Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

टीवी

शंकराचार्य प्रकरण में कई न्यूज़ चैनल पॉस्को और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के दोषी! आदेश पढ़िए

शंकराचार्य से जुड़े मामले में ज़मानत आदेश के दौरान Allahabad High Court ने एक अहम और चौंकाने वाली टिप्पणी करते हुए हिंदी न्यूज़ चैनलों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट तौर पर कहा है कि पीड़ितों के इंटरव्यू लेकर उनका प्रसारण किया गया, जो कि पॉक्सो एक्ट और जुवेनाइल जस्टिस कानून के स्थापित प्रावधानों का उल्लंघन प्रतीत होता है।

यह टिप्पणी सिर्फ एक केस तक सीमित नहीं मानी जा रही, बल्कि पूरे मीडिया आचरण और जिम्मेदारी पर बड़ा सवाल खड़ा करती है—क्या टीआरपी की होड़ में कानून की बुनियादी सीमाएं लांघी जा रही हैं? अदालत की इस टिप्पणी के बाद अब यह बहस तेज हो गई है कि ऐसे मामलों में मीडिया की जवाबदेही कैसे तय होगी और क्या संबंधित चैनलों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी संभव है।


बहुत बड़ी ख़बर- शंकराचार्य मामले में घिरे हिंदी न्यूज़ चैनल।
शंकराचार्य की ज़मानत पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के ऑर्डर में हिंदी न्यूज़ चैनलों पर भी गम्भीर सवाल उठाए गए हैं। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में साफ़ लिखा है कि हिन्दी न्यूज़ चैनलों ने पीड़ितों का इंटरव्यू करके टेलिकास्ट किया, जो कि पॉस्को और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट दोनों का साफ़ उल्लंघन है। सवाल उठता है कि-
हिन्दी न्यूज़ चैनलों ने ये सब क्यों किया?
किसके इशारे पर किया?
क्या उन्हें क़ानून की बेसिक जानकारी भी नहीं?
या फिर वे धरती के नए ईश्वर को प्रसन्न करने की ख़ातिर क़ानून और संविधान की स्थापित मान्यताओं का सरेआम चीरहरण कर रहे थे?
क्या ऐसे चैनलों पर एफआईआर होगी?
या फिर सरकार उन्हें जयजयकार के शीरे में सर के बल डुबोकर उनकी लंबी उम्र का महामृत्युंजय मंत्र जपवाएगी? -अभिषेक उपाध्याय, वरिष्ठ पत्रकार


Local News Community
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन