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भाजपा वाले देश को ऐसे लूट रहे हैं जैसे बरात में बच्चे पैसा लूटते हैं; ये उदाहरण पढ़ें!

नई दिल्ली | Supreme Court of India ने अरुणाचल प्रदेश में सार्वजनिक ठेकों के आवंटन में कथित भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के गंभीर आरोपों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए Central Bureau of Investigation (CBI) को जांच के आदेश दिए हैं।

यह मामला राज्य के मुख्यमंत्री और उनके परिवार से जुड़े लोगों पर लगे आरोपों से संबंधित है। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि जनवरी 2015 से 31 दिसंबर 2025 तक करीब एक दशक के दौरान ठेकों के आवंटन में पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया और नियमों को दरकिनार कर बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुईं।

याचिका में कहा गया कि इस अवधि में ठेके देने की प्रक्रिया में “व्यापक भ्रष्टाचार” और “भाई-भतीजावाद” हुआ, जिसमें सत्ता से जुड़े लोगों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। आरोप यह भी है कि कई मामलों में ओपन टेंडर सिस्टम को नजरअंदाज कर मनमाने तरीके से कॉन्ट्रैक्ट दिए गए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने CBI को स्वतंत्र जांच करने का निर्देश दिया है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और क्या वाकई सरकारी ठेकों में नियमों का उल्लंघन हुआ।

यह फैसला इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि इसमें सीधे तौर पर सत्ता के शीर्ष स्तर और उनके करीबी लोगों पर सवाल उठाए गए हैं। अब CBI की जांच से यह तय होगा कि आरोप महज राजनीतिक हैं या फिर वास्तव में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है।

इस आदेश के बाद अरुणाचल प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इस मामले पर और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।


कृष्ण कांत-

अरुणाचल में भाजपा के मुख्ममंत्री ने अपने ही परिवार को 146 सरकारी ठेके दे डाले।

परिवार की चार कंपनियों को कुल 383 करोड़ का ठेका। दो कंपनियों की मालकिन सीएम की पत्नी, एक का भाई और एक का साला।

अब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में जांच करने का निर्देश दिया है।

असम के सीएम इससे भी आगे हैं। प​ति पत्नी ने मिलकर भ्रष्टाचार का अतंरराष्ट्रीय साम्राज्य खड़ा कर लिया है। अमेरिका में 52000 करोड़ की कंपनी बना डाली।

भाजपाई इस देश को ऐसे लूट रहे हैं जैसे बरात में बच्चे पैसा लूटते हैं।

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