पर्ल ग्रुप की संपत्तियों की नीलामी के लिए सुप्रीम कार्ट ने कमेटी बनाई

हाल ही में करीब 50,000 करोड़ रूपये की हेराफरी के मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी ने पर्ल ग्रुप के मालिक निर्मल सिंह भंगू को गिरफ्तार किया था. उन पर निवेशकों के साथ धोखाधड़ी का आरोप लगा था. अब खबर आ रही है कि पर्ल ग्रुप की संपत्तियों की नीलामी के लिए सुप्रीम कोर्ट ने कमेटी बना दी है. कोर्ट ने पूर्व जज आर एम लोढा की अध्यक्षता में कमेटी बनाई. सेबी के जरिये लोगों को पैसे लौटाया जाएगा और यह कमेटी इस बात की निगरानी रखेगी कि किस तरह अगले 6 महीनों में लोगों के कर्ज को चुकाया जा सके. सेबी को इस केस से जुड़े सारे दस्तावेज़ इस कमेटी को सौंपना होगा.

भंगू का हाल में ही किडनी बदला गया है, जेल प्रशासन रखेगा ध्यान

देश के सबसे बड़े पौंजी घोटाले में गिरफ्तार पर्ल्स समूह के सीएमडी निर्मल सिंह भंगू का अभी हाल में ही किडनी ट्रांसप्लांट हुआ है. इस बात का उल्लेख उनके दो वकीलों ने कोर्ट में सुनवाई के दौरान किया. भंगू के अधिवक्ता मनीष जैन और विजय अग्रवाल ने अदालत से कहा कि भंगू का हाल में किडनी प्रत्यारोपण हुआ है इसलिये जेल में उनकी नियमित जांच होनी चाहिये. साथ ही उनकी मेडिकल कंडीशन के मुताबिक इलाज व दवाइयां दिए जाने की मांग की. अदालत ने इस पर कहा कि जेल प्रशासन इसका ध्यान रखेगा. वकीलों की यह मांग भी कोर्ट ने मान ली कि उन्हें रोजाना एक घंटे अपने क्लाइंट यानि भंगू से मुलाकात की अनुमति दी जाए.

तिहाड़ जेल के हवाले हुए चिटफंड के सरगना भंगू और उनके गिरोह के प्रमुख सदस्य

चिटफंड कंपनियों पीएसीएल और पर्ल्स ग्रुप के मालिक भंगू समेत कई घपलेबाजों को 14 दिन के लिये दिल्ली की तिहाड़ जेल में भेज दिया गया है। अदालत ने उसे और उसके साथियों को न्यायिक हिरासत में रखने का फैसला किया है। पर्ल्स समूह के सीएमडी और प्रबंधक निदेशक निर्मल सिंह भंगू और उसके तीन अन्य साथियों को 45,000 करोड़ रूपये की धोखाधड़ी मामले में अदालत ने 14 दिन के लिए जेल भेजा है। अदालत ने कहा, ‘आरोपियों को 14 दिन के न्यायिक रिमांड के बाद अदालत में पेश किया गया। अब अगले 14 दिन की न्यायिक हिरासत के लिए एक याचिका दायर की गई है। आवेदन में दी गई वजहों के तहत इसकी मंजूरी दी जाती है।’

अंतत: अरेस्ट हो गए चिटफंड कंपनियों पीएसीएल और पर्ल्स ग्रुप के दिग्गज निर्मल सिंह भंगू, सुखदेव सिंह, गुरमीत सिंह और सुब्रत भट्टाचार्य

सीबीआई ने 45 हजार करोड़ रुपये के घोटाले में पीएसीएल व पर्ल्स ग्रुप के सीएमडी निर्मल सिंह भंगू तथा इनके तीन सहयोगी एमडी सुखदेव सिंह, गुरमीत सिंह, सुब्रत भट्टाचार्य को गिरफ्तार कर लिया है। इन्हें पोंजी स्कीम केस के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया। बताया जा रहा है कि ये लोग लगातार बयान बदल रहे थे और जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे। सीबीआई के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार भंगू के साथ पीएसीएल के प्रमोटर-डायरेक्टर तथा एमडी सुखदेव सिंह, एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर (फाइनेंस) गुरमीत सिंह तथा ईडी सुब्रत भट्टाचार्य से शुक्रवार को एजेंसी के मुख्यालय में विस्तृत पूछताछ की गई।

