुख्यमंत्रियों के उलट, उन्हें प्रशासन चलाना आता था।
एक निपट, निपुण राजनेता कैसा होता है- अजीत पवार के पास सिखाने के लिए बहुतेरी कलाएं थी। सत्य यह कि डिप्टी सीएम होकर, उनका जलवा किसी सीएम से कम नहीं रहा।
तो भले ही मुझे अजीत पवार की राजनीति पसंद नहीं। अनैतिक गठबंधन, दल और परिवार को तोड़ना, जनता से मिले मैंडेट को बेचना- हम जैसे खामख्याल आदर्शवाद चाहने वालों को वैसे भी रुचना नहीं था।
मगर सफल, मजबूत, काम करा ले जाने वाले प्रशासक के तौर पर पवार का सम्मान नहीं करना, अनुचित होगा। लगता था कि उम्र उनके साथ है, करियर अभी लम्बा है। किसी दिन वे शीर्ष पर अवश्य पहुँचते। पर काल की गति न्यारी है।
वह भाग्य से अधिक, किसी को कुछ नहीं देता। मृत्युपर्यन्त उपमुख्यमंत्री अजीत पवार को अंतिम प्रणाम। गुड बाय, ओ मैन.. ऑफ शैडोज!!
अजीत पवार साहब की विमान दुर्घटना में मौत की ख़बर बेहद अफ़सोसनाक है। ख़ुदा उनके परिवार को इस दुख की घड़ी में सब्र अता करे, भारत सरकार दुर्घटना की गहन जॉंच करवाये ताकि दुर्घटना के कारणों का पता चल सके। -इमरान प्रतापगढ़ी, कांग्रेस सांसद
उर्मिलेश-
बहुत दुखद! महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री अजित पवार सहित पांच लोगों की विमान-दुर्घटना में मौत! दुर्घटना दिवंगत पवार के गृह क्षेत्र बारामती में लैंडिंग के दौरान हुई. यह एक चार्टर्ड प्लेन था.
दल-बदल सम्बन्धी तमाम आलोचनाओं और विवादों के बावजूद अजित पवार अपने क्षेत्र के एक लोकप्रिय नेता थे. सन् 2004 और 2024 के चुनावों के दौरान बारामती में घूमते हुए मैंने स्वयं भी महसूस किया कि शरद पवार के बाद समूचे पश्चिम महाराष्ट्र, खासतौर पर पुणे, बारामती और सांगली के इलाके में उनकी काफी पकड़ थी.
दिवंगत अजित पवार और अन्य दिवंगत यात्रियों के परिवार के प्रति हमारी शोक संवेदना
सोहित मिश्रा-
अजित पवार का अपना एक स्टाइल था.. सुबह छह बजे से वो अपने काम की शुरुआत कर देते थे और भोर से ही उनके यहां पर लोगों के आने का सिलसिला शुरू हो जाता था.. 2024 विधानसभा चुनावों के समय जब डॉक्टर रॉय के साथ dekoder पर चुनावों का कवरेज जारी था, तब अजित पवार ने मुंबई के अपने बंगले पर हमें सुबह 7 बजे का समय दिया था..
हम सभी साढ़े छह बजे वहां पहुंच गए थे, लगा था कि शायद सात बजे सबसे पहले वो हमें इंटरव्यू देंगे, लेकिन वहां जाकर देखा कि छह बजे से वो तीन इंटरव्यू दे चुके थे, हम चौथे थे! सुबह सात बजे! यह सब तब जब महाराष्ट्र लोकसभा में उनकी एक सीट आई थी! अजित पवार को लेकर कई आलोचनाएं हम सभी ने की है, लेकिन इसमें कोई शक नहीं कि जितनी पकड़ महाराष्ट्र के राजनीति और bureaucracy पर उनकी थी, उतनी पकड़ शायद ही किसी और की रही…
अचानक से इनके जाने का असर महाराष्ट्र की राजनीति पर ज़रूर पड़ेगा.. अजित पवार की कमी खलेगी… बीजेपी के साथ सत्ता में रहने के बावजूद RSS के मुख्यालय में नहीं जाने वाले एकमात्र नेता थे अजित पवार! महाराष्ट्र में हिंदू मुस्लिम राजनीति नहीं करने वाले कुछ सेक्युलर नेताओं में से एक को हमने आज अचानक से खो दिया..


