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तरुण तेजपाल को झटका, किशोर मालवीय बने न्यूज डायरेक्टर, नकबुल्ला फिर कहेंगे सहारा प्रणाम!

‘तहलका’ मैगजीन के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है. सहकर्मी से यौन उत्पीड़न के मामले में फंसे तरुण तेजपाल की याचिका खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने गोवा की निचली अदालत में सुनवाई पर लगी रोक हटा दी है और छह महीने में सुनवाई पूरी करने को कहा है. गोवा की निचली अदालत ने वर्ष 2017 में तेजपाल पर रेप, यौन उत्पीड़न समेत कई धाराओं में आरोप तय किये थे. इसे तेजपाल ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. तेजपाल द्वारा अपनी जूनियर सहकर्मी से यौन उत्पीड़न का प्रकरण वर्ष 2013 का है.

वरिष्ठ पत्रकार किशोर मालवीय को जल्द लांच होने वाले न्यूज चैनल R9 में न्यूज डायरेक्टर बनाया गया है. एवीएन मीडिया प्राइवेट लिमिटेड के तले लांच होने जा रहे इस न्यूज चैनल में कई लोग नीचे के पदों पर पहले ही ज्वाइन कर चुके हैं. किशोर मालवीय अभी हाल फिलहाल तक समाचार प्लस चैनल में मैनेजिंग एडिटर हुआ करते थे. वे किसान टीवी, इंडिया टीवी, इंडिया न्यूज, वॉइस ऑफ इंडिया, नेपाल1, महुआ टीवी, जी न्यूज, नवभारत टाइम्स आदि जगहों में काम कर चुके हैं. किशोर मालवीय वर्ष 1989 बैच के आईआईएमसीयन हैं.

खबर है कि राष्ट्रीय सहारा पटना की बैठक सहारा इंडिया के जोनल हेड मि. पाल ने ली. बैठक में यहां के पूर्व ब्यूरो चीफ मि. नकबुल्ला को कान्ट्रैक्ट पर अतिरिक्त ब्यूरो चीफ के रूप में ज्वाइन कराए जाने की घोषणा की गई. ज्ञात हो कि नकबुल्ला को पूर्व ग्रुप एडीटर रणविजय सिंह के वक्त कई आरोपों के चलते हटा दिया गया था. चर्चा है कि बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी जो एक माह पहले तक सहारा के खिलाफ लगातार बोल रहे थे, अब चुप्पी साध चुके हैं. बताया जाता है कि सुशील मोदी के करीबी नकबुल्ला को दोबारा ज्वाइन कराना एक बड़े खेल का हिस्सा है. नकबुल्ला को दुबारा यहां का संपादक बनाया जाएगा. फिलहाल यहां न्यूज एडीटर के रूप में किशोर केशव कार्य कर रहे हैं.

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2 Comments

2 Comments

  1. Vishal

    August 19, 2019 at 8:26 pm

    To yani kishore malviye ke aane se r9 start hone se pehle hi doob jayega

  2. Insaf

    August 20, 2019 at 11:25 pm

    यह सहारा परिवार के लिए या राष्ट्रीय सहारा के लिए दुर्भाग्य है कि जो ईमानदारी से संस्थान के लिए काम करता है उसे लंघी मार दी जाती है। वरिष्ठ जानते हैं कि ये बंदा सहारा के लिए निष्ठावान है पर अपनी कुर्सी खतरे में जान उस ईमानदार कर्मयोगी को आगे नहीं बढ़ाते हैं। सहारा के उच्च प्रबंधन पता करे कि संस्थान के अंदर और संस्थान के बाहर राजनीतिक गलियारे तक कंपनी के लिए कौन बैटिंग कर रहा है। बैटिंग कोई कर रहा है और मलाई थर्ड मैन प्राप्त कर रहा है। सहारा को दागदार व्यक्ति पसंद है। जो हवाबाजी अधिक और रिजल्ट शून्य दे। पटना के हेड जिस आवास में रह रहे हैं उसका 25 हजार रेंट कंपनी अपने जेब से दे रही है। गेस्ट हाउस के नाम पर उनके लिए रास्ता निकाला गया। अरे भाई, तंगी में सहारा को क्यों नोच रहे हो। काम कोई करे और व्वाहवाही हेड लुटे, यह कहाँ का इंसाफ है।

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