पीएसीएल वाले निर्मल सिंह भंगू के कई ठिकानों पर ईडी ने की छापेमारी

पीएसीएल और इसके प्रमोटर रहे निर्मल सिंह भंगू के खिलाफ शिकंजा कसता जा रहा है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने देश के कई शहरों में पीएसीएल के दफ्तरों पर छापे मारे। ईडी निवेशकों से गैरकानूनी तरीके से जुटाई गई करीब 60 हजार करोड़ रुपये की राशि के मामले में मनी लांड्रिंग के पहलू की जांच कर रहा है। यह राशि कई पोंजी स्कीमों के जरिये जुटाई गई।

पीएसीएल को निवेशकों का 49100 करोड़ रुपया लौटाने का आदेश बरकरार

मुंबई। भारतीय प्रतिभूति अपीलीय ट्राइब्यूनल (सैट) ने बाजार नियामक सेबी के उस आदेश पर रोक लगाने से इन्कार कर दिया जिसमें प्रॉपर्टी डेवलपर पीएसीएल को निवेशकों का 49,100 करोड़ रुपया लौटाने का आदेश जारी किया गया था। सेबी ने अवैध सामूहिक निवेश योजना को लेकर पीएसीएल के खिलाफ कार्रवाई की थी। इसके बाद पिछले साल सेबी के आदेश के खिलाफ पीएसीएल ने ट्रिब्यूनल में अपील किया था। लेकिन ट्रिव्यूनल ने पीएसीएल की अपील खारिज करते हुए उसे सेबी के निर्देशों पर तीन महीने में अमल करने को कहा।

पीएसीएल पर सेबी ने अब तक का सबसे बड़ा जुर्माना लगाया, देने होंगे 7269 करोड़ रुपये

नई दिल्‍ली। बाजार नियामक सेबी ने पर्ल्स एग्रोटेक कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पीएसीएल) और इसके चार डायरेक्‍टर्स पर 7,269 करोड़ रुपए की पेनल्‍टी लगाई है। पीएसीएल को यह रकम 45 दिनों के भीतर चुकानी होगी। सेबी द्वारा किसी कंपनी पर लगाई गई यह सबसे बड़ी पेनल्‍टी है। सेबी के अनुसार पीएसीएल के डायरेक्‍टर्स तरलोचन सिंह, सुखदेव सिंह, गुरमीत सिंह और सुब्रता भट्टाचार्य ने लोगों से अवैध तरीके से पैसा जुटाया है। इसके चलते कंपनी पर इतना बड़ा जुर्माना लगाया गया है। ज्ञात हो पर्ल और पीएसीएलल की तरफ से ही एक न्यूज चैनल पी7 न्यूज चलाया जाता था। साथ ही कई पत्रिकाएं भी निकाली जाती थीं। बाद में कंपनी के फ्राड का खुलासा होने और कई एजेंसियों के शिकंजे में फंसने के बाद ये मीडिया हाउस बंद हो गया। यहां के कर्मचारियों ने अपने बकाया वेतन के लिए लंबा आंदोलन चलाया जिसके बाद उन्हें उनका हक मिल सका। हालांकि अब भी ढेर सारे कर्मी अपना बकाया पाने के लिए भटक रहे हैं।

पीएसीएल और पर्ल ग्रुप की संपत्ति बेचकर निवेशकों का पैसा लौटाने के आदेश, पेड मीडिया ने इस बड़ी खबर पर साधी चुप्पी

