
सरकार की आलोचना करने वाले सोशल मीडिया हैंडल्स पर अब शिकंजा तेज होता नजर आ रहा है। भर्ती घोटाले, भ्रष्टाचार और जनसरोकार के मुद्दे उठाने वाले अकाउंट्स पर FIR दर्ज होने के साथ ही दिल्ली पुलिस द्वारा X (ट्विटर) से यूजर्स का निजी डेटा मांगने की कार्रवाई ने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। लोग पूछ रहे हैं—क्या यह कानून का पालन है या असहमति की आवाज़ों को दबाने की कोशिश?
भर्ती, धांधली, भ्रष्टाचार, मिलावट जैसे जनसरोकार का मुद्दा उठाने वाले khurpenchh पर FIR दर्ज की गई है। इसके अलावा YTKDIndia, gemsofbabus, IamTheStory, NalinisKitchen पर मुकदमा दर्ज हुआ है। बस सरकार हां में हां, ना में ना मिलाने वाले लोग ही बचेंगे। बाकी सब मारे जाएंगे। -मिथिलेश धर
अतुल कृष्ण-
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर सक्रिय कई हैंडल्स को लेकर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई ने नई बहस छेड़ दी है। सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने X Inc. को पत्र लिखकर कई सोशल मीडिया अकाउंट्स से जुड़ी विस्तृत जानकारी मांगी है।
पुलिस ने जिन जानकारियों की मांग की है, उनमें अकाउंट रजिस्ट्रेशन के दौरान इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, आईपी लॉग्स, एक्सेस किए गए पोर्ट्स, रिकवरी ईमेल आईडी सहित “अन्य सभी प्रासंगिक जानकारी” शामिल है, जिससे इन हैंडल्स के पीछे मौजूद व्यक्तियों की पहचान की जा सके।
इस कदम के बाद संबंधित कई सोशल मीडिया हैंडल्स सामने आए हैं और उन्होंने इसे “विच हंट” करार दिया है। उनका आरोप है कि यह कार्रवाई उन आवाज़ों को निशाना बनाने के लिए की जा रही है, जो सरकार या व्यवस्था पर सवाल उठाती हैं।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर बहस तेज हो गई है। कई यूजर्स यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या इस तरह बड़े पैमाने पर निजी डेटा मांगना जायज है या यह सरकारी अतिक्रमण (ओवररीच) की श्रेणी में आता है।
फिलहाल इस मामले में आधिकारिक तौर पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन यह मुद्दा आने वाले दिनों में कानूनी और सार्वजनिक विमर्श का बड़ा विषय बन सकता है।


