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सुधीर चौधरी ने “ईरान के जबड़े से छीने 22 जहाज” वाले वीडियो पर दी सफाई!

मनीष सिंह-

समंदर में उतरे भारत के 7 युद्धपोत… ईरान के जबड़े से छीने 22 जहाज़

यूट्यूब चैनल खोलकर बैठे नेताओं के सिचुएशन रूम में हंगामा मच गया। अब तक वे सोच रहे थे कि भूम-भाम का इंटरनेशनल टूर्नामेंट, केवल ईरान-इजराइल-अमेरिका के बीच है।

जिसमें अंपायर – दलाल देश पाकिस्तान बना है। पर यहां तो डियर फ्रेंड ने झपट्टा मार दिया।

पांच देशों के राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री थर्रा गए। हॉटलाइन पर फोन घुमाया- कहने को कि भाई, किधर से खेल रहे हो??

फोन देर तक बजता रहा।

फिर आवाज आई- “जिस कस्टमर से आप संपर्क करना चाहते हैं, वह फिलहाल Rally में व्यस्त है। कृपया थोड़ी देर बाद डायल करें…”

आधा घंटा बाद कॉल किया।

जवाब आया- “जे कस्टमर-एर साते आपनी जोगाजोग कोरते चान, तिनि एखोन Rally ते ब्यस्त आछेन।

अनुगृह कोरे एक्टु परे डायल कोरबेन।

दो घंटे बाद – जे कस्टमर-उमायी निंगल संपर्कम नटत्तुवान उद्देशिच्चिरिक्कुनु, अवर इप्पोल Rally-यिल व्यस्तन आन।

दयवायि ओरु मुहूर्त्तम कजिञ्ञु पिन् डायल चेय्युका

राष्ट्राध्यक्षों ने सर पीट लिया। बहरहाल, चार दिन बाद बात हुई।

ट्रंप घिघियाते हुए बोले — “भाई, भाई, भाई!!! एक बार फोन तो उठा लो यार… हमारी शिप्स कहाँ हैं?”

डिग्रिधर जी ने शांत स्वर में बोले – “मित्रों, चिंता मत करो। हमारे 7 युद्धपोत समंदर में उतर चुके हैं। ईरान के जबड़े से 22 जहाज़ छीन लिए हैं। अब तुम लोग चाय पी लो।

ट्रंप की कॉफी कपड़ों पर उलट गई।

नेतन्याहू बीच मे कूदा- “भाई, ईरान के जबड़े इतने चौड़े कैसे हो गए? पहले मिसाइल भेजता था, अब पूरा फ्लीट ही निगल रहा है??

और ये खामोश स्ट्राइक क्या बला है?

अगर स्ट्राइक खामोश है तो चैनल इतने जोर-जोर से क्यों चिल्ला रहे हैं? खामोश स्ट्राइक का भी लाइव कमेंट्री होता है क्या?

फादरलैंड को चिंता देख सनलैंड से रहा न गया। बोले- फादरश्री। लोड न लें।

कोई युद्धपोत नहीं उतरा। कोई जहाज़ कैप्चर नहीं हुए। यहां तो हमारे जहाज़ खुद फंसे हुए हैं। बात ये है कि जब भी मेरे देश में कोई बड़ी समस्या होती है.

तो हमारे पालतू चैनल तुरंत ‘ राग-मास्टरस्ट्रोक’ अलापने लगते हैं। खबर में न तारीख होती है, न कोई सबूत, न कन्फर्मेशन।

वीडियो गेम की फुटेज चला-चला कर व्यूज काटते हैं।

ट्रंप ठठाकर हंस पड़े।

उन्हें याद आया कि अमेरिका में भी ऐसे ही चैनल चल रहे हैं। लेकिन फर्क यह कि वहाँ तमाम गप्प खुद उन्हें ही हांकनी पड़ती हैं। और यहां सरकार की तरफ से गप्प मारने का ठेका, एंकरों ने उठा रखा है।

उन्होंने विश्वगुरु से यह सबक सीखा और उपयोग का प्रण लिया।

नेतन्याहू भी, जो अभी तक किसी ईरानी लाश पर बैठकर उसके जबड़े की चौड़ाई नाप रहे थे- रिलैक्स हो गए। महामानव ने मुस्कुराकर कहा- “मित्रों, सब चंगा सी।

तुम लोग इंडिया के चैनल सारे लाइक और सब्सक्राइब करके घंटी बटन दबा देना। लेकिन खबरों पर यकीन मत करना। अब अगर तुम लोगों की चुल्ल मिट गई हो..

तो मैं रैली में चला…फोन कट गया।

भारत भर के गैस की समस्या से परेशान लोग फोन लगा रहे थे। जवाब में सुनाई दे रहा था – नींगल तोडरबु कोल्ल विरुम्बुम महामनिदरुदन तोडरबु कोल्ल निंगल विरुम्बुगिरिरगल,

अवर इप्पोल Rally-यिल बिसियाग इरुक्किरार।
दयवु सैदु चिरिदु नेरम कजित्तु डायल सैयुंगल।


भाई आपका प्रस्तुतीकरण अच्छा है। सिर्फ एक स्पष्टीकरण है।जो स्क्रीन शॉट आपने लगाया है ये मेरे नाम पर चल रहा कोई नक़ली चैनल है जो मेरी AI generated आवाज़ लगा कर अपना चैनल चला रहा है। ये मेरा शो नहीं है। -सुधीर चौधरी

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