एक बड़ी खबर सुप्रीम कोर्ट से आ रही है. सहारा के घोटाले साइज से लगभग डबल साइज के घोटाले से घिरी पीएसीएल और पर्ल ग्रुप नामक कंपनियों की संपत्ति बेचकर निवेशकों का पैसा लौटाने का आदेश उच्चतम न्यायालय ने दिया है. इस बीच सीबीआई ने पीएसीएल और पर्ल ग्रुप के मालिक निर्मल सिंह भंगू समेत कंपनियों के कई निदेशकों के खिलाफ चीटिंग और साजिश की नया केस दर्ज किया है. पीएसीएल और पर्ल ग्रुप को करीब छह हजार करोड़ निवेशकों को छियालीस हजार करोड़ रुपये लौटाना है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इन छह हजार करोड़ रुपये के निवेशकों को उनका पैसा मिल जाएगा लेकिन कई लोगों का कहना है कि भंगू ने अपना पूरा कारोबार और ज्यादातर पैसा विदेशों में ट्रांसफर कर लिया है. इसलिए भारत में बेचने के लिए बहुत कुछ मिलने वाला नहीं है.

पीएसीएल के निवेशक परेशान, भंगू ने सम्मन फेंका कूड़ेदान में, एजेंसियां लाचार

पीएसीएल के हजारों करोड़ रुपये के फ्राड के पीड़ित धीरे धीरे सामने आ रहे हैं लेकिन पूरे तंत्र को भंगू ने इस तरह साध लिया है कि कहीं पीड़ितों की आवाज तक नहीं उठ रही है. सहारा उगाही मामले में सेबी और सुप्रीम कोर्ट ने भले तल्ख रुख दिखाकर सुब्रत राय को अंदर कर दिया लेकिन भंगू मामले में सारी मशीनरी असहाय दिख रही है. भारतीय सेना के रिटायर अधिकारी केएल शर्मा ने अपनी बिटिया की शादी के मकसद से पीएसीएल में अपनी सेविंग को इनवेस्ट कर दिया था. यह बात 2007 की है. बीते साल यह निवेश मेच्योर हो गया. उन्होंने कुल पौन तीन लाख रुपये लगाए थे. कंपनी ने मेच्योरिटी पर जो देने का वादा किया था, उसे तो छोड़िए, सेना के इस रिटायर अधिकारी को अपना मूल धन वापस नहीं मिल रहा. इस अधिकारी ने धन डबल होने के लालच में पैसा लगा दिया था.

केसर सिंह, शरद दत्त, विधू शेखर और उदय सिन्हा के खिलाफ नोटिस जारी

: उड़ीसा में भी विधु शेखर और केसर सिंह पर केस, अनशन कर रहे संजय कुमार की हालत खराब : पी7 न्यूज सैलरी विवाद की आंच उड़ीसा तक जा पहुंची है। जिस तरह से चिटफंड कंपनी पीएसीएल के पीड़ित लोग पूरे देश से सामने आ रहे हैं, उसी तरह पीबीसीएल के न्यूज़ चैनल पी7 से जुड़े पीड़ित पत्रकार भी देश भर से अपने हक की आवाज़ उठाते नज़र आ रहे हैं। पी7 चैनल मुख्यालय नोएडा में सैकड़ों पत्रकार कई दिनों से अपने हक के लिए डेरा डाले हैं। वहीं उड़ीसा में भी पत्रकारों ने पी7 न्यूज़ चैनल के खिलाफ लेबर कोर्ट में मामला दाखिल कर दिया है।

पीएसीएल ने भारतीय तंत्र को दिखाया ठेंगा, पाबंदी के बावजूद जमकर उगाही जारी

चिटफंड कंपनी पीएसीएल को हजारों करोड़ रुपये का फ्रॉड करने के कारण भले ही सरकारी सिस्टम चौतरफा शिकंजे में लिए हो लेकिन इस कंपनी की सेहत पर कोई असर पड़ता दिख नहीं रहा है. कंपनी के मालिक निर्मल सिंह भंगू के अघोषित आदेश के कारण पीएसीएल का पैसा उगाही अभियान जोरों पर जारी है. एक ताजे आंतरिक सर्वे में पता चला है कि इस कंपनी ने बिहार, यूपी, राजस्थान, मध्य प्रदेश समेत भारत के बहुत बड़े हिस्से में निवेशकों को बरगलाकर पैसे जमा कराने का काम जारी रखा हुआ है.

