ifwj के एक गुट ने ifwj के दूसरे गुट वाले के. विक्रम राव को ठग कहा, पढ़ें मेल

Ultimately Truth Prevails… The ‘thug of Hindostan’, who had been selling IFWJ for his selfish ends has again surfaced with a new set of lies. The thug has been in the habit of issuing a completely distorted circular after every court hearing. He has not told it was his advocate who had withdrawn the application …

IFWJ के मधुबनी जिलाध्यक्ष पर पत्रकार पर हमला करने का आरोप

विषय : संगठन के मधुबनी जिला अध्यक्ष द्वारा गाली गलौज और जातिसूचक संबोधन के साथ जान से मारने की धमकी!

माननीय अध्यक्ष महोदय,

इन्डियन फेडरेशन ऑफ़ वर्किंग जर्नलिस्ट

महाशय,

ज्ञात हो कि मधुबनी जिला से संगठन के अध्यक्ष के रूप में हेमंत सिंह नामित हैं, बीते दिनों फेसबुक पर उन्होंने कुछ तस्वीरों के साथ एक पोस्ट डाली। इसके माध्यम से उन्होंने खुद को एक्यूप्रेशर का डोक्टर होने की घोषणा कर लोगों से बधाई माँगा, लोगों ने बधाई दिया भी और उस पर टिपण्णी करने वालों में मैं भी शामिल था, तस्वीरों को देखते हुए मैं बधाई देते हुए उनसे कहा की मित्र ये डिप्लोमा है और डिप्लोमा के आधार पर किसी को डॉक्टरेट नहीं मिलता है कृपया पोस्ट को सुधार करें अन्यथा इस पोस्ट के आधार पर अप ही नहीं समूची पत्रकारिता कौम शर्मिन्दा होगी ! जिस प्रतिक्रया के एवज में पहले तो पोस्ट पर ही मुझ से गाली गलौज की गई!

Majithia : Registry has assured that the Case will be listed on the priority basis

Dear Comrades,

The office of the ‘Indian Federation of Working Journalists’ (IFWJ) has been inundated with innumerable telephone calls and emails to know as to why the date of hearing of the Majithia case, which was fixed on 17th January 2017, was not taken up? On the last of date of hearing i.e. 10th January the matter was listed for arguments on Legal Issues. The arguments remained inconclusive.

K Vikram Rao : The Bluff Master

Dear Prakash Mishra,

We do not know whether you are a person in flesh and bones or a ghost created by Mr.Vikram Rao because he has the inherent nature of creating such imaginary persons as to cover his misdeeds. But if you are really a person in body and form then we must congratulate you for weaving such cock and bull stories. Sitting in the hinterland of Odisha in Behrampur if you had so much information (or figment of imagination) about what happened in Chennai then you are certainly a supernatural person. It is not your fault. In fact, your ‘creator’ Vikram Rao suffers from a disease called OCD (Obsessive Compulsive Disorder) and that is why Parmanand Pandey, Hemant Tiwari and K. Asudhulla haunt him even in his dreams (courtesy opening line of the Manifesto of the Communist Party). He must not forget that his depravity will turn out to be a nightmare for him.

लखनऊ के पत्रकार सिद्धार्थ कलहंस ने पत्रकार नेता विक्रम राव को जालसाज कहा!

के.  विक्रम राव  अपने झूठ, फरेब, जालसाजी और फर्जीवाड़े के लिए कुख्यात रहे हैं। लेकिन अब जयंत वर्मा जाँच समिति  की रिपोर्ट के बाद से वे इतना बौखला उठे हैं कि उनका मानसिक संतुलन बिगड़ने लगा है। हालाँकि उन्हें आई. एफ. डब्लू. जे. से कब का निष्कासित किया जा चुका है लेकिन यह जाल-साज संगठन के नाम का बेजा इस्तेमाल करने से बाज नहीं आ रहा है और आई. एफ. डब्लू. जे. पदाधिकारियों के खिलाफ मिथ्या ख़बरें फैला रहा है। उनकी बढ़ती हुई बेचैनी ही उनके मानसिक संतुलन को बिगाड़ रही है।  क्योँकि जाँच समिति के अध्यक्ष श्री जयंत वर्मा पिछले दो दिनों से लखनऊ में हैं और उन्होंने उन स्थानों का दौरा किया जहाँ पर आई. एफ. डब्लू. जे. के प्रेस का उपयोग हुआ और तमाम धांधलियां की गई।  जयंत वर्मा समिति ने लखनऊ के तमांम अधिकारियों के बयान भी दर्ज किये हैं जो विक्रम राव की १०० करोड़ रुपए से ज्यादा की धांधली को उजागर करते हैं।  श्री जयंत वर्मा समिति के अन्य सदस्य सिद्धार्थ कलहंस और मोहम्मद कामरान भी उनके साथ थे। 

