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उत्तराखंड

हरिद्वार में LPG की कालाबाजारी का खुलासा करने वाली महिला पत्रकार पर FIR, प्रशासन पर गंभीर आरोप

आदरणीय सर प्रणाम

मेरा नाम अर्चना ढींगरा है मैं हरिद्वार में रहती हूँ

सर 13 दिन पहले पुष्पक गैस एजेंसी के हॉकर द्वारा गैस की रिफलिंग की जा रही थी। हम लोग किसी कार्यक्रम में जा रहे थे। हमारे एक पत्रकार महोदय ने बताया कि इस तरह का गलत काम हो रहा है। कवरेज करते हैं। तो हम वहां कवरेज करने पहुंचे। कवरेज करते-करते ही डीएसओ सर को फोन किया था, लेकिन उन्होंने मेरा नंबर ब्लॉक कर रखा था। तब मैंने उनको तुरंत मैसेज किया और वहां पर हम लोगों ने कवरेज किया।

इसके बाद dso ऑफिस पहुँच कर उनको अवगत कराया। उन्होंने बाईट दिया। हम खबर तैयार कर रहे थे कि इसी बीच मैंने पीटीसी कंप्लीट कर खबर लगा दिया।

तभी हमारे सहयोगी पत्रकार ने कहा एजेंसी के मालिक का भी बाइट करते हैं। हम लोग नहीं जा रहे थे, लेकिन सहयोगी देवम के बार-बार कहने पर चले गये। इसी बीच विश्वास सैनी के ग्रूप से एक पत्रकार ने डीएम सर को वो वीडीओ भेज दी, जिसमें मैंने गलती से डीएओ की जगह डीएम बोल दिया था और यह प्रेजेंट किया गया कि मैं डीएम बन के उगाही कर रही हूं। लेकिन ऐसा कुछ नहीं है सर। ट्रस्ट मी।

सर उसी बीच देवम को एजेंसी वालों ने मारा और उसको बंद कर लिया था और उसका वीडियो बनाकर वायरल कर दिया और मेरी फोटो फेसबुक से खींचकर यहां का लोकल एक पत्रकार जो की पोर्टल चलाता है उसका अखबार है, प्रधान टाइम्स उसने देवम के साथ मेरी फोटो लगा दी। जिसके कारण मेरे घर में भी क्लेश हो गया।

सर मैं पत्रकारिता शौक से करती हूँ, मैं मानसिक तौर पे परेशान हूँ…और कनखल थाने में हम 3 पत्रकारों के खिलाफ तुरंत मुकदमा दर्ज किया गया। तभी हमें प्रेस क्लब ग्रुप, एसएसपी ग्रुप से निकाल दिया गया। सभी अधिकारियों ने फ़ोन उठाना बंद कर दिया। डीएम सर ने तो मेरा नंबर ही ब्लॉक कर दिया।

सर मैंने अपने जीवन में एक रुपया किसी से नहीं लिया है ….. सर प्रेस क्लब में अधिकांश लोगों की गवर्नमेंट जॉब है, कितने लोग जेल जा चुके हैं, कुछ लोग तो पार्षद हैं..

सर आपको तो पता है पत्रकारों की तनख्वाह नहीं आती आखिर जो पत्रकार एक कपड़े में आए थे आज करोड़ों के बंगले में रह रहे हैं। आलीशान गाड़ियों में घूम रहे हैं डेढ़-डेढ़ लाख के तो मोबाइल रखे हुए हैं। इन लोगों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती.. क्योंकि उनके पास बड़े चैनल हैं।

इस तरह तो महिला पत्रकार को दबाने की कोशिश की जा रही है…. यही नहीं थोड़ी दूरी पर खुले आम अवैध एलपीजी भराव हो रहा, 2 महीने से खनन अधिकारी को अवगत करवाया, लेकिन जाँच के नाम पर कुछ नहीं। 2 अधिकारी गये और आ गये खनन अधिकारी को लगातार 8 दिन से कॉल कर रही हूँ फ़ोन नहीं उठा रहे हैं। सिलेंडर वाले केस के बाद से ये सब हो रहा है।

देखें वीडियो और FIR कॉपी…

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