(राजस्थान का कोटा शहर. यहां चिटफंड कंपनी पीएसीएल का चमचमाता बड़ा सा आफिस बीच शहर में जोर शोर से चालू है. यहां हर रोज लाखों रुपये निवेशकों का जमा कराया जाता है. पीएसीएल के एजेंट स्थानीय लोगों को लंबे चौड़े सपने दिखाकर पैसे जमा कराते हैं और खुद भारी भरकम कमीशन खाते हैं. यह खेल पूरे देश में जारी है. हालांकि सेबी, सुप्रीम कोर्ट समेत कई एजेंसियों संस्थाओं ने इस कंपनी पर पाबंदी लगाकर निवेशकों से पैसे जमा कराने पर रोक लगा दी है और पहले जमा कराए गए पैसे लौटाने को कहा है. पर पीएसीएल के कर्ताधर्ता भारतीय तंत्र को धता बताकर अपना धंधा जारी रखे हुए हैं.)

PACL कंपनी दिवालिया, निवेशकों का धावा, मालिक भंगू फरार, सीबीआई टीमें कर रही तलाश

चिटफंड कंपनी पीएसीएल से एक बड़ी खबर आ रही है. इस कंपनी में पैसे लगाने वाले निवेशक इन दिनों बेचैन हैं. चर्चा आम है कि पीएसीएल कंपनी दिवालिया हो गई है. जो भी निवेशक परिपक्वता अवधि पूरे होने के बाद पैसे मांगने जाता है उसे कोई न कोई बहाना बनाकर बिना पैसे दिए लौटा दिया जाता है. इससे नाराज पीएसीएल के सैकड़ों निवेशकों ने पिछले दिनों पीएसीएल कंपनी के मालिक निर्मल सिंह भूंग के गुड़गांव स्थित घर के बाहर प्रदर्शन किया.

पी7 चोर है… पी7 शर्म करो… पी7 प्रबंधन हॉय हॉय… (देखें अनशन स्थल की कुछ तस्वीरें)

पी7 चोर है… पी7 शर्म करो… पी7 प्रबंधन हॉय हॉय… जी हां, ऐसी ही कई तख्तियां लगाकर, आफिस की दीवारों पर चिपका कर अनशन पर बैठे हैं दर्जनों पत्रकार. जबर्दस्त ठंढ में और अपने बीवी-बच्चों को घर पर अकेला छोड़कर दर्जनों पत्रकार साथी खुद के साथ हुई धोखाधड़ी के खिलाफ नोएडा में पी7 आफिस में अनशन पर बैठे हैं. कहा भी जाता है कि अगर पत्रकार अपने साथ हुए अन्याय के खिलाफ नहीं लड़ सकता तो वह दुनिया में चल रहे शोषण उत्पीड़न के खिलाफ कलम किस नैतिकता से उठा सकता है. तो, दर्जनों पत्रकार साथियों ने नोएडा में स्थित पीएसीएल और पर्ल ग्रुप के न्यूज चैनल पी7 के आफिस में डेरा डाल दिया है. 
.

मुकर गए चिटफंडिये भंगू के चेले, नाराज पत्रकारों ने सेलरी के लिए पी7 आफिस में फिर अनशन शुरू किया

जनता के अरबों-खरबों रुपये दबाए बैठी चिटफंड कंपनी पीएसीएल की तरफ से एक चैनल शुरू किया गया था, पी7 न्यूज नाम से. अब जबकि पीएसीएल और इसके मालिक भंगू पर सीबीआई, ईडी, आईटी, सेबी समेत कई एजेंसियों ने पूरी तरह शिकंजा कस दिया है, इस कंपनी के प्रबंधन से जुड़े लोगों ने जनता का जमा धन लौटाने की बात तो छोड़िए, अपने कर्मचारियों तक का बकाया देने से इनकार करना शुरू कर दिया है. पी7 प्रबंधन ने एक बार फिर कर्मचारियों के साथ धोखा किया है.  पिछले दिनों हड़ताली कर्मियों और प्रबंधन के बीच हुए समझौते के मुताबिक प्रबंधन को कर्मचारियों को सैलरी 15 दिसंबर को देना था, लेकिन वो अब तक नहीं दिया है… इससे नाराज सौ से ज्यादा कर्मचारी आज से P7 ऑफिस कार्यालय में धरने पर बैठ गए हैं…

