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उत्तर प्रदेश

डीएम ने प्रवासी पीड़ितों की मदद करने पहुंचे पत्रकार का कार्ड छीना

प्रतापगढ़ (उ.प्र.) : असम के पीड़ित मजदूरों की फरियाद पर जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी पत्रकार कृष्णभान सिंह का पहचान पत्र ही छीन लिया। धमकी भी दी कि जाओ, जो चाहो छाप देना। इस घटना से जिले के पत्रकारों में रोष है। 

प्रतापगढ़ (उ.प्र.) : असम के पीड़ित मजदूरों की फरियाद पर जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी पत्रकार कृष्णभान सिंह का पहचान पत्र ही छीन लिया। धमकी भी दी कि जाओ, जो चाहो छाप देना। इस घटना से जिले के पत्रकारों में रोष है। 

जिले के रानीगंज थाने के बुढौरा ग्राम में बिजली का काम कर रहे हैं बरपटा (आसाम) के मजदूर। इनकी कहानी वही के रहने वाले जाकिर बताते हैं कि किस तरह उन्हें एक तिवारी जी ले आए, जो कि लेबर कान्ट्रेक्टर हैं। उन्होंने जाकिर, उसकी पत्नी और दो अन्य को उन्होंने गोदरेज कम्पनी में काम पर लगवाया। एक दिन जब कोई नहीं था तो जाकिर की पत्नी से कम्पनी के मुंशी ने छेड़छाड़ की। इसी दौरान मौके पर आ पहुंचे जाकिर ने विरोध किया तो उसे काम से निकाल दिया गया।

पीड़ितों ने थाना रानीगंज में शिकायत की। थानाध्यक्ष संजय शर्मा ने तत्काल कम्पनी के दो लोगों को थाने बुलाया और दो महीने, 9 दिन का मजदूरों की मजदूरी का हिसाब कराया। चार मजदूरों की पूरी मजदूरी 78, 000 कुछ रूपये निकली। थानाध्यक्ष के सामने ही 6000 रूपये पीड़ितो को दे दिए गए। बाकी पैसा 19 मई 20015 को देने को थाने पर बुलाया। दूसरे दिन बुलाये गये समय पर जब पीड़ित पहुंचे तो थानाध्यक्ष ने उनको असम भाग जाने को कहा। पीड़ित ने अपनी बात पत्रकार कृष्णभान को बताई तो  उन्होंने क्षेत्राधिकारी डी एल सुधीर से बात की। उन्होंने थानाध्यक्ष को तत्काल बुलाया लेकिन थनाध्यक्ष का इशारा पा कर क्षेत्राधिकारी ने पीड़ित को जिलाधिकारी के पास जाने की सलाह दे डाली। 

पीड़ितों ने 19 मई 2015 को जिलाधिकारी को रानीगंज तहसील दिवस पर शिकायत की। पत्रकार ने जब जिलाधिकारी से इस मामले पर बात करनी चाही तो जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी ने पत्रकार का आई कार्ड छीन लिया और अभद्रता की। कहा कि जो खबर चलानी है जाकर चला दो। जरा सोचिए कि प्रतापगढ़ जिले में पीड़ितों का सहयोग करने पहुंचे पत्रकार से जब एक जिलाधिकारी इस तरह की हरकत करे तो समझ सकते हैं, जिले की कानून व्यवस्था की स्थितियां क्या होंगी। 

ये हैं अखिलेश सरकार का नजारा। इस मामले में पत्रकार ने मुख्य सचिव आलोक रंजन को भी सूचना दी है और कममिश्नर इलाहाबाद को भी। पत्रकार का कहना है कि यदि जिलाधिकारी ने कार्ड छीना है तो वे ही पत्रकार को कार्ड वापस करें और अपनी गलती मानें। देखते हैं कि चौथे स्तंभ का मजाक उड़ाने वाले इस जिलाधिकारी पर क्या कार्रवाई होती है

पत्रकार कृष्णभान सिंह से संपर्क : 9628536386

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