गौरेला (छत्तीसगढ़)। मंडी टैक्स चोरी का भंडाफोड़ करना एक पत्रकार को भारी पड़ गया। गौरेला निवासी पत्रकार विपिन जैन ने एक व्यापारी और उसके परिजनों पर मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नईदुनिया अखबार की वेबसाइट में पब्लिश रिपोर्ट के अनुसार, पत्रकार विपिन जैन ने बताया कि उन्होंने स्थानीय व्यापारी सुबोध जैन द्वारा कथित रूप से मंडी टैक्स से बचने के लिए बड़ी मात्रा में चिरौंजी बिना निर्धारित प्रक्रिया पूरी किए दूसरे शहर भेजे जाने की शिकायत कई बार मंडी अधिकारियों से की थी। शिकायत के आधार पर मंडी प्रशासन ने पहले कार्रवाई भी की थी।
विपिन का आरोप है कि हाल ही में व्यापारी एक बार फिर बड़ी मात्रा में चिरौंजी बाहर भेजने की तैयारी कर रहा था। इसकी सूचना भी उन्होंने संबंधित अधिकारियों को दी थी। बावजूद इसके माल शहर से बाहर भेज दिया गया। इसके बाद व्यापारी पक्ष को शिकायत की जानकारी मिल गई।
पीड़ित पत्रकार का कहना है कि शुक्रवार रात वह अपनी पत्नी और बेटे के साथ एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। इसी दौरान व्यापारी सुबोध जैन तथा उसके परिवार के सदस्य ललित जैन, सुकांत जैन, सलभ जैन, शौर्य जैन, अग्रिम जैन समेत अन्य लोगों ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि सभी ने मिलकर उनके साथ गाली-गलौज की, मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी।
विपिन जैन के मुताबिक, वह किसी तरह वहां से निकलकर गौरेला थाने पहुंचे, लेकिन आरोपित पक्ष भी उनके पीछे थाने पहुंच गया। उनका आरोप है कि थाने परिसर में भी उनके साथ मारपीट की गई और बाहर निकलने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। इस दौरान उनकी पत्नी और पुत्र भी मौजूद थे, जिससे परिवार भयभीत हो गया।
पत्रकार ने यह भी आरोप लगाया कि थाने में मारपीट की घटना के बावजूद दूसरे पक्ष की शिकायत पर बिना पर्याप्त जांच के उनके खिलाफ भी काउंटर केस दर्ज कर लिया गया। उनका कहना है कि इससे आरोपितों के हौसले बढ़े हैं और उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं।
मामले में मंडी अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। पत्रकार का आरोप है कि टैक्स चोरी की शिकायत और प्रस्तावित कार्रवाई की जानकारी व्यापारी तक पहुंचाई गई, जिसके बाद उनके खिलाफ प्रतिशोधात्मक कार्रवाई की गई। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