49 हजार करोड़ रुपये के PACL Chitfund Scam में CBI ने अब तक किसी की गिरफ्तारी क्यों नहीं की : ममता बनर्जी

दिल्ली में ममता बनर्जी ने एक बार फिर सारधा घोटाले में सीबीआई कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताया. मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि सारधा घोटाले के समय सीबीआई व सेबी आखिर क्या कर रही थी? उन्होंने कहा, हमने पीएसीएल चिटफंड घोटाले के बारे में सुना है, जो 49 हजार करोड़ रुपये का है. इस मामले में सीबीआई ने अब तक कोई गिरफ्तारी क्यों नहीं की? उन्होंने कहा कि राजग सरकार में सीबीआई स्वतंत्र होने के बजाए प्रधानमंत्री कार्यालय के विभाग के तौर पर काम कर रही है. केंद्र इसका इस्तेमाल राजनीतिक हितों के लिए तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ कर रहा है. ममता बनर्जी ने सारधा घोटाले में अपने मंत्री मदन मित्रा की गिरफ्तारी के विरोध में पार्टी सांसदों को दिल्ली में प्रदर्शन करने का निर्देश दिया है. मुख्यमंत्री ने खुले मंच से केंद्र के खिलाफ मोर्चा खोलने का भी एलान किया था.

प्रतिरोध की आवाजों का नतीजा- सहारा जेल में, भंगू फरार

: तमाम कानूनों और सेबी को शक्ति दिए जाने के बावजदू अब भी बहुत आसान है जनता को ठग लेना : सचमुच लोकतंत्र में लोक यानी प्रजा यानि देशवासी ठगे जाने के लिए ही जन्मे हैं. राजशाही का तो ठगने के मामले में जनता पर पहला अधिकार है ही, अगर उसके बाद किसी को आसानी से ये अधिकार प्राप्त है तो वे हैं इस देश के नटवरलाल. फिर चाहे वे चिटफंड कम्पनियां बना कर लूटें या बुद्धू बना कर. जैसे लोकतंत्र में जनता को लूटने वाले नेताओं से सुरक्षा प्राप्त है फिर भी वह लुटती है और बार -बार लुटती है, जान बूझकर लुटती है, मानो उसे लूटा जाना ही उसकी नियति है वैसे ही बातों के मायाजाल में फांस कर इसी जनता को लूटने वालों से भी बचाने के लिए कानून है लेकिन फिर भी जनता लुटती है, क्योंकि कानून को ऐसे नटवरलाल जेब में रख कर चलते हैं.

‘PACL’ की असलियत : परिपक्वता अवधि पूर्ण होने के बाद भी एजेंट का लाखों रुपये दाबे बैठी है कंपनी

लगता है पीएसीएल कंपनी भी धराशाई होने की कगार पर है. यही कारण है कि यह कंपनी अपने निवेशकों का धन उन्हें परिपक्वता अवधि पूरी होने के बाद लौटा नहीं रही है. भड़ास4मीडिया को भेजे एक मेल में पीएसीएल के एक निवेशक सुरेंद्र कुमार पुनिया ने बताया है कि उनका इस कंपनी में एजेंट कोड Agent Code 1950022771 है. इनके कुल आठ एकाउंट हैं जिसमें कुल चार लाख रुपये यानि 4,00,000/- जमा हैं. इनकी परिपक्वता अवधि दिसंबर 2013 और जनवरी-फरवरी 2014 थी. पर कंपनी पैसे लौटाने में आनाकानी कर रही है. सुरेंद्र ने PACL Amount Refund मामले में भड़ास से दखल देने की गुजारिश की है.

सहारा की कई कंपनियां आज भी मार्केट से पूंजी उठाने में जुटीं हैं… कहां है सेबी?

