दिल्ली की साकेत अदालत ने Bansuri Swaraj से जुड़े कथित मानहानिकारक कंटेंट को लेकर अहम अंतरिम आदेश पारित किया है। कोर्ट ने Aam Aadmi Party (AAP) और उसके नेताओं Saurabh Bharadwaj तथा Ankush Narang को संबंधित पोस्ट हटाने के निर्देश दिए हैं।
यह आदेश साकेत कोर्ट के प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज Gurvinder Pal Singh ने पारित किया।
क्या है मामला?
विवाद 19 अप्रैल 2026 को पोस्ट किए गए एक वीडियो से जुड़ा है, जिसमें बांसुरी स्वराज को राहुल गांधी के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन के दौरान दिखाया गया था। इस मार्च में केंद्रीय मंत्री Raksha Khadse समेत बीजेपी के अन्य नेता भी शामिल थे।
बताया गया कि इस दौरान दिल्ली पुलिस ने स्वराज और अन्य नेताओं को हिरासत में लिया था। स्वराज के अनुसार, पुलिस द्वारा ले जाते समय उन्होंने एकजुटता के तौर पर रक्षा खडसे का हाथ थामा था।
आरोप क्या हैं?
याचिका में आरोप लगाया गया कि सौरभ भारद्वाज ने इस वीडियो को “BJP Drama Company” जैसे आपत्तिजनक शीर्षक के साथ शेयर किया और उसमें एडिटिंग कर भ्रामक तरीके से प्रस्तुत किया। वीडियो में कथित तौर पर टेक्स्ट जोड़कर यह दिखाने की कोशिश की गई कि स्वराज ने जानबूझकर पुलिस अधिकारी का हाथ पकड़ा।
स्वराज का दावा है कि इस तरह के कंटेंट से उनकी छवि को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
कोर्ट का आदेश
अदालत ने अपने अंतरिम आदेश में कहा कि:
AAP, सौरभ भारद्वाज और अंकुश नारंग उक्त वीडियो और प्रेस कॉन्फ्रेंस (21 अप्रैल) से जुड़े कथित मानहानिकारक कंटेंट को तुरंत हटाएं
भविष्य में ऐसे कंटेंट को पोस्ट, शेयर या प्रसारित करने से भी परहेज करें
यह रोक Instagram, X (ट्विटर), Facebook, YouTube सहित सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर लागू होगी
कोर्ट ने माना कि प्रथम दृष्टया (prima facie) बांसुरी स्वराज का पक्ष मजबूत है। साथ ही कहा कि यदि कंटेंट ऑनलाइन बना रहता है तो उनकी प्रतिष्ठा को अपूरणीय क्षति (irreparable harm) हो सकती है।
AAP का पक्ष
AAP और उसके नेताओं ने अंतरिम आदेश का विरोध करते हुए कहा कि उन्हें जवाब दाखिल करने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला और याचिका अस्पष्ट व जल्दबाजी में दायर की गई है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि कथित कंटेंट वर्तमान में उपलब्ध भी है या नहीं।
मामले की अगली सुनवाई 15 मई को होगी।


