प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक दफा अपने गहन शोध के पिटारे से निकालकर नाली से गैस बनाने की विधि बताई थी। आज एलपीजी न मिलने के पैनिक के बीच जनता प्रधानमंत्री की विधि पर रिसर्च कर रही है तो उनका थाली लोटा पुलिस जमा कर ले रही है। कोई सोशल मीडिया पर लिख तक दे रहा है तो उसका अकाउंट उड़ा दिया जा रहा है। मतलब आपका ही बताया नुस्खा आपको ही अपना मजाक उड़ाने जैसा लग रहा है तो ऐसी फर्जी बातें पब्लिक डोमेन में रखनी ही नहीं चाहिए। कुल मिलाकर इस समय देश में मोदी और अडानी का नाम लेना या कहीं लिखना गुनाह हो चला है- नीचे पढ़िए
डॉ कंचना यादव-
नाली से गैस निकालकर चाय बनाने जैसी बात खुद प्रधानमंत्री द्वारा कही गई, जो आज पूरे देश में वीडियो और मीम्स के रूप में फैल चुकी है। जब वही बात लाखों लोग शेयर और चर्चा कर रहे हैं, तो सिर्फ मेरे पोस्ट और अकाउंट को ही क्यों निशाना बनाया जा रहा है?
क्या अब प्रधानमंत्री के बयान को उद्धृत करना भी अपराध माना जाएगा? अगर ऐसा है, तो क्या सरकार उन लाखों लोगों पर भी कार्रवाई करेगी जो इसी विषय पर बोल रहे हैं या फिर नियम सिर्फ चुनिंदा लोगों पर ही लागू होते हैं?

अंबुज कुमार-
17 मार्च 2026 को यूट्यूब ने हमारे तीन वीडियो को ब्लॉक कर दिया है। तीनों में ही अदानी के मामलों पर चर्चा हुई थी।
यूट्यूब के अनुसार कोर्ट ऑर्डर के बाद यह एक्शन लिया गया है… क्या अब यह मान लिया जाए कि यह देश पूरी तरह से अडानी के कब्जे में है लोकतंत्र, संविधान, राइट टू स्पीच यह सब खत्म हो चुका है?

राकेश रंजन-
डियर प्रधानमंत्री जी,
आए दिन मेरे कार्टूनों पर आपका “प्रेम पत्र” भेजा जा रहा है। इससे न तो मैं कार्टून बनाना छोड़ूँगा और न ही उन्हें पोस्ट करना। आप चाहें तो मेरा पोस्ट या आईडी ब्लॉक कर सकते हैं मैं नई आईडी बना लूँगा। हाँ, सच कहूँ तो 37 हज़ार जेन्युइन फ़ॉलोअर्स के चले जाने का दुख ज़रूर होगा, क्योंकि एक्स पर फ़ॉलोअर्स इतनी तेज़ी से नहीं बढ़ते।
मेरा पोस्ट या आईडी ब्लॉक किया जा सकता है, लेकिन मेरी कलम की ताक़त को नहीं। साहब, आपने तो हर चीज़ कंट्रोल कर रखी है क्या लिखूँ, क्या बोलूँ। मैं गोदी मीडिया का हिस्सा नहीं हूँ, जिसकी कोई बोली लगा दे और मैं आपके चरणों में बिछ जाऊँ।
शुक्रिया
भारत का एक ज़िम्मेदार व्यक्ति
राकेश रंजन (कार्टूनिस्ट)