चिटफंड कम्पनी टिम्बरवर्ल्ड के खिलाफ निर्णय सुनाते हुए दिल्ली की तीसहजारी कोर्ट ने सेबी के हुक्मरानों को भी खरी-खरी सुना दी. कोर्ट ने कहा है कि यदि नियामक संस्थाओं ने सुस्ती या लापरवाही न दिखाई होती और समय पर सख्त कार्यवाई की होती तो आज निवेशकों के करोड़ों रुपये डूबने से बच जाते. कोर्ट ने कम्पनी पर 25 करोड़ का जुर्माना लगाया है. इस कम्पनी ने नियमों की कमजोरी का फायदा उठाते हुए बाजार से सामूहिक निवेश के जरिये 22 करोड़ रुपये उठाये और फिर अन्य चिटफंड कम्पनियों की तरह कभी वापस नहीं किया.

पी7 न्यूज प्रबंधन अपने कर्मियों को 15 जनवरी तक फुल एंड फाइनल पेमेंट दे देगा, बवाल खत्म

पी7 न्यूज चैनल से सूचना आ रही है कि कल देर रात हड़ताली मीडियाकर्मियों और प्रबंधन के बीच समझौता हो गया. ये समझौता असिस्टेंट लेबर कमिश्नर शमीम अख्तर, सीओ द्वितीय अनूप सिन्हा और सिटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में हुआ. समझौते पर प्रबंधन की तरफ से केसर सिंह, शरद दत्त, विधु शेखर और उदय सिन्हा ने हस्ताक्षर किए. समझौते के मुताबिक प्रबंधन अपने स्टाफर और कांट्रैक्ट पर कार्य करने वाले कर्मियों को नवंबर खत्म होने से पहले अक्टूबर की सेलरी मिल जाएगी. 15 दिसंबर तक नवंबर की सेलरी मिल जाएगी. 30 दिसंबर तक फुल एंड फाइनल पेमेंट का आधा हिस्सा मिल जाएगा. 15 जनवरी को बाकी सारे ड्यूज क्लीयर कर देंगे.

‘पी7 न्यूज’ के निदेशक केसर सिंह को हड़ताली कर्मियों ने बंधक बनाया, चैनल पर चला दी सेलरी संकट की खबर

कई महीनों से सेलरी के लिए लड़ाई लड़ रहे पीएसीएल / पर्ल समूह के न्यूज चैनल पी7 न्यूज के हड़ताली कर्मचारियों के सब्र का बांध आज टूट गया. इन कर्मियों ने अपने ही चैनल पर सेलरी संकट की खबर चलाlते हुए चैनल का प्रसारण रोक दिया. साथ ही कई महीनों की बकाया सेलरी देने की मांग करते हुए चैनल के निदेशक केसर सिंह को उनके केबिन में ही बंधक बना लिया. कर्मचारियों का आरोप है कि केसर सिंह गुपचुप तरीके से चैनल बंद कर भागने और बकाया सेलरी हड़पने की फिराक में थे.

चैनल बंद कर भाग रहे निदेशकों को पी7 न्यूज कर्मचारियों ने घेरा, आफिस में बवाल

नोएडा से खबर है कि पी7 न्यूज चैनल बंद करके भाग रहे निदेशकों को मीडियाकर्मियों ने घेर लिया है. कई महीने से सेलरी न मिलने से नाराज मीडियाकर्मी चैनल के निदेशकों केसर सिंह आदि को उनके केबिन से बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं. मीडियाकर्मियों का आरोप है कि चैनल के निदेशकगण सेलरी न देने और बकाया पैसा हड़पने के इरादे से गुपचुप तरीके से चैनल बंद कर फरार होने की तैयारी कर रहे थे.

बिहार में पीएसीएल के चार ठिकानों पर छापेमारी, बैकडेट में जमा करा रहे थे पैसे

बिहार में ‘जमाकर्ता हित संरक्षण अधिनियम’ के तहत पहली बार आर्थिक अपराध इकाई (इओयू) ने पर्ल एग्रो टेक कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसीएल) के खिलाफ कार्रवाई की है. इओयू ने कंपनी के पूर्णिया, वैशाली, सासाराम और बिहारशरीफ स्थित कार्यालयों पर छापेमारी कर करीब 20 लाख रुपये नकद बरामद किया और कुछ कार्यालय संचालकों और प्रबंधकों को गिरफ्तार किया. चारों जिलों में कंपनी के नौ निदेशकों सह प्रमोटरों पर एफआइआर दर्ज की गयी है.

