कानपुर देहात: उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में पुलिस विभाग एक बार फिर सुर्खियों में है। जिले की एसपी श्रद्धा नरेंद्र पांडेय के कार्यालय में अब अफसरों और पत्रकारों के मोबाइल फोन लेकर प्रवेश करने पर रोक लगाए जाने की खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह फैसला मौखिक आदेश के तौर पर लागू किया गया है।
यह फैसला ऐसे समय आया है, जब जिले के डिप्टी एसपी (CO) संजय सिंह का एक विवादित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में CO संजय सिंह कथित तौर पर अपने मातहत पुलिसकर्मियों को कानून-व्यवस्था संभालने के बजाय “दूर खड़े होकर तमाशा देखने” जैसी सलाह देते दिखाई दे रहे हैं।
वीडियो में वह कथित रूप से यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि “पब्लिक को बवाल करने दो, पुलिस मत पहुंचाना… कुछ होगा तो हम बचा लेंगे।” वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।
वायरल क्लिप में CO संजय सिंह अमूल वाहन चालक से जुड़े एक पुराने मारपीट मामले का जिक्र करते हुए यह दावा करते भी नजर आ रहे हैं कि उन्होंने संबंधित लोगों को जांच में “बचाया” था। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर पुलिस की निष्पक्षता और जवाबदेही को लेकर बहस तेज हो गई है।
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, इसी विवाद के बाद एसपी कार्यालय में मोबाइल फोन ले जाने पर रोक का फैसला लिया गया। हालांकि पुलिस विभाग की ओर से अब तक इस संबंध में कोई औपचारिक लिखित आदेश सार्वजनिक नहीं किया गया है।
पत्रकारों के बीच इस फैसले को लेकर नाराजगी भी देखी जा रही है। कई पत्रकारों का कहना है कि यदि मोबाइल फोन पर रोक लगती है तो इससे सूचना संकलन और पारदर्शिता प्रभावित होगी। वहीं, कुछ लोग इसे वायरल वीडियो जैसी घटनाओं को रोकने की कोशिश के तौर पर भी देख रहे हैं।
उधर, कानपुर पुलिस पहले ही यह स्पष्ट कर चुकी है कि वायरल वीडियो किसी बैठक का हिस्सा है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। हालांकि वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है और विभागीय छवि पर भी सवाल उठ रहे हैं।
UP- कानपुर देहात की एसपी श्रद्धा नरेन्द्र पांडेय के आफिस में अफसर और पत्रकार अब फोन लेकर नहीं जा सकेगें. दैनिक भास्कर की रिपोर्ट में इसे SP का मौखिक आदेश बताया गया है.
SP साहिबा का यह आदेश तब आया है जब कल से डिप्टी एसपी संजय सिंह का विवादित भाषण से जुड़ा एक वीडियो वायरल है. इस वीडियो में संजय सिंह अपने मातहतों को “आदर्श पुलिसिंग” की जगह “कायरता” सिखाते, अपने कुछ विशिष्ट टेलेंट का गुणगान कर रहे है. कानपुर पुलिस ने यह वीडियो किसी बैठक का बताया है.
संजय सिंह के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी है. -नरेंद्र प्रताप
इस मामले ने कराई देहात पुलिस की फजीहत…
कानपुर देहात में पत्रकारों को “बाँस” करने का बयान देने वाले सीओ का एक और विवादित बयान वायरल!



