बीबीसी हिंदी की पूर्व पत्रकार हुदा जरीवाला को सहारनपुर मस्जिद विध्वंस पर सवाल उठाने और सीएम योगी की कार्यशैली की आलोचना करने पर यूपी पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। एक अंतर्राष्ट्रीय मीडिया संस्थान से जुड़ी रही पत्रकार को इस तरह जेल भेजने से वैश्विक स्तर पर भारत में ‘प्रेस की स्वतंत्रता’ और लोकतांत्रिक अधिकारों पर गंभीर सवाल उठ सकते हैं।
सहारनपुर में BBC की पूर्व रिपोर्टर हुदा जरीवाला गिरफ्तार
सहारनपुर की कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के ध्वस्तीकरण को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जिलाधिकारी पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में पुलिस ने पूर्व BBC रिपोर्टर और यूट्यूबर हुदा जरीवाला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
पुलिस के मुताबिक, वायरल वीडियो के आधार पर यह कार्रवाई की गई। वहीं पोस्टर लगाने और माहौल बिगाड़ने के प्रयास के आरोप में कई अन्य संदिग्धों को भी हिरासत में लिया गया है।
-खालिद हसन
चंद्रशेखर आजाद-
3 सितंबर को दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी से सवाल पूछने की कोशिश करने पर महिला पत्रकारों शाहीन ख़ान और नफ़ीसा ख़ान को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लेकर साकेत थाने ले जाने, मारपीट, गाली-गलौज और धमकी देने के आरोप बेहद गंभीर हैं।
वहीं, पूर्व BBC Hindi पत्रकार हुदा जरीवाला को सहारनपुर मस्जिद विध्वंस पर सवाल उठाने और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की कार्यशैली की आलोचना करने पर यूपी पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने की खबर भी बेहद चिंताजनक है।
महिला पत्रकारों ने मारपीट के संबंध में FIR दर्ज करने के लिए शिकायत दी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई न होना पुलिस की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है। वहीं, हुदा जरीवाला की गिरफ्तारी भी प्रेस की स्वतंत्रता और सत्ता से सवाल पूछने के अधिकार पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
संबंधित राज्य सरकारों से हमारी मांग है कि हुदा जरीवाला को तत्काल रिहा किया जाए और अगर अगले 72 घण्टो में में शाहीन ख़ान और नफ़ीसा ख़ान की शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई, तो मैं स्वयं साकेत पुलिस थाने के बाहर आकर शांतिपूर्ण धरना दूंगा।
मेरे पत्रकार भाइयों और बहनों से अपील है कि एकजुट होकर अपनी साथी पत्रकारों का साथ दें। आज वे हैं, कल आपकी बारी भी हो सकती है।
यह प्रेस की स्वतंत्रता और लोकतंत्र से जुड़ा गंभीर सवाल है।


