ये प्रदेश के परिवहन मंत्री है… कई मामले को लेकर विवादों में रहते हैँ… लोअर टीशर्ट में गॉर्ड ऑफ़ ऑनर ले रहे हैँ…
प्रोटोकॉल का सलीका भूल गए… हाँ… इनके प्रोटोकॉल में कोई कमी रह जाये तो फिर अधिकारियों की क्लास पक्की… –अशफाक अहमद
मंत्री जी की पोस्ट पर आए ढेरों कमेंट्स में से कुछ प्रमुख देखें-


जब एआई चैट जीपीटी से पूछा गया-
क्या किसी मंत्री द्वारा लोअर टीशर्ट में गॉर्ड ऑफ़ ऑनर लेना प्रोटोकॉल में आता है ?
तो क्या जवाब मिला, पढ़िए-
सामान्यतः गार्ड ऑफ ऑनर एक औपचारिक और गरिमापूर्ण सैन्य/पुलिस समारोह होता है। इसमें मुख्य अतिथि, मंत्री, मुख्यमंत्री, राज्यपाल या अन्य गणमान्य व्यक्ति से अपेक्षा की जाती है कि वे अवसर के अनुरूप औपचारिक पोशाक में हों।
हालाँकि, भारत में ऐसा कोई सार्वभौमिक नियम नहीं है जो स्पष्ट रूप से कहता हो कि मंत्री को कोट-पैंट, बंदगला या किसी विशेष ड्रेस में ही गार्ड ऑफ ऑनर लेना होगा। प्रोटोकॉल मुख्यतः पद, समारोह की प्रकृति और सुरक्षा/औपचारिकता से जुड़ा होता है, न कि हर स्थिति में किसी निश्चित ड्रेस कोड से।
यदि कोई मंत्री:
- केवल लोअर और टी-शर्ट में गार्ड ऑफ ऑनर लेते हैं, तो इसे औपचारिक प्रोटोकॉल का उल्लंघन कहना कठिन हो सकता है, जब तक कोई विशिष्ट विभागीय या सैन्य निर्देश न टूटा हो।
- लेकिन इसे शिष्टाचार, गरिमा और अवसर की औपचारिकता के अनुरूप न होना माना जा सकता है, इसलिए इसकी आलोचना हो सकती है।
इन तस्वीरों में एक व्यक्ति (पोस्ट के अनुसार दयाशंकर सिंह) पुलिस के “गार्ड ऑफ ऑनर” के सामने टी-शर्ट और ट्रैक पैंट (लोअर) जैसी अनौपचारिक पोशाक में दिखाई दे रहे हैं।
तथ्यात्मक रूप से:
- गार्ड ऑफ ऑनर/गार्ड ऑफ ऑनर लाइन-अप एक औपचारिक सरकारी-पुलिस समारोह माना जाता है।
- ऐसी औपचारिक सलामी के समय आमतौर पर अतिथि या वीआईपी औपचारिक परिधान (कुर्ता-पायजामा, बंदगला, सफारी सूट, औपचारिक शर्ट-पैंट आदि) में दिखाई देते हैं।
- मुझे ऐसा कोई सार्वभौमिक नियम ज्ञात नहीं है जो कहता हो कि ट्रैक पैंट या टी-शर्ट पहनने पर गार्ड ऑफ ऑनर देना या लेना अवैध या प्रोटोकॉल-विरुद्ध हो जाता है।
- लेकिन प्रशासनिक और सार्वजनिक जीवन की स्थापित परंपराओं के हिसाब से इसे अनौपचारिक, असामान्य और गरिमा के अनुरूप न माना जाने वाला पहनावा कहा जा सकता है। यही कारण है कि सोशल मीडिया पर लोग इसकी आलोचना कर रहे हैं।
यदि आप इस पर पत्रकारिता की भाषा में टिप्पणी करना चाहें तो यह कहना अधिक सुरक्षित होगा:
“यद्यपि गार्ड ऑफ ऑनर लेने के लिए कोई स्पष्ट ड्रेस कोड सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है, लेकिन यह एक औपचारिक सरकारी समारोह माना जाता है। ऐसे में मंत्री का टी-शर्ट और ट्रैक पैंट में सलामी लेना प्रोटोकॉल से अधिक शिष्टाचार और गरिमा के मानकों पर सवाल खड़ा करता है।”
यह कहना कि “उन्होंने प्रोटोकॉल तोड़ दिया” तब तक उचित नहीं होगा जब तक किसी आधिकारिक नियमावली में ऐसे ड्रेस कोड का स्पष्ट उल्लेख न मिल जाए।