परमानंद पांडेय के खिलाफ शिकायती पत्र पर सर्वोच्च न्यायालय ने बार कौंसिल को दिया कार्यवाही का निर्देश

भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने भारत के बार कौंसिल को निर्देशित किया है कि वह IFWJ द्वारा अपने पूर्व प्रधान सचिव परमानंद पाण्डेय (अब एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड) के विरुद्ध प्रदत्त शिकायत पत्र पर कार्यवाही करे| विगत 10 मार्च 2016 को IFWJ ने भारत के प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति तीरथ सिंह ठाकुर को आवेदन दिया था कि वकील परमानन्द पाण्डेय “पेशेवर अवचार, उपेक्षा, दुर्व्यपदेशन और कपट” के दोषी है| अपने 20-पृष्ट के ज्ञापन में, जिसमे कई दस्तावेज तथा नियमावली शामिल है,  IFWJ ने कहा कि “ पाण्डेय पूर्णकालिक अधिवक्ता( एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड : क्रमांक 809, पंजीकृत संख्या 13888, तारीख 14-12-2001, सर्वोच्च न्यायालय) है तथा साथ ही में पूर्णकालिक श्रमजीवी पत्रकार भी है|” ऐसी बात वकील और पत्रकार दोनों के नैतिक आचरण के विरुद्ध है|

My leader and guide Jayasheel Rao

The IFWJ mourns the death of its stalwart and founder S.V. Jayasheel Rao at 88 in Bengluru on 28 April 2016. Since his wife’s death some years ago, Jayasheel Rao felt lonely, melancholy gripping him. From IFWJ view point it must be said to Jayasheel Rao’s credit that he fought and got IFWJ posts on his own. He had no political support like most other office-bearers. He was not gifted the IFWJ secretary general’s post. The then President Attu Raghvan of the CPI had per force nominated Jayasheel Rao as the Secretary General because Raghvan had secured just decimal five percent vote margin in his victory over me in 1981. Raghvan did a wise act by nominating Jayasheel Rao as secretary-general which kept the organization united.

कलहंस, हेमंत और परमानन्द पाण्डेय जी इतना गिर जायेंगे, उम्मीद न थी….

भाई सिद्दार्थ कलहंस,

अपनी लेखनी से परोक्ष तौर पर ही सही आप (भास्कर) दुबे को चौबे बनने में जुटे है| वह (भास्कर) कभी पत्रकार रहा ही नहीं तो अब क्या ख़ाक लिख पायेगा? भास्कर दुबे के बारे में जानकारी करने पर मालूम चला की ये फैजाबाद लखनऊ नॉएडा एवं अन्य जगह के पुलिस थानों में काफ़ी चर्चित व्यक्ति है| इनके ऊपर हत्या, लूट, अपहरण जैसे गंभीर आरोप लगे है| फैजाबाद जिले से तो ये तड़ीपार तक किये जा चुके हैं| बड़ा आश्चर्य हुआ, आप जैसे वरिष्ठ पत्रकार को ऐसे अपराधियों के नाम से जवाब दिलवाना पड़ रहा है| शायद आपके परम मित्र हेमंत तिवारी का असर आप पर प्रभावी है|

Who is Vipin Dhulia in IFWJ? शर्म करो, पुलिस न हुई घर की खेती हो गई जिसे चाहा जेल भिजवा दिया

IFWJ National Council Member Shabahat Vijeta letter against Talibani Farmaan of Vipin Dhulia

