नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के बालाघाट में आदिवासी समुदाय के बच्चों की मौत से जुड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट की ग्राउंड रिपोर्टिंग कर रहे तीन स्वतंत्र पत्रकारों के Instagram अकाउंट सस्पेंड किए जाने पर प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने कड़ी आपत्ति जताई है। प्रेस क्लब ने 6 सितंबर 2026 को पत्रकारों के Instagram अकाउंट सस्पेंड किए जाने की निंदा करते हुए इसे गंभीर मामला बताया है।
प्रेस क्लब के मुताबिक, मोनिका सिंह (monikasingh_unsalted), बिंदु गुर्जर (samacharybindu) और लोकभद्र सिंह (lok_singh_) बालाघाट में करीब तीन महीने के दौरान हुई लगभग 30 संदिग्ध बच्चों की मौत की रिपोर्टिंग कर रहे थे। तीनों पत्रकार उपलब्ध जानकारी की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करने, प्रभावित परिवारों और फ्रंटलाइन वर्कर्स से बातचीत करने और जमीनी स्थिति को दर्ज करने के लिए बालाघाट पहुंचे थे।
पत्रकारों पर अधिकारियों से मिलने का दबाव डालने का आरोप
प्रेस क्लब ने अपने बयान में कहा कि रिपोर्टिंग के दौरान पत्रकारों पर बालाघाट के अधिकारियों से निजी तौर पर मिलने के लिए कथित तौर पर बार-बार दबाव बनाया गया। जब पत्रकारों ने ऐसा करने से इनकार करते हुए अपनी रिपोर्टिंग जारी रखी तो उन्हें होटल के कमरे खाली करने के लिए कहा गया।
बयान के मुताबिक, करीब दो दिनों तक सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी भी पत्रकारों की गतिविधियों पर नजर रखते या उनका पीछा करते दिखाई दिए। प्रेस क्लब का कहना है कि इन घटनाओं और बाद में Instagram अकाउंट सस्पेंड किए जाने को एक साथ देखने पर सार्वजनिक हित से जुड़े काम कर रहे पत्रकारों को डराने या चुप कराने की आशंका पैदा होती है।
प्रेस क्लब ने निष्पक्ष जांच की मांग की
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। संगठन ने संबंधित अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि पत्रकार बिना किसी उत्पीड़न या हस्तक्षेप के स्वतंत्र रूप से रिपोर्टिंग कर सकें।
प्रेस क्लब ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से भी अपील की है कि उनके सिस्टम का इस्तेमाल स्वतंत्र पत्रकारिता को दबाने के लिए न हो और पत्रकारों के अकाउंट के खिलाफ की गई किसी भी कार्रवाई की पारदर्शी और निष्पक्ष समीक्षा की जाए।
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया की अध्यक्ष संगीता बरुआ पिशारोटी और महासचिव अफजल इमाम ने जारी बयान में कहा कि संगठन इन पत्रकारों के साथ मजबूती से खड़ा है और प्रेस की स्वतंत्रता तथा बिना डर के रिपोर्टिंग करने के अधिकार की रक्षा की मांग करता है।



