एक समय था जब DD National हर घर की पहली पसंद हुआ करता था। लोग पड़ोसियों के घर जाकर ब्लैक एंड व्हाइट टीवी पर कार्यक्रम देखते थे। फिर केबल टीवी आया और दर्शक धीरे-धीरे प्राइवेट चैनलों की ओर शिफ्ट हो गए।
इसके बाद Star One और NDTV Imagine जैसे चैनलों ने भारतीय टीवी इंडस्ट्री को नए आयाम दिए। इन चैनलों पर ऐसे शोज़ आए जिन्हें आज भी “क्लासिक” माना जाता है।
लेकिन अब वक्त एक बार फिर बदल चुका है। यह OTT का दौर है—जहां दर्शकों के पास अनगिनत विकल्प हैं। नतीजा यह है कि लोग अब पारंपरिक टीवी चैनलों से दूरी बना रहे हैं।
क्यों कमजोर हो रहे हैं टीवी चैनल?
- दर्शक अब ऑन-डिमांड कंटेंट देखना चाहते हैं
- कई टीवी शोज़ बिना मजबूत कहानी के लंबे समय तक खींचे जा रहे हैं
- अच्छे शोज़ भी खराब टाइम स्लॉट और चैनल पोजिशनिंग के कारण TRP नहीं ला पाते
- OTT प्लेटफॉर्म्स पर कंटेंट की विविधता और गुणवत्ता ज्यादा है
कंटेंट का गिरता स्तर भी वजह
एक दौर था जब टीवी पर हर वर्ग के लिए अलग-अलग कंटेंट बनता था—कॉमेडी, थ्रिलर, डिटेक्टिव, फैमिली ड्रामा, रियलिटी, हॉरर, फैंटेसी—सब कुछ। आज यह विविधता काफी हद तक सीमित हो गई है।
&TV : एक दौर का अंत
रिपोर्ट्स के मुताबिक &TV जैसे चैनल भी अब ऑफ एयर होने की कगार पर हैं। इस चैनल का सबसे बड़ा सहारा रहा Bhabiji Ghar Par Hain, जिसने लंबे समय तक दर्शकों को जोड़े रखा।
इस शो के शुरुआती करीब 1700 एपिसोड को आज भी लोग याद करते हैं। खास तौर पर Vibhuti Narayan Mishra का किरदार और Saumya Tandon की मौजूदगी ने इसे अलग पहचान दी। हालांकि उनके शो छोड़ने के बाद दर्शकों का जुड़ाव पहले जैसा नहीं रहा।
क्या खत्म हो जाएगा टीवी का दौर?
धीरे-धीरे कई चैनल बंद होने की कगार पर हैं। नई पीढ़ी टीवी से ज्यादा OTT पर कंटेंट देख रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है—क्या आने वाले समय में टीवी चैनल पूरी तरह खत्म हो जाएंगे?
हालांकि पूरी तरह अंत की बात कहना जल्दबाज़ी होगी, लेकिन इतना तय है कि टीवी इंडस्ट्री को खुद को बदलना होगा।
बदलती आदतें, बदलती दुनिया
अब हालात ऐसे हैं कि लोगों को अपने माता-पिता तक को सिखाना पड़ रहा है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर शो कैसे देखें।
यानी दर्शकों की दुनिया DD नेशनल से शुरू होकर अब मोबाइल स्क्रीन तक सिमट चुकी है—और यही बदलाव टीवी इंडस्ट्री के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।