अध्यक्ष
आई.एफ.डब्ल्यू.जे.
और
समस्त कार्यकारिणी

शक्ति संगठन में होती है. टूटन में नहीं. मैं तो हमेशा से संगठन का पक्षधर रहा हूँ. राजनीति क्योंकि मेरा पेशा नहीं है इसलिए राजनीति की वह बारीकियां नहीं जानता हूँ जिनसे पिछले कुछ दिनों से दो-चार हो रहा हूँ. मैं पत्रकार हूँ और अपने पेशे को ईमानदारी से निभाता हूँ. अपनी पत्रकारिता के 23 सालों में पत्रकारिता के संघर्षों को बहुत करीब से देखा और समझा है. मुझे अच्छी तरह से पता है कि ऐसा कोई संगठन नहीं है जो दस-दस बरस तक संवादसूत्री करने वाले के दर्द को समझ सके. कोई ऐसा संगठन नहीं है जो आठ-आठ महीने काम के बावजूद वेतन न पाने वाले पत्रकार को वेतन दिला सके.

upsacc की तरह ifwj के भी दो टुकड़े हो गये!

पत्रकारों के बटवारे का दर्द

-नवेद शिकोह-

पत्रकारों के बंटवारे के ‘जिन्नाओ’, कितने टुकड़े करोगे हमारे! फिल्म ‘जिस्म’ ने अच्छा बिजनेस दिया तो ‘जिस्म-टू’ बन गयी। इसी तरह नागिन-वन के बाद नागिन-टू, आशिकी के बाद आशिकी टू बनी। व्यवसायिक फिल्मों की व्यवसायिक सोच ने फिल्म निर्माण के क्षेत्र में ये ट्रेन्ड शुरु किया था। भारत की आजादी के फौरन बाद भी कुछ ऐसा ही हुआ। नफा-नुकसान की व्यवसायिक सोच के साथ भारत की आजादी की लड़ाई मे मोहम्मद अली जिन्ना का शामिल होना कितना महंगा पड़ा था। जिन्ना की व्यवसायिक सोच की गन्दी सियासत ने भारत का बटवारा करके हमारे देश के टुकड़े कर दिये।

विक्रम राव को लखनऊ में ifwj के ही एक अन्य साथी कामरान ने दिखाया आइना

तुम खामोश रहो ……..IFWJ की बेबसाइट पर संविधान ACCOUNTS सब हैं… आप थोड़ा पढ़े लिखे होते कामरान…. अगर आप जि़म्मेदार होते…

-के. विक्रम राव (राष्ट्रीय अध्यक्ष, IFWJ)

I cannot keep SILENCE…May be you….

My firm believe that in today’s context of relentless upheaval in the media world, and journalism in particular, that it is a good time to resurrect the moribund organization registered way back in the year 1950 and put it back on the map. I agree, and this is why I decided to stand for election to the National Council after being approached by one of my friend and son of senior IFWJ leader.

Now time has come when wolf has to be unmasked to safe guard media employees interests : Parmanand Pandey

To, All Presidents, General Secretaries of the State Units, Working Committee Members & Special Invitees, Dear comrade, I am sorry for not having communicated for quite long time. The delay certainly needs to be explained. After the so-called Mathura meeting when I reached Delhi on 1st December I had to rush to the Court. While …

के. विक्रम राव ने परमानंद पांडेय और हेमंत तिवारी को नोटिस भेजा

Notice : Mr. Parmanand Pandey Hemant Tiwari’s circular makes irresponsible and unwarranted reading. Enclosed the show-cause notice, issued to Tiwari. What is more irresponsible is your allowing Tiwari to use your (fake/duplicate) Email id for issuing the invitation for the so-called national council meeting. Before I consult collegues under Rule 22 (d) of the IFWJ …

नौटंकी जारी है : के. विक्रम राव ने हेमंत तिवारी को और हेमंत तिवारी ने के. विक्रम राव को संगठन से निकाला

पत्रकार संगठन के नाम पर दलाली का कारोबार करने वाले आपस में ही भिड़ पड़े हैं. IFWJ संगठन से के. विक्रम राव ने हेमंत तिवारी को निकाल बाहर किया तो हेमंत तिवारी ने के. विक्रम राव को ही निकाले जाने का ऐलान कर दिया. इस पूरे प्रकरण को मीडिया वाले चटखारे लेकर पढ़ सुन बता …

हेमन्त तिवारी ने के. विक्रम राव को संगठन से निकालते हुए जो पत्र लिखा, उसे पढ़ें

Dear Shri K. Vikram Rao, This is with reference to your illegal show cause notice dated 18.12.2015 and so-called suspension letter sent to me today by email. Your show cause notice and suspension both are unconstitutional, ultra vires and ridiculous and that is why, I did not think it necessary to send any reply to …

आईएफडब्ल्यूजे की मथुरा बैठक अवैध, अब बनारस या आगरा में पुन: नियमानुसार होगी बैठक

इंडियन फेडरेशन आफ वर्किंग जर्नलिस्ट के राष्ट्रीय सचिव (नार्थ) हेमंत तिवारी ने एक सरकुलर जारी कर आईएफडब्ल्यूजे की मथुरा में दिनांक 29-30 नवंबर 2015 को संपन्न बैठक को अवैध बताया है। श्री तिवारी ने Secy. (North) Dec/2015  के अंतर्गत सरकुलर में राष्ट्रीय अध्यक्ष के. विक्रम राव पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि मथुरा …

सूप तो बोले पर चलनी (कृष्णमोहन झा) भी बोले?

कृष्ण मोहन झा को IFWJ की मध्यप्रदेश इकाई के अध्यक्ष का जवाब मिस्टर कृण्णमोहन झा   राष्ट्रीय अध्यक्ष कामेरड के विक्रम राव के नाम आपका ईमेल पढ़ा। हंसी आई। एक फूहड़ जोक लगा। प्रधान सचिव परमानद पाण्डेय जिनकी आप तरफदारी कर रहें हैं ने ही आपको गंभीर आरोपों और कदाचार के लियें सस्पेण्ड कर दिया …

राष्ट्रीय सचिव ने पत्र लिखकर राष्ट्रीय अध्यक्ष के. विक्रम राव पर लगाया आरोप- आपने IFWJ को जेबी संस्था बना दिया

वरिष्ठ पत्रकार एवं आईएफडब्ल्यूजे के राष्ट्रिय सचिव कृष्णमोहन झा ने आईएफडब्ल्यूजे के राष्ट्रीय अध्यक्ष के. विक्रम राव को पत्र लिखकर आईना दिखा दिया है. झा ने राव पर कई किस्म के आरोप लगाए हैं. श्री झा द्वारा राव को लिखे गए लंबे पत्र का कुछ अंश नीचे प्रकाशित किया जा रहा है… प्रति, श्री के. …

IFWJ की प्रेस रिलीज में मजीठिया, परमानंद पांडेय, आगरा पत्रकार लाठीचार्ज का कोई जिक्र नहीं

जब पत्रकार संगठन पूरी तरह दलाली की तरफ अग्रसर हो जाते हैं तो मूल मुद्दों का जिक्र तक नहीं करते. यही हाल आईएफडब्लूजे का है. इनके राष्ट्रीय अधिवेशन की आफिसियल प्रेस रिलीज में मजीठिया वेज बोर्ड से लेकर आगरा में पत्रकारों पर लाठीचार्ज के मुद्दों का कहीं कोई जिक्र तक नहीं है. प्रेस रिलीज में संगठन के महासचिव परमानंद पांडेय तक का नाम नहीं है. सूत्रों ने बताया कि परमानंद पांडेय ने शिवपाल यादव के सामने मजीठिया वेज बोर्ड मामले में यूपी सरकार की बेरुखी का मुद्दा उठाया. लेकिन इस प्रकरण का प्रेस रिलीज में कोई जिक्र नहीं है. पढ़िए आप भी प्रेस रिलीज, ताकि जान सकें कि इसमें जिक्र किस बात का है. -एडिटर, भड़ास4मीडिया

पत्रकारों की लड़ाई लड़ने वाले परमानंद पांडेय को अपमानित करना शुरू किया के. विक्रम राव ने!

देश के जाने माने पत्रकार नेता परमानंद पांडेय को अपमानित करने की मुहिम खुद उनके ही संगठन के वरिष्ठों ने शुरू कर दी है. वरिष्ठ पत्रकार और सुप्रीम कोर्ट के वकील परमानंद पांडेय ने मजीठिया वेज बोर्ड की लंबी व मुश्किल लड़ाई लड़ते हुए पूरे देश में आम पत्रकारों के बीच सम्मान और प्रशंसा हासिल की है. लेकिन वे जिस पत्रकार संगठन IFWJ में महासचिव हैं, उसी संगठन के वरिष्ठ लोग उन्हें अपमानित करने की मुहिम चलाने लगे हैं.

