निगम बोध घाट पर अक्षय का अंतिम संस्कार, मौत की एसआईटी जांच कराएंगे एमपी के सीएम शिवराज सिंह चौहान

दिल्ली में रविवार दोपहर निगमबोध घाट पर आजतक के रिपोर्टर अक्षय सिंह का अंतिम संस्कार कर दिया गया। अक्षय सिंह को अंतिम विदाई देने के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी के वरिष्ठ नेता अजय माकन निगम बोध घाट पर पहुंचे। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मौत की SIT जांच का भरोसा दिया है। शिवराज ने घटना पर शोक व्यक्त करते हुए आश्वासन दिया है कि राज्य सरकार मामले की जांच में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेगी। 

दिल्ली में रविवार दोपहर निगम बोध घाट पर पत्रकार अक्षय सिंह की अंत्येष्टि में शामिल होने पहुंचे राहुल गांधी, सीएम केजरीवाल, डिप्टी सीएम सिसौदिया

‘आजतक’ लिखता है – ”अक्षय पिछले चार दिनों से मध्य प्रदेश की अलग-अलग जगहों पर जाकर व्यापम घोटाला कवर कर रहे थे। तीन लोगों की टीम इस घोटाले पर स्पेशल रिपोर्ट तैयार करने मेघनगर गई थी। अक्षय शनिवार को नम्रता डामोर के परिजनों का इंटरव्यू लेने मेघनगर गए। साल 2012 में नम्रता डामोर का नाम व्यापम घोटाले में आने के बाद उज्जैन में रेल पटरियों के पास उनका शव संदिग्ध परिस्थ‍ितियों में बरामद किया गया।

” नम्रता के पिता मेहताब सिंह डामोर ने कहा, ‘आज दोपहर घर पर एक रिपोर्टर सहित चैनल के तीन लोग आए थे। बातचीत होने के बाद संबंधित कागजात की फोटोकॉपी कराने हमारा एक परिचित बाजार गया। रिपोर्टर सहित चैनल के लोग जब उनके घर के बाहर फोटोकॉपी का इंतजार कर रहे थे, तभी अक्षय के मुंह से अचानक झाग निकलने लगा और उन्हें तत्काल सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें एक निजी अस्पताल भेज दिया गया.’

”हालांकि उस निजी अस्पताल से अक्षय को मध्य प्रदेश की सीमा से लगे गुजरात के दाहोद भी ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। सीएम शिवराज सिंह ने कहा, ‘गुजरात के दाहोद में डॉक्टरों की टीम पत्रकार का पोस्टमार्टम कर रही है, जिसकी वीडियोग्राफी भी हो रही है।’

”आजतक से फोन पर हुई बातचीत में सीएम चौहान ने कहा कि 4-5 दिन पहले तक यानी नरेंद्र कैलाश सिंह तोमर और राजेंद्र आर्य की मौत से पहले तक किसी भी आरोपी की मौत पर परिजनों ने संदिग्ध मौत की शिकायत नहीं की। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने एकाएक मीडिया में इस बात को उछाला है।

” मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि व्यापम घोटाले की जांच हाईकोर्ट के अंतर्गत है इसलिए उनकी सरकार इसमें कोई फैसला नहीं ले सकती। उन्होंने कहा कि इस घोटाले की सीबीआई जांच से उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। हालांकि कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा कि सीएम जनता को भ्रमित कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘सीएम को सीबीआई जांच के लिए बस एक चिट्ठी लिखने की जरूरत है।

”कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने पत्रकार अक्षय सिंह की मौत पर संवेदना प्रकट की। साथ ही उन्होंने कहा कि संवाददाता की मौत संदिग्ध है। आजतक से फोन पर बातचीत में दिग्विजय ने सवाल उठाते हुए कहा, ‘शनिवार सुबह 8 बजे अक्षय जब इंदौर से झाबुआ रवाना हुए थे तब वो स्वस्थ थे। फिर अचानक दो मिनट के अंदर उनके मुंह से झाग कैसे निकलने लगे? ट्विटर पर दिग्विजय सिंह ने कहा कि उन्होंने इस सिलसिले में अक्षय को आगाह भी किया था।”

अक्षय सिंह की मौत के बाद एक बार फिर व्यापम घोटाले से जुड़े लोगों की मौतों के बढ़ते आंकड़े को लेकर बहस छिड़ गई है। प्रदेश कांग्रेस ने व्यापमं घोटाले से जुड़े व्यक्तियों की मौत को लेकर दावा किया है कि अब तक 33 नहीं, बल्कि 46 मौतें हो चुकी हैं। मुख्य प्रवक्ता केके मिश्रा ने एसआईटी को मृतकों की सूची सौंपते हुए गहराई से जांच की मांग की है। साथ ही जेल में बंद पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा, सुधीर शर्मा, पंकज त्रिवेदी, नितिन, यूसी उपरीत की सुरक्षा को लेकर आशंका जाहिर की है। 

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी अक्षय सिंह की मौत पर शोक व्यक्त किया है. उन्होंने ट्विटर के जरिए संवेदना जताते हुए कहा, ‘युवा पत्रकार अक्षय सिंह की असमय मौत से मैं दुखी हूं। उनके परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं।’

My condolences on sad & untimely demise of young journalist Akshay Singh. My thoughts & prayers are with the bereaved family.

— Arun Jaitley (@arunjaitley)

आप नेता संजय सिंह ने भी ट्वीट करके मुख्यमंत्री शिवराज चौहान पर निशाना साधा। उन्होंने शिवराज की तुलना यमराज से करते हुए लिखा- ‘शिवराज या यमराज:व्यापम घोटाले में CM से लेकर राज्यपाल तक संदेह के घेरे में हैं।’

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