Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

सुख-दुख

सूप तो बोले पर चलनी (कृष्णमोहन झा) भी बोले?

कृष्ण मोहन झा को IFWJ की मध्यप्रदेश इकाई के अध्यक्ष का जवाब

मिस्टर कृण्णमोहन झा

 

राष्ट्रीय अध्यक्ष कामेरड के विक्रम राव के नाम आपका ईमेल पढ़ा। हंसी आई। एक फूहड़ जोक लगा। प्रधान सचिव परमानद पाण्डेय जिनकी आप तरफदारी कर रहें हैं ने ही आपको गंभीर आरोपों और कदाचार के लियें सस्पेण्ड कर दिया था (9 अगस्त 2014 वाला पत्र सलग्न)। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने ही आपको फिर बहाल किया। उन्हे आप ही सन्यास लेने को कह रहे है|

फ़िलहाल आप तो भोपल इकाई तथा मध्य प्रदेश वर्किग जर्नलिस्ट्स यूनियन के प्राथमिक सदस्य भी नहीं हैं। तो फिर राष्ट्रीय सचिव IFWJ अपने को किस हैसियत से लिखते है| जाहिर है कि उज्जैन मे कुछ महीनों बाद होने वाले सिंहस्थ के अवसर पर करोडों रुपये के सरकारी विज्ञापन में से लाखों रुपये आप अपनी एजेंसी के लिये हड़पना चाहते हैं। इसीलिये IFWJ के राष्ट्रीय  सचिव पद का इस्तेमाल करने की यह साजिश है। अब तक IFWJ के पद का इस्तेमाल कर आप मध्य प्रदेश सरकार से अकूत धनराशी विज्ञापन के तौर पर हथिया चुके है।

बड़ी वित्तीय नैतिकता की बात आप करते हैं। IFWJ की वर्किगं कमेटी की बैठक मे विधायक सदन, भोपाल (6 व 7 सितम्बर 2013) में भाजपा नेता “कुलस्ते” ने दस लाख रुपये का अनुदान धोषित किया था। आपने आज तक इस राशी को IFWJ  को नही भेजा ओैर न मध्य प्रदेश इकाई को दिया ? क्या किया इन लाखों रुपयो का? करोड़ो रुपयें मूल्य वाले पत्रकार भवन (भोपाल) पर कब्जा जमाने हेतु आप IFWJ के हर शत्रु और प्रतिद्वन्दी के हमराह होते रहे। शिकायतों के कारण ही धोखा खाने के पूर्व ही परमानदं पाण्डेय ने आपको निकाल दिया था। आपको राष्ट्रीय सचिव कामरेड विक्रम राव ने ही बनाया था।

आप यदि इतने कर्मठ सदस्य होते तो IFWJ की हर बैठक मे आप आते या अनुपस्थिति का कारण बताकर छूट ले लेते । आपको पता है कि IFWJ संविधान के अनुसार तीन बैठकों में लगातार यदि कोई सदस्य नही आता है तो उसकी सदस्यता निरस्त हो जाती है। गुवाहाटी, भुवनेश्वर और बस्तर में आप नही आये। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने फोन द्धारा आपको स्मरण कराया था और आने का अनुरोध किया था। आपको IFWJ मे रूचि ही नही रही अथवा निजी धंधो का दबाव अधिक रहा होगा।

कृपया बतायें कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के विरूद्ध पर्चा निकालने के लिये किस पदाधिकारी से कितनी दिहाड़ी आपको मिली ?  उस पदाधिकारी का भविष्य तो अब अस्ताचल पर है। आप युवा है फिर भी डूबने चले है। कोई बड़ा लाभ मिल रहा है क्या ?अलबत्ता परमानंद पाण्डेय का के विक्रम राव से दूर होने पर आपकी पीड़ा में मै साथ हूँ । पाण्डेय जी 29 वर्षो से IFWJ  मुख्यलय के एकमात्र प्रभारी रहे । क्या आपने किसी भी सम्मेलन में दिल्ली ईकाई के किसी पदाधिकारी से भेट हुई ?  राज्यों की रपट पेश होते समय दिल्ली यूनियन की रपट कभी जानी आपने | IFWJ के विगत  सम्मेलनों के मिनट्स तथा इतने सालो के आडिटेड वित्तीय विवरण को देखा सुना ? आपने, कम से कम कोषाध्यक्ष श्याम बाबू का शिकवा तो यही है कि उन्हेाने IFWJ का वित्तीय लेखा-जोखा कभी नहीं ही देखा।

श्याम बाबु ने तो पाण्डेय जी से वित्तीय रपट मांगी भी पर उन्हें यह कह कर टाल दिया गया की रपट दिल्ली ऑफिस से जमा कर दी गई है | शायद यह जानकारी आपने छुपाना बेहतर समझा| राष्ट्रीय  अध्यक्ष शायद आप के सुझाव पर सन्यास ले लें, पर आप तो घकियाने, खदेडे जाने के बाद भी लौट आ रहे हैं। इतना प्रेम IFWJ से है या धन उगाही नहीं हो पा रही?

IFWJ के बारे में आप कितने जानकार हैं इसका अन्दाज आपकी इस लाइन से लग जाता है जब आपने IFWJ के सस्थापक-अध्यक्ष स्वर्गीय एम. चलपति राव केा उनका पिता लिखा। कामरेड विक्रम राव के पिता स्वर्गीय के. रामा राव है, स्वाधीनता सेनानी, सांसद और नेहरू के नेशनल हेरल्ड  के (9 सितम्बरं 1938) सस्थापक-सम्पादक थे। उनके प्रशिक्षु और शिष्य रहे एम चलपति राव। इतने मूढ़ और अनजान है आप और खुद को राष्ट्रीय सचिव बताने का ढोंग करते है।

अन्त में कहावत से पत्र खत्म करूँ 
सूप तो बोले पर चलनी (कृष्णमोहन झा) भी बोले? 
घोर कलयुग आ गया।
कौआ मोती चुग रहा है।

सलमान खान
अध्यक्ष
इंडियन फाउडेशन आफ वर्किंग जर्नलिस्ट
मध्यप्रदेश इकाई

मूल खबर>

 

राष्ट्रीय सचिव ने पत्र लिखकर राष्ट्रीय अध्यक्ष के. विक्रम राव पर लगाया आरोप- आपने IFWJ को जेबी संस्था बना दिया

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन