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पर्ल ग्रुप की संपत्तियों की नीलामी के लिए सुप्रीम कार्ट ने कमेटी बनाई

हाल ही में करीब 50,000 करोड़ रूपये की हेराफरी के मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी ने पर्ल ग्रुप के मालिक निर्मल सिंह भंगू को गिरफ्तार किया था. उन पर निवेशकों के साथ धोखाधड़ी का आरोप लगा था. अब खबर आ रही है कि पर्ल ग्रुप की संपत्तियों की नीलामी के लिए सुप्रीम कोर्ट ने कमेटी बना दी है. कोर्ट ने पूर्व जज आर एम लोढा की अध्यक्षता में कमेटी बनाई. सेबी के जरिये लोगों को पैसे लौटाया जाएगा और यह कमेटी इस बात की निगरानी रखेगी कि किस तरह अगले 6 महीनों में लोगों के कर्ज को चुकाया जा सके. सेबी को इस केस से जुड़े सारे दस्तावेज़ इस कमेटी को सौंपना होगा.

हाल ही में करीब 50,000 करोड़ रूपये की हेराफरी के मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी ने पर्ल ग्रुप के मालिक निर्मल सिंह भंगू को गिरफ्तार किया था. उन पर निवेशकों के साथ धोखाधड़ी का आरोप लगा था. अब खबर आ रही है कि पर्ल ग्रुप की संपत्तियों की नीलामी के लिए सुप्रीम कोर्ट ने कमेटी बना दी है. कोर्ट ने पूर्व जज आर एम लोढा की अध्यक्षता में कमेटी बनाई. सेबी के जरिये लोगों को पैसे लौटाया जाएगा और यह कमेटी इस बात की निगरानी रखेगी कि किस तरह अगले 6 महीनों में लोगों के कर्ज को चुकाया जा सके. सेबी को इस केस से जुड़े सारे दस्तावेज़ इस कमेटी को सौंपना होगा.

कंपनी पर पोन्जी योजना के जरिए निवेशकों के 55 हजार करोड़ रुपये की ठगी का आरोप है. P7 न्यूज़ चैनल और पर्ल्स ग्रुप के चेयरमैन निर्मल सिंह भंगू के साथ सीबीआई ने 4 दूसरे लोगों को भी गिरफ्तार किया है. कंपनी पर आरोप है कि इसने करीब 6,00,00,000 निवेशकों से 49,100 करोड़ रुपए जुटाये हैं. सेबी के आदेश के मुताबिक अगर पीएसीएल ब्याज समेत ये रकम रिफंड करती है तो उसे करीब 55,000 हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था करनी होगी.

इस मामले की जांच सेबी के अलावा सीबीआई और ईडी भी कर रहे हैं. सीबीआई के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि कंपनी के चारों कार्यकारियों को सीबीआई के मुख्यालय पर गहन पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान उन्होंने बिना तालमेल वाले जवाब देने शुरू किए और साथ ही सहयोग करना भी बंद कर दिया, जिसके बाद उन्हें अरेस्ट कर लिया गया। इनके खिलाफ IPC की धारा 120B (आपराधिक साजिश) तथा 420 (धोखाधड़ी) की धाराओं में मामला दायर किया गया है। निवेशकों को भारी रिटर्न का लालच देकर उनसे धन जुटाया गया था.

सीबीआई ने 19 फरवरी, 2014 को पर्ल्स के 60 साल के संस्थापक निर्मल सिंह भंगू पर देश के इतिहास में सबसे बड़े चिटफंड घोटाले को चलाने की आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी करने के आरोप में मामला दर्ज किया था। करीब 2 साल बाद अब उसे सीबीआई गिरफ्तार करने में सफल हुई है। घोटाले की रकम 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 5 करोड़ से ज्यादा छोटे निवेशकों से पर्ल्स एग्रोटेक कॉर्पोरेशन लिमिटेड और पर्ल्स गोल्डन फॉरेस्ट लिमिटेड के नाम पर धोखे से ली गई थी। पर्ल्स की ये दोनों कंपनियां जमीन-जायदाद का कारोबार करती दिखाई गईं थीं।

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2 Comments

2 Comments

  1. Omprakash Nishad

    September 16, 2016 at 11:10 am

    I’m also One of Investors, My 1 Lac Rs. Invested in PACL at 2005. About 100 of my relative has Invested there Amount. Many of theme have no Information what can they do ? Are we will get our Amount?

  2. Omprakash Nishad

    September 16, 2016 at 11:12 am

    I’m also Invested 1 Lac in 2005

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