NO NEWSPAPER IS PUBLISHED FROM ANDAMAN AND NICOBAR!

There is no daily newspaper in the Union Territory of Andaman and Nicobar. There are a few small weekly newspapers which do not employ any regular employee. One or two persons are employed by them on hourly basis to bring out the weeklies. It has been stated by Mr. Madhu Sudhan Baidya, Labour Commissioner and Director of Employment Training (Andaman and Nicobar Administration) in his affidavit filed before Hon’ble Supreme Court of India.

Union Labour Ministry asks UP Government to ensure implementation of Majithia Award

The PMO (Prime Minister’s office) has asked the Union Labour Ministry to coordinate with the State Government of Uttar Pradesh for the implementation of the Majithia Award. In a letter to the Prime Minister Narendra Modi, the IFWJ requested him to immediately intervene and ensure the implementation of the Majithia Award which has already been notified by the Government of India on 11.11.2011. The writ petitions filed by the newspaper proprietors against the recommendations of the Majithia Award were also dismissed by the Hon’ble Supreme Court of India on 07.02.2014.

Newspapers of J&K feign ignorance about the Majithia Award

The report of the Government of J&K filed in the Supreme Court of India on the status of the implementation of the Majithia Wage Boards filed by the Labour Commissioner Shri Vipra Bhal says that ‘None of the newspapers has been found to be satisfactorily abiding by the recommendations (Majithia Wage Board) citing one or the other ground. The newspaper establishments have, however, been made to understand that they are statutorily obliged  to abide by them and any lapse in this regard may result in launching of prosecution against them.’

Majithia Award: it is as dismal in Madhya Pradesh as in other states

The story of Madhya Pradesh is no different from other states as far as the implementation of the Majithia Wage Award. Till date only six states viz. Delhi, Punjab, Madhya Pradesh, Jharkhand, Rajasthan and Sikkim have filed their status reports. The situation is in Madhya Pradesh is dismal and the condition of the newspaper employees is as pathetic, if not more, as in other states.

Newspapers of Jharkhand have refused to cooperate with State Government about Majithia Award

All big newspapers coming out from the state of Jharkhand have not even bothered to reply to the queries of the Labour Department. The State Labour Commissioner Shri Praveen Kumar Toppo has filed the report on sworn affidavit. An advance copy of the report has been served on employees counsel Parmanand Pandey, which says that the notices were issued 93 newspapers they have refused to cooperate with required information.

HT, IE among 47 Delhi newspapers have dared not to implement Majithia Award

Except four newspapers namely; The Hindu, The Tribune, The Decan Herald and Bennet Coleman & Company (publishers of The Times of India, Economic Times and Navbharat Times) and one news agency i.e. the Press Trust of India no newspaper/news agency being published from Delhi has implemented the Majithia Award. This has been revealed in the affidavit of the Government of Delhi submitted by Dr. Madhu Teotia, Labour Commissioner of Government of NCT of Delhi.

None of major newspapers of Punjab has implemented the Majithia says the affidavit of the State Labour Commissioner

The reports of Special Labour Inspectors appointed by the State Governments on the direction of the Hon’ble Supreme Court of India vide its order of 28.04.2015 to find out the status of the implementation of the Majithia Award in newspapers has now started trickling in. Sikkim has been the first Government, which sent its report through its Chief Secretary almost a month ago.

के. विक्रम राव आईएफडब्ल्यूजे के निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित

नई दिल्ली : इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्टस (आईएफडब्ल्यूजे) की शीर्ष कमेटी ने कामरेड के. विक्रम राव को निर्विरोध अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया है। सत्र का कार्यकाल 2016-18 तक का है।

Bhaskar obtaining illegal undertaking from employees, IFWJ writes to Delhi CM

Indian Federation of Working Journalists (IFWJ) has condemned the sinister attempts of Dainik Bhasker management to obtain forcibly the undertaking from the employees that they do not want the Majithia Award. In an email to Delhi Chief Minister of Delhi Arvind Kejriwal, Labour Minister Gopal Rai and the Labour Commissioner, the Secretary General of the IFWJ Parmanand Pandey, has requested them to intervene to safeguard the interests of the employees. The IFWJ has also sent a protest letter to the Managing Director of the D.B. Corp Ramesh Chandra Agarwal desist from indulging into gross unfair labour practice of getting signatures from employees.