मोदी सरकार धड़ाधड़ ऐसे स्वतंत्र मीडिया प्लेटफार्म बंद करा रही है जो उनकी भक्ति में लीन नहीं होना चाह रहे हैं। भक्त मेनस्ट्रीम मीडिया कितना भी युद्धोन्माद फैलाए, नफरत फैलाए लेकिन उनका कुछ भी बाल बांका नहीं होगा, क्योंकि वह फुल टाइम सरकार के आगे दण्डवत हैं… सत्ता ने पहले 4पीएम बंद कराया, उसके बाद Molitics और अब नेशनल दस्तक व कॉमेडियन राजीव निगम पर भी सरकारी प्रहार हो चुका है। अगली बारी किसकी होगी…देखते रहिए
कृष्ण कांत-
अघोषित आपातकाल के प्रमुख समाचार…
यूट्यूब चैनल 4pm का यूट्यूब बंद कर दिया गया। 4pm का फेसबुक बंद किया और उनकी एंकर का भी पेज बंद कर दिया गया।
नेशनल दस्तक चैनल का फेसबुक पेज बंद कर दिया गया। Molitics चैनल का फेसबुक बंद कर दिया गया।
गडकरी परिवार के बीफ व्यापार पर कारवां की रिपोर्ट के हवाले से वीडियो बनाने वाले मुकेश मोहन पर 50 करोड़ का केस कर दिया गया।
हर दिन बड़ी संख्या में सरकार की आलोचना करने वाले अकाउंट बंद किए जा रहे हैं। पूरा मीडिया खरीद लिया। आम लोग बिक नहीं रहे हैं। सरकार अब उन्हें डराकर सबका मुंह बंद करना चाहती है।

कंचना यादव-
नेशनल दस्तक के बाद पता चला कि molitics india का फेसबुक पेज भी प्रतिबंधित कर दिया गया है।
तानाशाही का प्रकोप इतना भी न बढ़े कि सांस लेना मुश्किल हो जाए। अभी तक तो ट्रंप से बड़ा तानाशाह कोई नहीं लगता था, लेकिन अमेरिका में यूट्यूबर्स और कंटेंट क्रिएटर्स लगातार उनके खिलाफ बोलते रहे।
आखिरकार ट्रंप खिलाफ जनता सड़कों पर उतर आई बताया जा रहा है कि आज कई Millions लोग सड़क पर थे।
तानाशाही कभी इतनी चरम पर नहीं पहुंचनी चाहिए कि जनता के पास सड़क पर उतरने के अलावा कोई और विकल्प ही न बचे।

प्रियंका भारती-
आप कभी नहीं सुनेंगे की किसी भक्त चैनल का पेज बंद हुआ!
बंद उन्हीं का हो रहा है, जिनसे कुर्सी थर्रा रही है। मीडिया का अर्थ वो जो सरकार को आईना दिखाये , और आईना दिखाने वालों को सरकार पसंद नहीं करती।
जिन्हें पसंद करती है, वो मीडिया नहीं हो सकते!
वीडियो ट्वीट कर Molitics लिखता है-
बिना बताए सिर्फ एक एक्ट का हवाला देकर molitics का फेसबुक पेज भारत में प्रतिबंधित कर दिया गया है। इससे पहले भी IT एक्ट का हवाला देते हुए molitics का कार्टून और वीडियो बैन किया गया था। सवाल ये है कि क्या सच्चाई से जनता को अनभिज्ञ रखने के लिए सरकार अपनी ताकतों का गलत इस्तेमाल कर रही है?
प्रतीक पटेल-
वर्तमान सरकार में स्वतंत्र पत्रकारिता को सिर्फ दबाया नहीं जा रहा, बल्कि खुलेआम रौंदा जा रहा है।
National Dastak, molitics india और rajeev nigam जैसे पत्रकारों के प्लेटफॉर्म को एक ही रात में भारत में बैन कर देना ये कोई सामान्य कार्रवाई नहीं, ये सीधे-सीधे लोकतंत्र की आवाज़ का गला घोंटना है।
ये कदम बताता है कि अब सत्ता को न जनता का डर है, न संविधान की मर्यादा का लिहाज। जो भी सवाल करेगा, जो भी सच दिखाएगा उसे खत्म कर दिया जाएगा, यही नया नियम बना दिया गया है।

ये दुनिया में विश्वगुरु का ढोल पीटने वाले तो बहुत डरपोक निकले धड़ाधड़ लोगों के ID और पेज बंद करवा रहे हैं…Molitics के बाद अब पता चला है कि नेशनल दस्तक और व्यंगकार राजीव निगम का फेसबुक पेज भी बंद करवा दिया है…लिखने बोलने वालों से इतना डर। -सौरभ यादव, पत्रकार
संबंधित खबर…


