यूपी के नोएडा-गाजियाबाद में दो पत्रकार ग्रुपों में आपसी सिर फुटौव्वल का मामला सामने आया है। यह विवाद बीते कुछ समय से उमेश शर्मा, संजय भाटी व अन्य के बीच चल रहा है। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर वार पलटवार किया है। इसी कड़ी में पत्रकार उमेश व निशांत ने संजय भाटी समेत कुछ पर खोड़ा थाने में मुकदमा लिखवाया है। जबकि दूसरे पक्ष का कहना है कि उसने वीडियो और अन्य माध्यमों से दोनों पत्रकार भाइयों की पोल खोली थी, जिसके बाद यह लोग पुलिस की सेटिंग से मुकदमा लिखवा रहे हैं, नीचे पढ़िए और वीडियो भी देखिए…
गाजियाबाद के थाना खोड़ा क्षेत्र में सोशल मीडिया के जरिए एक महिला और उसके परिवार को बदनाम करने का गंभीर मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत FIR संख्या 0116, दिनांक 20 मार्च 2026 को दर्ज की है, जिसमें देव कुमार मिश्रा, संजय भाटी और राजा मौर्य को नामजद आरोपी बनाया गया है।
पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर झूठी और आपत्तिजनक पोस्ट डालकर उसकी सामाजिक छवि धूमिल की गई है और परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।
चौंकाने वाली बात यह है कि इन आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है, जिसमें कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। इसके बावजूद पुलिस द्वारा अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। न तो आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है और न ही चार्जशीट दाखिल की गई है, जिससे कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पीड़िता का कहना है कि आरोपी लगातार झूठी शिकायतें कर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे उसका परिवार भय के साये में जी रहा है। पीड़िता ने पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द सख्त कार्रवाई की मांग की है।
प्रकरण में राजा मौर्य, संजय भाटी, देव कुमार मिश्रा पर थाना खोड़ा, गाजियाबाद में FIR 0116/2026 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है, देखें एफआईआर की प्रति…




संजय भाटी इत्यादि का पक्ष-
हमारे द्वारा उमेश शर्मा और निशांत शर्मा के हिन्डन नदी के प्रतिबंधित डूब क्षेत्र में स्थित मकानों की कवरेज करके पोल खोल दी थी। जिससे बौखला कर उमेश शर्मा और निशांत शर्मा ने अपनी पत्नियों व अन्य के साथ मिलकर हम पर हमला, लूट, गाड़ी तोड़ी, बंधक बनाने आदि घटना कर दी थी। और एक पूर्णत झूठी FIR हमारे खिलाफ 2.04.2025 को दर्ज करवा दी थी। थाना फेस-3 नोएडा में निरीक्षक ध्रुव भूषण दुबे से मिली भगत करके हमारी शिकायत पर FIR दर्ज नहीं होने दी थी। जो बाद में दर्ज हुई। और अब उमेश शर्मा और निशांत शर्मा सहित 6 अन्य को न्यायालय द्वारा तलब करने हेतु समन जारी किये गये हैं।
उमेश शर्मा ने अपने घर में घुसने का आरोप लगा कर एक बिलकुल झूठी FIR हमारे खिलाफ दर्ज करवाई थी। इनका झूठ खुद ही पकड़ा गया। उमेश शर्मा ने अपने घर पर लगे सीसी टीवी कैमरे की फुटेज बात कर हमारी कवरेज का वीडियो विवेचक को दे दिया। क्योंकि यदि सीसी टीवी कैमरे की फुटेज सामने आती तो हमारे साथ हुई घटना पूरी तरह से सामने आ जाती। क्योंकि हमारे साथ हुई घटना उमेश शर्मा के मकान के पिछले हिस्से के सीसी टीवी कैमरे में रिकार्ड हुई थी। जिसे उमेश शर्मा और निशांत शर्मा ने पुलिस से सैटिंग करके नहीं दिखाया।
वीडियो देखकर आप स्वयं देख ले कि क्या यह वीडियो सीसी टीवी कैमरे की फुटेज है? वास्तव में यह हमारी कवरेज है। क्या किसी ऐसे पत्रकार के मकान की कवरेज करने पाप है जो रोजाना डूब क्षेत्र में अन्य लोगों के मकानों को अवैध बताता हो? जबकि उसके भाई और खुद निशांत शर्मा का मकान भी हिन्डन नदी के प्रतिबंधित डूब क्षेत्र में स्थित हैं। हमारे द्वारा न्यूज़ वन इंडिया TV चैनल की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह लगा दिया है। जिससे बौखला रहे हैं।
वास्तव में हम पीड़ित है।




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