नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक वीडियो और पोस्ट हटाने के निर्देश दिए हैं। पुलिस के मुताबिक, ये सामग्री जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान सोशल मीडिया पर साझा की गई थी।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सोशल मीडिया से आपत्तिजनक सामग्री हटाने की कार्रवाई लगातार जारी है। इस मामले में विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर कई पोस्ट अपलोड की गई थीं, जिन्हें हटाया जा रहा है।
अधिकारी के अनुसार, तीन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को नोटिस जारी कर प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा और टिप्पणियां वाली सामग्री हटाने के लिए कहा गया है। दिल्ली पुलिस की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर ऐसे कंटेंट की लगातार निगरानी कर रही है। आपत्तिजनक सामग्री मिलने पर संबंधित प्लेटफॉर्म्स को उसे हटाने के लिए तत्काल कार्रवाई करने का अनुरोध भेजा जाता है।
पुलिस ने प्रदर्शन से जुड़े लगभग 450 सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी पहचान की है, जिन पर कथित तौर पर डीपफेक और एआई-जनित (AI-generated) सामग्री साझा करने का आरोप है। इन खातों को संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से ब्लॉक कराने की भी सिफारिश की गई है।
गौरतलब है कि शनिवार को CJP ने अपना 36 दिन लंबा आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की थी। संगठन ने कहा था कि सरकार द्वारा उसकी प्रमुख मांगों को स्वीकार किए जाने, जिनमें तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी शामिल है, के बाद आंदोलन वापस लिया गया।
यह घटनाक्रम 20 जुलाई को आयोजित ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच हुई झड़पों के बाद सामने आया। इस झड़प में दोनों पक्षों के कई लोग घायल हुए थे।
बाद में दिल्ली पुलिस ने हिंसा के सिलसिले में 15 एफआईआर दर्ज की थीं, हालांकि बाद में उन्हें वापस लेने का फैसला किया गया। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि शांतिपूर्ण विरोध मार्च के दौरान हुई हिंसा के पीछे कहीं कोई व्यापक साजिश तो नहीं थी।
क्या मोदी सरकार देश को नेपाल की राह पर धकेलना चाहती है…क्या वह भूल गई कि पूर्व की नेपाल सरकार ने सोशल मीडिया पर पाबंदी लगाकर जेन ज़ी को नाराज़ कर दिया था और उसका नतीजा क्या निकला था….
अब वह दिल्ली पुलिस से मोदी के विरोध वाली पोस्ट हटाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से कह रही है तो जेन ज़ी इसे कैसे लेगी ये भी उसे सोच लेना चाहिए।
जेन ज़ी चुप नहीं बैठेगी, वह पलटकर जवाब देगी और दोगुने आक्रोश से देगी।
-मुकेश कुमार, वरिष्ठ पत्रकार