सेबी का आदेश- पीएसीएल नामक कंपनी के पास कोई मान्यता नहीं, जनता पैसा न लगाए

सेबी ने अखबारों में विज्ञापन निकालकर आम जन को आगाह किया है कि वे पी7न्यूज चैनल चलाने वाली कंपनी / समूह ‘पीएसीएल’ नामक कंपनी में एक भी पैसा न लगाएं क्योंकि इस कंपनी के पास किसी तरह का कोई लाइसेंस या मान्यता नहीं है. सेबी का कहना है कि जो कोई भी इस कंपनी में पैसा लगाएगा या लगाए हुए है, वह खुद जिम्मेदार होगा और इसका जोखिम वह खुद झेलेगा. जनहित में जारी विज्ञापन की कटिंग इस प्रकार है…

पर्ल ग्रुप पर पीएफ डिपार्टमेंट का छापा, बड़ा गड़बड़-घोटाला मिला

पर्ल ग्रुप की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। पहले निवेशकों को सपना दिखाकर उनसे उनकी गाढ़ी कमाई लूट कर धोखा किया गया और अब पर्ल्स ग्रुप के अधीन चल रहे न्यूज़ चैनल ‘पी7’की स्थिति लगातार चरमराती चली जा रही है। जहाँ चैनल ने अपने कर्मचारियों को सितम्बर से अब तक सैलरी नहीं दी है और मामला लेबर कमिश्नर की चौखट पर है वहीं बेशरमी की हद पार करते हुए चैनल का एक और फ्रॉड सामने आया है।  ताजा मामला पीएफ से जुड़ा हुआ है।  बताया जा रहा है कि चैनल ने पिछले सात महीने से कर्मचारियों का पीएफ ही नहीं जमा किया है। इस बात की पुष्टि तब हुई जब पीएफ डिपार्टमेंट की स्क्वाड टीम ने शुक्रवार को दोपहर 12 बजे चैनल में छापा मारा।

‘पी7न्यूज’ में रमन पांडेय समेत कई वरिष्ठों की नो इंट्री, चैनल की कमान उदय सिन्हा को

जब लुटिया डूबती है तो हर कोई इसके आगोश में आ जाता है।  कुछ ऐसा हाल इन दिनों पर्ल्स ग्रुप के चैनल “पी7” का है। खिसयानी बिल्ली खम्बा नोचे वाली कहावत के तहत पी7 चैनल का मैनेजमेंट अपने कर्मचारियों के साथ बदतमीजी पर उतारू है। आउटपुट हेड रमन पांडेय समेत कई लोगों की चैनल में नो एंट्री कर दी गयी है। पीएसीएल ग्रुप सेबी के शिकंजे में जबसे फंसा है तबसे इसके मीडिया वेंचर का बुरा हाल है। चैनल की आर्थिक स्थिति कई महीनों से खराब है और लगातार बिगड़ती जा रही है।  वक्त से सैलरी न मिल पाने के कारण चैनल के साथ जी जान से काम करने वाले कर्मचारी परेशान हैं।

कंपनी के मालिकों को बचाने के चक्कर में दलाल बन गए चिटफंडिया चैनलों के कई पत्रकार

इन दिनों कई चिटफंडिया चैनलों के पत्रकार दलालों की भूमिका में नज़र आ रहे हैं. नौकरी करने और बचाने के चक्कर में पत्रकार इन चिटफंड माफियाओं के दलाल बन गए हैं. जिसकी दलाली रास नहीं आती, वो जल्द ही चैनल छोड़ देते हैं. जिन चिटफंडिया पत्रकारों में पत्रकारिता कम, दलाली का हुनर ज्यादा है, उनकी गाड़ी निकल पड़ी है. पी7 न्यूज  नामक टीवी चैनल का हाल सबको पता है. ये PACLग्रुप का चैनल है. इनके दलाल पत्रकारों की लाख कोशिशों के बावजूद भी कंपनी को बचाया नहीं जा सका, सो अब चैनल भी बुरे दिन झेल रहा है. कई जवान से लेकर बूढ़े पत्रकार तक इस कंपनी की दलाली के काम में लगे थे. इनकी हालत पर वाकई तरस आती है.

