आचार्य चंद्रशेखर शास्त्री-
भविष्य कथन योगी जी…. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में तथाकथित की बैटिंग और उपमुख्यमंत्री की स्नान प्रार्थना, उस पर केंद्र के आला मंत्री का बयान कि सनातन का अपमान करने वाले सत्ता में नहीं रह पाएंगे….और यूजीसी को हवा देना…! यह सब केवल योगी जी के साम्राज्य को निपटाने की योजना का भाग है…
सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी की तो हवा निकाल दी है… और सनातन के सम्मान की महान परंपरा में साक्षात शिवस्वरूप नाथ परंपरा के दैदीप्य सूर्य महाराज लक्ष्मण के कुल के प्रतिनिधि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कुंडली में प्रधानमंत्री का प्रबल योग है। जो किसी भी भूचाल से नहीं रुकेगा…. योगी जी भारत के प्रधानमंत्री होंगे। उनके प्रधानमंत्री होने के बाद नेपाल, भूटान और बांग्लादेश का एक बड़ा भाग भारत में विलय हो जाएगा। वे अपने कार्यकाल में कठोर संघर्ष करके विश्व विजेता के रूप में सामने आएंगे।

उस समय देश में गृह युद्ध के हालात होंगे और चहुंओर आग लगी होगी….लेकिन धीरे-धीरे समय पार हो जाएगा। हां! योगी जी का बलिदान हो सकता है। यही स्थिति वर्तमान प्रधानमंत्री की कुंडली में भी है। इन दोनों की कुंडलियों में विस्फोटक योग हैं, जो इन्हें देश की महान परम्पराओं में इतिहास पुरुष बनाने की क्षमता रखती है।
वर्तमान में आसुरी शक्तियां एक भगवाधारी को मोहरा बनाकर योगी के विरुद्ध भयंकर विषवमन कराकर आसुरी शक्तियों द्वारा उस भगवाधारी के जीवन को संकट उत्पन्न करके प्रदेश में योगी के विरुद्ध ऐसा महान संकट उत्पन्न करना चाहती थी कि योगी प्रदेश से हट सकें और उनको राज्य मिल जाए। लेकिन 2027 के चुनाव में समाजवादी पार्टी को सत्ता किसी अन्य के समर्थन से भी नहीं मिलेगी।
बसपा का खाता इस बार ठीक खुलेगा। भाजपा को आंशिक हानि होगी। लेकिन सरकार भाजपा की ही बनेगी। जिसमें केशव प्रसाद मौर्य नहीं होंगे। नया चेहरा प्रदेश की कुर्सी पर आएगा और योगी जी को दिल्ली कूच करना पड़ेगा…यह सब इतने आश्चर्यजनक घटनाक्रम से होगा कि लोग समझ नहीं पाएंगे कि ये क्या हुआ….
महामानव मोदी का कार्यकाल पूर्ण होने को है। उनके तप का प्रभाव अब क्षीण हो रहा है। उन्हें सत्ता का त्याग करना होगा। निश्चय ही कोई बड़ी से बड़ी शक्ति उन्हें अपने पद से हटा नहीं पाएगी। लेकिन परिस्थितियां उनके विपरीत होंगी। उन्होंने भारत को प्राचीन गौरव से जोड़कर जो सनातन अस्मिता को वैश्विक अस्मिता बनाने का कार्य किया है, वह वर्तमान में किसी परम संत, शंकराचार्य, उद्योगपति, वैचारिक प्रमुख आदि के द्वारा संभव नहीं हो सका है। इसके लिए वे सदैव बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक समाज में अंतस्थ रहेंगे।
देश और दुनिया बहुत तेजी से बदल रहे हैं। विश्व 2019 से युद्धों आपदाओं और महान षड्यंत्रों से जूझ रहा है…अभी यह सब चलता रहेगा 2042 तक….उसके बाद समस्त संसार भारत की संप्रभुता के अधीन या नतमस्तक होकर स्वयं की सुरक्षा पाएगा।
आचार्य चंद्रशेखर शास्त्री राष्ट्रीय ज्योतिष परिषद के अखिल भारतीय अध्यक्ष तथा श्री पीतांबरा विद्यापीठ के अधिष्ठाता हैं.



अनन्त वर्मा
January 31, 2026 at 2:30 pm
अब भडास भी पैसा लेकर भगवा पहन कर व्यक्ति विशेष का PR करने वाले बाबाओं की अंट शंट फालतू भविष्यवाणी को जगह देने लगा ये विचारणीय है।
यशवंत भैया और पुरा संपादक मण्डल खुद विचार करे ये सब बात वास्तविकता में संभव है? और क्या आदरणीय आचार्य जी भविष्यवाणी की आड़ में योगी जी का पीआर नहीं कर रहे हैं?