अडानी समूह चर्चा में है। अच्छाइयों के लिए नहीं बल्कि हर बार की तरह बुराई का सिलसिला शुरू करने के लिए। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स लिख रहे हैं कि अडानी ग्रुप आपदा में अवसर निकाल लाया है। जिसमें वह अमेरिका इजराइल का ईरान से चल रहे युद्ध के बीच गैस के दाम बढ़ाकर वसूल रहा है। नीचे पढ़ें…
इंडिया अवेकेंड नामक एक्स हैंडल का ट्वीट-
अदाणी ने भारत में वसूली की शुरू’आत कर दी है
- इंडस्ट्रियल LNG की क़ीमत 3 गुना कर दी है
- 40₹ क्यूबिक मीटर से बढ़ा कर 120₹ क्यूबिक मीटर
अदाणी के पास सस्ती गैस है..तो क़ीमत 3 गुना करने की क्या ज़रूरत थी? जब तक सस्ती गैस है पुरानी क़ीमत पर बेचो..जब महंगी ख़रीद कर बेचना पड़े तब महंगा बेचो..मगर जंगी हालात का फ़ाइदा उठा कर सस्ती गैस को तीन गुना क्यों बेचा जा रहा है? ये खुली लूट है
कल तक मीडिया बता रहा था कि भारत में तेल गैस की कोई कमी नहीं है..अगर सच में कमी नहीं है तो अदाणी का 3 गुना क़ीमत पर गैस बेचना काला बाज़ारी है..
इंडस्ट्रियल गैस की क़ीमत 3 गुना होने का असर जनता पर ही पड़ेगा..जब PM कॉम्प्रोमाइज़्ड है तब देश की लूट पर सोचना भी ग़लत है..
डॉ लक्ष्मण यादव-
आपदा में अवसर ढूँढना इसे ही कहते हैं।
जब भी संकट आता है अडानी मुनाफा कमाता है !!
जब देश के इतने ज़रूरी संसाधन एक ही बड़े कारोबारी समूह के हाथों में चले जाते हैं, तो खतरा यही होता है कि संकट के समय जनता की मजबूरी भी मुनाफे का मौका बन जाती है।
आखिरकार असर आपकी-हमारी गाढ़ी कमाई पर ही पड़ता है — और संकट के समय उसका बोझ भी आम लोगों को ही उठाना पड़ता है।

कृष्णन अय्यर-

“नॉर्वे पेंशन फंड” ने अदाणी पोर्ट्स को ब्लैकलिस्ट कर दिया है..क्योंकि नॉर्वे का कहना है कि अदाणी मानवता के ख़िलाफ़ जंग में मदद करता है..ये बहुत ख़तरनाक बात है
- “नॉर्वे पेंशन फंड” दुनिया का सब से बड़ा फंड है
- “सॉवरेन वेल्थ फंड” है/पूरी दुनिया में निवेश है
- एथिक्स और क़ानून में बहुत सख़्त है
- 2 ट्रिलियन डॉलर का फंड है
नॉर्वे को शक है/सुबूत है कि जंग के हालात में अदाणी ऐसे काम/फंडिंग/व्यापार करता है जो “ह्यूमन राइट्स” के ख़िलाफ़ है.. इसी वजह से नॉर्वे ने अदाणी में सारे इनवेस्टमेंट बेच कर ब्लैकलिस्ट करने का फ़ैसला किया है।
वैसे यह फ़ैसला एक बार 2024 में हो चुका था..वापस इस ख़बर का मतलब है कि नॉर्वे अदाणी के शेयर बेचेगा और कुछ सख़्त क़दम भी उठाएगा। अदाणी पर भ्र्ष्टाचार के ‘अलावा जंग में मानवाधिकार को ख़त्म करने के इल्ज़ाम भी लग गए..ये तो क्रिमिनल एक्ट है।
मोदी और अदाणी ने भारत को दुनिया में शर्मिंदा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है..भारत का उद्योगपति जंग में फंडिंग करता है? ये कौन सा धंधा खोल रखा है?
अब आप समझिए कि ट्रम्प के पास कैसे कैसे सुबूत हैं!! विदेशों में क्यों भारतीयों के ख़िलाफ़ नफ़रत फैल रही है? भारतीयों पर हमले की वजह एक नहीं, बेशुमार है..ये सब पाप है.. धर्म की नफ़रत, जंग में फंडिंग, काला धन, घोटाले, देश की प्रॉपर्टी ख़रीदना : कोई पाप बचा है?


