लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी Lucknow में लोक निर्माण विभाग (PWD) के कार्यालय में लगी आग ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना में रोड टेंडर से जुड़ी अहम फाइलें जलकर खाक हो गईं, जिससे करोड़ों रुपये के संभावित घपले की आशंका जताई जा रही है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि आग लगने के बावजूद समय रहते फायर ब्रिगेड को सूचना नहीं दी गई। इस देरी ने न सिर्फ आग को फैलने का मौका दिया, बल्कि महत्वपूर्ण दस्तावेजों को बचाने की संभावना भी खत्म कर दी।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, जिन फाइलों में सड़क निर्माण और टेंडर प्रक्रिया से जुड़े रिकॉर्ड थे, वही सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि कहीं यह आग महज हादसा न होकर किसी बड़ी गड़बड़ी को छिपाने की कोशिश तो नहीं।
सूत्रों के मुताबिक, मामले की जांच के आदेश दिए जा सकते हैं और यह देखा जाएगा कि आग किन परिस्थितियों में लगी और फायर ब्रिगेड को सूचना देने में देरी क्यों हुई।
इस मामले में तीन प्रमुख अखबारों की कवरेज आप पढ़िए-
- दैनिक जागरण ने खबर की लीड में लिखा है- “UP PWD मुख्यालय में आग से कंप्यूटर खाक, पत्रावलियों के जलने की आशंका”
- अमर उजाला लिखता है- ” लखनऊ में पीडब्ल्यूडी मुख्यालय के आंबेडकर सेल में लगी आग, शॉर्ट सर्किट बनी वजह, जांच के निर्देश”
- दैनिक भास्कर की लीड रोचक है- “PWD ऑफिस में आग से रोड टेंडर फाइलें जली: लखनऊ में फायर ब्रिगेड को नहीं दी सूचना; करोड़ों के घपले की आशंका-जांच होगी



वरिष्ठ पत्रकार अभिषेक उपाध्याय का ट्वीट-
बहुत बड़ी खबर-
घपले-घोटाले और अरबों के नुक़सान के प्रलयंकारी शोर के बीच यूपी PWD मुख्यालय में आग लगी। कई अहम पत्रावलियों के नष्ट होने की आशंका!
आग से कंप्यूटर ख़ाक! टेंडर फाइलों के भी जलने की ख़बर! दैनिक भास्कर लिखता है कि फायर ब्रिगेड को नहीं दी सूचना!
माना कि ये रहस्यमयी आग सारे निशान नष्ट कर देगी, फिर भी कुछ तो बचा रह जाएगा!
जैसे देह के नष्ट हो जाने के बाद भी बची रह जाती है आत्मा! जो इस आत्मा की खोज कर लेगा, उसी को शब्दभेदी बाण मारने वाला चौहान कहा जाएगा!!


