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सियासत

मुख्य चुनाव आयुक्त से तीखी बहस के बाद IAS अनुराग यादव ऑब्जर्वर पद से हटाए गए!

कोलकाता: चुनाव ड्यूटी के दौरान एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और मुख्य चुनाव आयुक्त के बीच कथित टकराव की खबरों ने प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। उत्तर प्रदेश कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अनुराग यादव, जो पश्चिम बंगाल में चुनाव पर्यवेक्षक (Observer) के रूप में तैनात थे, को उनके पद से हटा दिया गया है।

सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक, कोलकाता में एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान अनुराग यादव और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के बीच तीखी बहस हो गई। बताया जा रहा है कि बैठक के दौरान बातचीत का माहौल तनावपूर्ण हो गया, जिसके बाद दोनों के बीच कथित रूप से तीखे शब्दों का आदान-प्रदान हुआ।

कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अधिकारी ने बैठक में आपत्तिजनक लहजे पर आपत्ति जताते हुए कहा, “आप ऐसे बात नहीं कर सकते… मैंने इस सेवा में 25 साल दिए हैं।”

घटना के तुरंत बाद ज्ञानेश कुमार द्वारा अनुराग यादव को ऑब्जर्वर पद से हटाए जाने की सूचना सामने आई है।

इस पूरे घटनाक्रम को लेकर आधिकारिक स्तर पर विस्तृत बयान अभी सामने नहीं आया है। वहीं, कुछ दावों में यह भी कहा जा रहा है कि मतभेदों की वजह कार्यशैली और बैठक के दौरान उठाए गए सवाल-जवाब रहे, लेकिन इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

फिलहाल, यह मामला प्रशासनिक अनुशासन, चुनावी प्रक्रिया और अधिकारियों के बीच संवाद की मर्यादा को लेकर नए सवाल खड़े कर रहा है।


आशीष श्रीवास्तव-

“25 साल की सेवा का अपमान!” – IAS अनुराग यादव ने चुनाव आयुक्त को दिया करारा जवाब, अफसरों में समर्थन की लहर

कोलकाता में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर हुई एक हाई लेवल वर्चुअल मीटिंग उस समय गरमा गई, जब यूपी के वरिष्ठ IAS अधिकारी अनुराग यादव और चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के बीच तीखी बहस हो गई।

सूत्रों के अनुसार, कूच बिहार के ऑब्जर्वर बनाए गए अनुराग यादव से मीटिंग के दौरान कुछ अहम जानकारी मांगी गई थी। जानकारी देने में थोड़ी देरी होने पर चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार नाराज़ हो गए और उन्होंने सख्त लहजे में प्रतिक्रिया दी। बताया जा रहा है कि उन्होंने यहां तक कह दिया – “आप घर वापस चले जाइए।”

इस टिप्पणी पर IAS अनुराग यादव ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए साफ कहा कि “हमने इस सेवा में 25 साल दिए हैं, आप इस तरह का व्यवहार नहीं कर सकते।” उनके इस जवाब से मीटिंग का माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया।

बता दें कि अनुराग यादव का जौनपुर से भी खास जुड़ाव रहा है। वे यहां जिलाधिकारी (DM) के पद पर लगभग 2 वर्षों तक तैनात रहे और उनके कार्यकाल को प्रशासनिक दृष्टि से काफी सक्रिय माना जाता है।

घटना के बाद अनुराग यादव को ऑब्जर्वर के पद से हटा दिया गया है, लेकिन इस पूरे मामले ने ब्यूरोक्रेसी में हलचल मचा दी है। कई अधिकारी खुलकर उनके समर्थन में सामने आ रहे हैं और इसे एक वरिष्ठ अधिकारी के सम्मान से जोड़कर देख रहे हैं।

इस विवाद ने प्रशासनिक गलियारों में यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इस तरह का व्यवहार उचित है? वहीं, दूसरी तरफ चुनावी जिम्मेदारियों के बीच अनुशासन और संवाद की मर्यादा पर भी बहस तेज हो गई है।

फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है, लेकिन मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है।


“अनुराग यादव ने सही किया.. एक आईएएस अफसर से बाबू जैसा ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिए था..”