पी7 न्यूज में हड़ताल, प्रसारण ठप, कई माह से सेलरी न मिलने के कारण लेबर कोर्ट गए कर्मी

 

पीएसीएल समूह की मीडिया कंपनी पर्ल मीडिया के न्यूज चैनल पी7 न्यूज से बड़ी खबर आ रही है कि यह चैनल मीडियाकर्मियों की हड़ताल के कारण बंद हो गया है. कई महीनों से सेलरी न मिलने के कारण चैनल का प्रसारण कर्मियों ने रोक दिया है. पी7 न्यूज चैनल में कार्यरत एक मीडियाकर्मी ने जानकारी दी कि पीएसीएल के चिटफंड के कारोबार पर सीबीआई, सेबी, इनकम टैक्स समेत कई विभागों के छापे व सुप्रीम कोर्ट के आदेश के कारण बुरा असर पड़ा है.

पीएसीएल का फ्रॉड और भंगू का झूठ : इनके सामने सहाराश्री तो बेचाराश्री नजर आते हैं

पीएसीएल फ्रॉड प्रकरण सामने आने के बाद से एक चेहरा जो मीडिया में छाया हुआ है वो है पर्ल्स ग्रुप के संस्थापक निर्मल सिंह भंगू का। 61 वर्षीय भंगू ने दावा किया है कि वो पीएसीएल के सिर्फ ‘सलाहकार’ हैं और सेबी ने गलती से उनको कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। लेकिन सच्चाई ये है कि भंगू और उसके नजदीकी रिशतेदारों की उन तीन में से दो कंपनियों में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है जो पीएसीएल को नियंत्रित करती हैं।

सहारा के लिए गरम और पीएसीएल के प्रति नरम क्यों है सेबी?

सुप्रीम कोर्ट द्वारा मामला वापस भेज देने के बाद बाज़ार विनियामक सेबी (भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड) ने पीएसीएल कंपनी की योजनाओं की पूरी जांच-पड़ताल की. नतीजा ये निकाला कि ये कंपनी कई पोन्ज़ी योजनाएं चला रही है। सेबी ने कंपनी को 5 करोड़ 85 लाख निवेशकों से खुले तौर पर भूमि आवंटन के नाम पर जमा किए गए 49,100 करोड़ रुपए लौटाने का आदेश दिया है। तकरीबन 4 करोड़ 63 लाख निवेशकों को अभी भूमि आवंटित की जानी शेष है, और सेबी ने 500 निवेशकों के एक नमूने में पाया कि उनमें से किसी को कभी भी कोई भूमि आवंटित नहीं की गयी। इससे सेबी का ये मत पुष्ट हुआ कि भूमि-आवंटन इस पूरे मामले में धन-शोधन गतिविधियों पर पर्दा डालने के लिए एक छलावा मात्र है।

भंगू, भट्टाचार्या समेत पीएसीएल के नौ प्रमोटरों-डायरेक्टरों के खिलाफ फ्राड-चीटिंग का मुकदमा चलेगा

पहले सीबीआई की रेड, फिर इनकम टैक्स की मार और अब सेबी का प्रहार. एक के बाद एक झटकों से चिटफंड कंपनी पीएसीएल का धंधा चरमराने की कगार पर आ गया है. निवेशकों में आशंका व्याप्त हो गई है. सेबी के ताजे आदेश के बाद पीएसीएल के नौ प्रमोटरों-डायरेक्टरों के जेल जाने की नौबत आ गई है. सेबी ने पीएसीएल के निर्मल सिंह भंगू, सुब्रत भट्टाचार्या, तरलोचन सिंह, गुरमीत सिंह, सुखदेव सिंह, गुरनाम सिंह, आनंद गुरवंत सिंह, उप्पल देविंदर कुमार और टाइगर जोगिंदर के खिलाफ फ्राड, चीटिंग आदि का मुकदमा चलाने का आदेश दिया है. सेबी के 92 पेजी आदेश पर आधारित एक संक्षिप्त खबर इस प्रकार है…