लालजी देसाई-
गुजरात में अब सच बोलना और सवाल उठाना ही सबसे बड़ा अपराध बना दिया गया है।
“मेरी गुदा में राजकोट के DCP ने पेट्रोल डाला” ,ये सिर्फ एक बयान नहीं, बल्कि उस भयावह सच्चाई की चीख है, जिसे राजकोट के पत्रकार सुरेश वड़ैचा झेल रहे हैं। बिना किसी FIR के, राजकोट क्राइम ब्रांच के DCP जगदीश बांगरवा ने न सिर्फ उनकी टांग तोड़ी, बल्कि इंसानियत की सारी हदें पार करते हुए उनकी गुदा में दो बार पेट्रोल डाला।
क्या यही कानून का राज है? क्या सत्ता के नशे में इंसानियत को कुचल देना ही अब शासन का नया चेहरा बन चुका है?
“मेरी गुदा में राजकोट के DCP ने पेट्रोल डाला” – यह फरियाद है गुजरात के राजकोट शहर के पत्रकार सुरेश वड़ैचा की! कल उन्होंने मुझे बताया है कि “बिना किसी FIR के राजकोट क्राइम ब्रांच के DCP जगदीश बांगरवाने मेरी टांग तोड़ दी और मेरे गुदा मार्ग दो बार पेट्रोल भर दिया” -जिग्नेश मेवाणी, विधायक
मीडास साहू-
गुजरात के राजकोट से एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आने का दावा किया जा रहा है, जिसमें एक पत्रकार के साथ कथित तौर पर अमानवीय व्यवहार किए जाने के आरोप लगे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट्स में आरोप है कि एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी (डीसीपी) ने हिरासत के दौरान पत्रकार के साथ क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं।
इन दावों के मुताबिक, पत्रकार को न सिर्फ शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया, बल्कि उसके साथ बेहद अपमानजनक और अमानवीय व्यवहार भी किया गया। यहां तक आरोप है कि उसकी टांगें भी तोड़ दी गईं। इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है।
हालांकि, इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस या प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई विस्तृत बयान सामने नहीं आया है।
फिर भी, इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—क्या कानून की रक्षा करने वाले ही अगर इस तरह के आरोपों में घिरेंगे, तो आम नागरिक की सुरक्षा की गारंटी कौन देगा?
सोशल मीडिया पर लोग मांग कर रहे हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच हो, दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
गुजरात के राजकोट में एक पत्रकार ने पुलिस हिरासत में अमानवीय बर्बरता के गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि राजकोट क्राइम ब्रांच के डीसीपी जगदीश बांगड़वा और उनकी टीम ने एक बिल्डर के इशारे पर उनके गुप्तांग में पेट्रोल डाला और उन्हें उल्टा लटकाकर बेरहमी से पीटा, जिससे पैर में फ्रैक्चर सहित कई गंभीर चोटें आईं हैं. पुलिस ने आरोपों से इनकार किया है. -द वायर हिंदी का एफबी पोस्ट
श्रीनिवास बीवी-
ये आपबीती सुनकर दिल दहल गया… उससे भी ज्यादा ताज्जुब है कि गुजरात से लेकर दिल्ली तक के किसी बड़े पत्रकार का खून नही खौला,
किसी ने गुजरात सरकार से ये सवाल नही पूछा कि आखिर क्यों उनके साथी पत्रकार के साथ दरिंदगी की सारी हदें पार की गयी। आज सुरेश भाई है, कल कोई और होगा।