यूपी के सीनियर आईएएस अफसर अनुराग यादव को कूच बिहार का ऑब्जर्वर बनाया गया था.. कोलकाता में एक हाई लेवल की वर्चुअल रिव्यू मीटिंग के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने उनसे मतदान केंद्रों की जानकारी मांगी थी जिसे देने में उन्होंने कुछ समय लगा दिया.. इस पर मुख्य चुनाव आयुक्त भड़क गए..
ब्यूरोक्रेसी के सूत्रों का कहना है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अनुराग यादव को लताड़ दिया.. सूत्रों का कहना है कि मीटिंग में दोनों के बीच बहस भी हुई..
अनुराग यादव सीनियर आईएएस अफसर हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त की बात उन्हें बुरी लगी.. उन्होंने कड़ी आपत्ति जताई.. बोले, मैं 25 साल से सेवा में हूं.. आप मुझसे ऐसे नहीं बात कर सकते!!”
इसके बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ने आईएएस अनुराग यादव को तत्काल प्रभाव से ऑब्जर्वर पद से हटा दिया.. कहा जा रहा आईएएस अनुराग यादव को उनके रवैए के कारण नहीं बल्कि पेशेवर अक्षमता के कारण पद से हटाया गया है..
अनुराग यादव 2000 बैच के आईएएस अधिकारी हैं.. वर्तमान में उत्तर प्रदेश सरकार में प्रमुख सचिव पद पर तैनात हैं. हाल ही में उन्हें सोशल वेलफेयर और सैनिक कल्याण विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. इससे पहले वे आईटी जैसे अहम विभागों में भी काम कर चुके हैं. प्रशासनिक अनुभव और लंबे करियर के चलते उन्हें एक सीनियर और प्रभावशाली अधिकारी माना जाता है..

-विवेक त्रिपाठी


रूबी अरुण-

CEC ज्ञानेश कुमार बड़े ताव में रोब झाड़कर नए वाले “PawPaw” बनने की कोशिश कर रहे थे. लेकिन #उत्तर_प्रदेश कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अनुराग यादव ने उनको अच्छी तरह से समझा दिया ये कहकर कि ” आप हमारे साथ ऐसा बर्ताव नहीं कर सकते. हमने इस #IAS में 25 साल दिए हैं. आप इस लहजे में बात नहीं कर सकते”

यह घटना #WestBengal विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर आयोजित एक हाई-लेवल वर्चुअल रिव्यू मीटिंग के दौरान हुई. अनुराग यादव,जो #UttarPradesh में प्रमुख सचिव रैंक के अधिकारी हैं, उन्हें चुनाव आयोग द्वारा कूच बिहार #पश्चिम_बंगाल का ‘ऑब्जर्वर’ नियुक्त किया गया था. मीटिंग के दौरान चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अनुराग यादव से कूच बिहार की स्थिति या किसी विशिष्ट डेटा को लेकर जानकारी मांगी.

जब अनुराग ने वह जानकारी देने में थोड़ा समय लिया तो ज्ञानेश कुमार नाराज हो गए. ज्ञानेश कुमार ने उनसे कहा, “अगर आप जानकारी नहीं दे सकते, तो घर वापस चले जाइए”
अमूमन आईएएस अधिकारी चुनाव आयोग के निर्देशों पर चुप्पी साध लेते हैं, लेकिन अनुराग यादव ने स्टैंड लिया.

इस बहस का तत्काल परिणाम यह हुआ कि चुनाव आयोग ने अनुराग यादव को ऑब्जर्वर के पद से हटा दिया और उन्हें वापस उनके मूल कैडर उत्तर प्रदेश भेज दिया गया. फिलहाल उनकी जगह दूसरे अधिकारी को कूच बिहार की जिम्मेदारी दी गई है.

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