देश के टेलीकॉम और कॉरपोरेट सेक्टर से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें एक तरफ हजारों करोड़ की संपत्ति खरीद का सौदा हुआ है, वहीं दूसरी तरफ सरकारी बकाया को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इंवेस्टिंग डॉट कॉम की रिपोर्ट्स के मुताबिक, Reliance Industries Limited ने नवी मुंबई के पास करीब 5,286 एकड़ की बड़ी औद्योगिक जमीन लगभग 2200 करोड़ रुपये में खरीदी है। यह जमीन रणनीतिक रूप से बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि यह Navi Mumbai Airport, Jawaharlal Nehru Port Trust और मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक प्रोजेक्ट के करीब स्थित है।
दूसरी तरफ BSNL पर CAG की रिपोर्ट
इसी बीच, Comptroller and Auditor General of India (CAG) की एक रिपोर्ट में सामने आया है कि Bharat Sanchar Nigam Limited को करीब 1,757 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, क्योंकि वह वर्षों तक Reliance Jio को अपनी इंफ्रास्ट्रक्चर उपयोग के लिए बिल नहीं कर पाया।

रिपोर्ट के अनुसार, यह मामला 2014 से करीब 10 साल तक चला, जिसमें BSNL के नेटवर्क और पैसिव इंफ्रास्ट्रक्चर के इस्तेमाल के बावजूद समय पर बिलिंग नहीं हो सकी, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ।
उठ रहे हैं सवाल
इन दोनों घटनाओं को जोड़कर अब सवाल उठ रहे हैं कि:
- जब कंपनियां हजारों करोड़ के अधिग्रहण कर सकती हैं, तो सरकारी बकाया का भुगतान क्यों लंबित रहता है?
- क्या यह सिर्फ प्रशासनिक चूक है या सिस्टम में कोई बड़ी खामी?
- सरकारी कंपनियों के साथ निजी कंपनियों के व्यवहार पर क्या कोई जवाबदेही तय होगी?
जमीन सौदे पर भी बहस
विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी और प्राइम लोकेशन वाली जमीन का 2200 करोड़ रुपये में सौदा अपने आप में चर्चा का विषय है। हालांकि, यह डील कॉर्पोरेट और निवेश नियमों के तहत हुई है, लेकिन इसकी वैल्यूएशन को लेकर अलग-अलग मत सामने आ रहे हैं।
नवी मुंबई में एक एकड़ ज़मीन की कीमत क्या होगी?
आप कहेंगे–करोड़ों में।
अब मैं कहूंगा कि इसी नवी मुंबई की 5286 एकड़ जमीन अगर सिर्फ 2200 करोड़ में बेच दी जाए तो?
आप कहेंगे कि यह तो बड़ा घोटाला है। बिल्कुल है। देवेंद्र फडणवीस की सत्ता तो इसीलिए बिठाई गई है।
फिर आप पूछेंगे कि ज़मीन किसको गई? अदानी या अंबानी?
जी। यह ज़मीन परोक्ष रूप से अंबानी को बेची गई है। ज़मीन का बाज़ार भाव 1 लाख करोड़ है। इसे 2200 करोड़ में बेचा गया है।
ज़मीन अर्बन इंफ्रा होल्डिंग्स नाम की एक प्राइवेट कंपनी को बिकी है। खरीदी आनंद जैन के जय कॉर्प ने है।
अर्बन इंफ्रा में जय कॉर्प की 32% हिस्सेदारी है। अर्बन इंफ्रा रिलायंस की ही कंपनी है।
जब ज़मीन के लुटेरे मुकेश अंबानी की मोदी सत्ता में इतनी हैसियत हो तो BSNL उससे 1757 करोड़ का बिल कैसे वसूले?
आखिर अंबानी ही मोदी का मालिक जो है। -सौमित्र राय, वरिष्ठ पत्रकार


