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अडानी की पोल खोलने पहुंचे ‘सूर्या समाचार’ का कैमरा तोड़ने की कोशिश, जबरदस्ती लौटाया गया!

अडानी की पोल खोलने पहुंचे सूर्या समाचार का कैमरा तोड़ने की कोशिश, जबरदस्ती लौटाया गया… इतना तो तय है कि सत्ता किसी की भी रहे, उसे कॉर्पोरेट अपने हिसाब से नचाता रहेगा. कॉर्पोरेट के इशारे पर नाच रहा मीडिया भी उसका कठुपुटली बन बैठा है. मेन स्ट्रीम मीडिया में कॉर्पोरेट के खिलाफ कोई खबर चलाने या दिखाने का माद्दा नहीं बचा है. लेकिन हाल ही में पुण्य प्रसून के देख-रेख में रिलॉन्च हुए सूर्या समाचार ने अडानी पर कल एक रिपोर्ट की.

दरअसल छत्तीसगढ़ के सरगुजा में अडानी का कोयला प्रोजेक्ट जोर शोर से चल रहा है. अडानी अपने कोल ब्लॉक को आगे बढ़ाने के लिए छतीसगढ़ के स्थानीय निवासियों की जमीन ले रहे हैं. कल सूर्या समाचार के कैमरा मैन और रिपोर्टर सरकार द्वारा पोषित और समर्थित इस प्रोजेक्ट की परत खोलने अडानी के कोयला प्रोजेक्ट वाली जगह पहुंचे. जैसे ही कैमरामैन ने शूट शुरू किया अडानी के लोगों ने कैमरा छीनने की कोशिश की और बाद में उन्हें अंदर नहीं जाने दिया. वहां से लौटकर सूर्या के मीडियाकर्मियों ने प्रोजेक्ट के बगल के गांव के लोगों से इस संबंध में बात की जिसकी पूरी रिपोर्ट सूर्या समाचार पर चलाई गई है. जाहिर है यह खबर मीडिया जगत में पहले से स्थापित किसी बड़े चैनल पर दिखाई जाती तो इसकी पहुंच देश के कोने कोने तक होती, लेकिन हाल-फिलहाल में जब लगभग पूरा मीडिया भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध कराने की तैयारी में है, सभी चैनल अपने एक खास एजेंडे के तहत अपना कारोबार चला रहे हैं ऐसे में सूर्या की ये दिलेरी और कॉर्पोरेट के खिलाफ आवाज उठाना सराहनीय है.

इसमें सरकार का रोल कितना है ये भी जानना चाहिए. जब तक छतीसगढ़ में भाजपा सरकार थी तब कांग्रेस के नेता विधानसभा में अडानी के कोयला प्रोजेक्ट को लेकर रोज बवाल काटते थे जिनमें छतीसगढ़ के मौजूदा सीएम भूपेश बघेल भी थे. ये सभी भाजपा सरकार पर सवाल खड़े किया करते थे. लेकिन सत्ता बदलने के बावजूद भी स्थिति जस के तस बनी हुई है. और जो कांग्रेस कल अडानी को लेकर भाजपा पर निशाना साधती थी वो आज सत्ता में आने के बाद इस पर खामोश है. राहुल गांधी भी इस पर बहुत कुछ बोल चुके हैं पर अब वो भी खामोश हैं. लगभग यही स्थिति भाजपा झारखंड में भी है जहां भाजपा सरकार है, वहां भी अडानी का प्रोजेक्ट ग्रामीण के लिए मुसीबत बना हुआ है.

युवा पत्रकार नीतेश त्रिपाठी की रिपोर्ट.


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1 Comment

1 Comment

  1. Avi

    February 21, 2019 at 10:32 am

    Ye sab paisa milne tak ka hi dikhawa rehta hai aapko bhi milenge aap bhi chup ho jayenge kadwa jarur hai par sachhai hai

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