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सियासत

हम तुम रहिबे जौ दुनिया में इंदल फेरि मिलैंगे आय…

Dont beat brother even if he lost your son in Kumbh Mela : बड़े भाई का सम्मान किए जाने और आज्ञाकारिता को लेकर कई जगह कई तरह का बखान पढ़ने-सुनने को मिलता है। एक प्रसंग आल्हा-उदल का भी आता है। इक बार मेले में आल्हा के पुत्र इंदल का अपहरण हो जाता है। इंदल मेले में उदल के साथ गये थे। आल्हा ने गुस्से में उदल की बहुत पिटाई की। इसका प्रसंग कुछ यूं है:

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Dont beat brother even if he lost your son in Kumbh Mela : बड़े भाई का सम्मान किए जाने और आज्ञाकारिता को लेकर कई जगह कई तरह का बखान पढ़ने-सुनने को मिलता है। एक प्रसंग आल्हा-उदल का भी आता है। इक बार मेले में आल्हा के पुत्र इंदल का अपहरण हो जाता है। इंदल मेले में उदल के साथ गये थे। आल्हा ने गुस्से में उदल की बहुत पिटाई की। इसका प्रसंग कुछ यूं है:

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”हरे बांस आल्हा मंगवाये औ उदल को मारन लाग।”

ऊदल चुपचाप मार खाते रहे, बिना प्रतिरोध के। तब आल्हा की पत्नी ने आल्हा को रोकते हुये कहा:-

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हम तुम रहिबे जौ दुनिया में इंदल फेरि मिलैंगे आय
कोख को भाई तुम मारत हौ ऐसी तुम्हहिं मुनासिब नाय।

अर्थात

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Dont beat brother even if he lost your son in Kumbh Mela.

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