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‘कम्युनिटी नोट’ : सांसद निशिकांत दुबे ने इंटरनेशनल बेइज्जती करा ली!

नई दिल्ली: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक दिलचस्प घटनाक्रम सामने आया है, जिसमें भाजपा सांसद निशिकांत दुबे का एक पोस्ट खुद ‘कम्युनिटी नोट’ के जरिए ही सवालों के घेरे में आ गया।

बताया जा रहा है कि निशिकांत दुबे ने एक पोस्ट पर कम्युनिटी नोट के रूप में अपनी बात रखी थी, लेकिन उसी पर बाद में एक और कम्युनिटी नोट जुड़ गया, जिसमें उनके दावे को लेकर तथ्यात्मक आपत्तियां दर्ज की गईं। इसके बाद यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

यूजर्स इस घटनाक्रम को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग इसे प्लेटफॉर्म के “फैक्ट-चेक मैकेनिज्म” का उदाहरण बता रहे हैं, तो कुछ इसे सार्वजनिक रूप से हुई असहज स्थिति के तौर पर देख रहे हैं।

हालांकि, इस पूरे मामले में निशिकांत दुबे की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

यह घटनाक्रम दिखाता है कि सोशल मीडिया पर अब ‘कम्युनिटी नोट’ जैसे टूल्स के जरिए किसी भी दावे की तुरंत जांच और सार्वजनिक समीक्षा संभव हो रही है, चाहे वह किसी आम यूजर का पोस्ट हो या किसी बड़े जनप्रतिनिधि का।


हे मूर्ख निशिकांत दूबे! जब तकनीक का ज्ञान न हो तो वमन मत किया करो। ‘कम्यूनिटी नोट’ X स्वयं नहीं लगाता, जैसे कि हैंडल से पोस्ट X स्वयं नहीं करता। कम्यूनिटी नोट यूजर जेनेरेटेड होते हैं, प्लेटफॉर्म जेनेरेटेड नहीं।
narendra modi जी, क्यों बार-बार इन मूर्खों के चक्कर में सरकार और देश की भद्द पिटवाने पर तुले हुए हो? आधारभूत सूचना और समझ तो होनी चाहिए आपकी संसदीय समितियों में कि चीजें कैसे कार्य करती हैं!
और यह तो स्पष्ट रूप से दिख रहा है कि आपके नेताओं के हर दिन के दोगलेपन को कम्यूनिटी नोट से एक्सपोज किया जा रहा है, आपका उस पर नियंत्रण नहीं है, आप इरिटेट हो रहे हैं, तो ऐसे मूर्खतापूर्ण निर्णय कर रहे हैं।
ढंग के लोगों को सांसद बनाइए। चाटने वालों के चक्कर में रहेंगे अंतरराष्ट्रीय अपमान झेलना पड़ेगा। -अजीत भारती


यह GoI MeitY द्वारा प्रस्तावित ड्राफ्ट आईटी नियमों के माध्यम से एक अनावश्यक और अनुचित अतिक्रमण है। नीति और तकनीक के प्रति संतुलित दृष्टिकोण के रूप में हम दुनिया को एक बेहतर उदाहरण दे सकते हैं । ऐसे नियम लाने से ऐसा प्रकट हो रहा है की देश की सरकार कम्युनिटी नोट्स के जरिए गलत जानकारी को उजागर करने की क्षमता को दबाना चाह रही है। -प्रियंका चतुर्वेदी, सांसद, राज्यसभा


कम्युनिटी नोट एक फीचर है, जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर इस्तेमाल होता है। इसका मकसद पोस्ट पर अतिरिक्त जानकारी या फैक्ट जोड़कर उसे ज्यादा सटीक और संदर्भित बनाना है।

आसान भाषा में समझें:

जब कोई यूज़र कोई पोस्ट करता है और उसमें जानकारी अधूरी, भ्रामक या विवादित लगती है, तो दूसरे यूज़र्स उस पोस्ट पर कम्युनिटी नोट जोड़ सकते हैं।

इसमें क्या होता है?

  • पोस्ट से जुड़ी फैक्ट चेक जानकारी
  • संदर्भ (context) जो पोस्ट में नहीं बताया गया
  • विश्वसनीय स्रोत (sources) के लिंक

कौन जोड़ सकता है?

प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर किए गए ऐसे यूज़र्स, जिन्हें “कम्युनिटी नोट्स कंट्रीब्यूटर” की अनुमति होती है। नोट तभी दिखता है जब अलग-अलग विचार वाले यूज़र्स उसे हेल्पफुल (useful) मानते हैं।

इसका मकसद क्या है?

  • गलत या भ्रामक जानकारी को रोकना
  • लोगों को पूरी और सही जानकारी देना
  • बिना पोस्ट हटाए उसे सुधारना

खास बात: यह सरकार या कंपनी का सीधा सेंसर नहीं होता बल्कि यूज़र्स द्वारा किया गया ओपन फैक्ट-चेक सिस्टम होता है

यानी, अगर कोई बड़ी हस्ती या नेता भी गलत या अधूरी जानकारी शेयर करता है, तो उस पर भी कम्युनिटी नोट आ सकता है।

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